एमपी की अर्थव्यवस्था पर ईरान-इजराइल युद्ध का असर, व्यापारी और किसान झेल रहे करोड़ों को नुकसान

Aman Vaishnav | Mar 10, 2026, 14:18 IST
iran israel war impact madhya pradesh economy
पश्चिम एशिया के युद्ध का असर अब मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। व्यापार रुकने और निर्यात बंद होने से आम जनता और किसान दोनों ही परेशान हैं। संकट की इस घड़ी में राज्य की स्थिति जानने के लिए खबर को आखिरी तक पढ़ें।

ईरान-इजराइल युद्ध का असर अब मध्यप्रदेश तक पहुंच चुका है। निर्यात रुकने लगे हैं और गैस सप्लाई भी प्रभावित हो रही है। इससे किसान, व्यापारी और आम लोगों को परेशानी हो रही है।



इस स्थिति का आकलन करने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आज 10 मार्च को एक बैठक बुलाई है। इस बैठक में ईंधन भंडारण और खाद्य सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी। राज्य में पेट्रोल-डीजल के स्टॉक पर अब कड़ी नजर रखी जा रही है।



b19be01e-a97


कृषि क्षेत्र में नुकसान

बाड़वानी जिले के केला किसानों को इस बार सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। नर्मदा घाटी के केले पहले खाड़ी देशों जैसे ईरान, इराक, बहरीन और यूएई में भेजे जाते थे। अब युद्ध की वजह से इनका निर्यात रुक गया है। इसके कारण कीमतें 25 रुपये प्रति किलो से घटकर 8-9 रुपये तक रह गई है। ये कीमत अब किसानों के लिए उत्पादन की लागत से भी कम है।



हजारों एकड़ में फैले केला बागान अब प्रभावित हो गए हैं। किसानों का कहना है कि उर्वरक और श्रम लागत तो बढ़ी है, लेकिन बाजार में घरेलू आपूर्ति ज्यादा होने की वजह से भाव गिर गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि सिर्फ जिला स्तर पर 200 टन निर्यात रुकने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है।



पूरी खबर यहां पढ़ें... ईरान-इजरायल जंग का एमपी के किसानों पर असर, चावल के बाद केले की सप्लाई ठप



d8856352-652


गिरने लगे धान के दाम

जंग का असर चावल पर भी देखने को मिला है। खासकर नर्मदापुरम जिले में बासमती चावल का व्यापार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। समुद्री रास्ता बंद होने के कारण माल बाहर नहीं भेजा जा रहा है। इसके चलते पिपरिया के कारखानों में करोड़ों रुपए का चावल फंसा हुआ है।



इन कारखानों से रोजाना 20 से 25 टन बासमती चावल खाड़ी देशों में भेजा जाता था। अब माल का उठाव नहीं हो पा रहा है, जिससे गोदाम भर गए हैं। युद्ध के पहले दिन से ही धान के दाम गिरने लगे थे। इससे व्यापारी और किसान दोनों परेशान हैं।



पूरी खबर पढ़ें... ईरान-इजराइल वॉर का एमपी पर असर, नर्मदापुरम में अटका करोड़ों का माल, किसान परेशान



व्यापार पर पड़े झटके

भोपाल के इत्र बाजार में भी युद्ध की मार देखने मिली है। लगभग 70% की भारी गिरावट आ गई है। खासकर जुमेराती गेट के पास स्थित 100 साल पुरानी दुकानों का व्यापार खाड़ी देशों में नहीं हो पा रहा है। व्यापारी सैयद साजिद अली का कहना है कि रमजान से पहले उनका कारोबार सिर्फ 30% रह गया है।



52f36a4e-e46


कपड़ा उद्योग, ड्रायफ्रूट्स के बढ़े दाम

बुरहानपुर के कपड़ा उद्योग में यार्न (20-23, 50-60 काउंट) के दाम भी बढ़ गए हैं। रसायनों और कच्चे माल के आयात में दिक्कतें आ रही हैं। इसके अलावा ड्रायफ्रूट्स (खजूर) के दाम भी 20-40% तक बढ़ गए हैं, जो रमजान और ईद से पहले बाजार को और प्रभावित कर रहा है।



a73206be-3a8


ऊर्जा संकट पर युद्ध का असर

इजराइल ईरान युद्ध का असर अब गैस सप्लाई पर भी दिखने लगा है। सोमवार, 9 मार्च से ऑयल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी रोक दी है। इसका सीधा असर होटल, रेस्त्रां, मैरिज गार्डन और छोटे-बड़े उद्योगों पर पड़ सकता है।



पूरी खबर यहां पढ़ें... युद्ध के असर से कमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी रुकी, होटल-रेस्त्रां पर संकट!



3606c0dd-768



यात्रा और अन्य प्रभाव

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सीधा असर अब हवाई यात्रियों की बुकिंग पर भी दिखने लगा है। हर साल हजारों लोग मध्यप्रदेश से खाड़ी देशों में घूमने जाते हैं, लेकिन इस बार सुरक्षा कारणों से लोग अपनी टिकटें रद्द करवा रहे हैं। इससे टूरिज्म इंडस्ट्री को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। एयरस्पेस बंद होने के कारण मध्यप्रदेश के 750 से ज्यादा यात्री खीड़ी देशों में फंसे हैं।



f47959b1-12b


एमपी न्यूज:भोपाल से दिल्ली उड़ान भरने वाले यात्रियों को झटका , फ्लाइट 20 दिन के लिए रद्द



Tags:
  • एमपी न्यूज
  • मुख्यमंत्री मोहन यादव
  • इजराइल
  • ईरान
  • इजराइल ईरान युद्ध
  • मिडिल ईस्ट