नई समिति कराएगी जबलपुर जिला बार चुनाव: नई एडहॉक समिति बनी, 15 दिन में होगा मतदान
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला
- 20 जुलाई को जबलपुर जिला अधिवक्ता संघ का मतदान हंगामे के बीच रद्द हो गया था।
- मतदान में अव्यवस्था और अनियमितता की कई शिकायतें सामने आई थीं।
- मुख्य चुनाव अधिकारी ने मतदान रद्द कर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
- अपील समिति के सदस्यों ने भी अपना इस्तीफा परिषद को सौंप दिया।
- अब राज्य अधिवक्ता परिषद ने नई समिति बनाकर चुनाव पूरा कराने का फैसला लिया है।
जबलपुर जिला अधिवक्ता संघ चुनाव में हुए विवाद के बाद नई शुरुआत की तैयारी हो गई है। मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद ने नई एडहॉक समिति का गठन कर दिया है। साथ ही नए मुख्य चुनाव अधिकारी की भी नियुक्ति की गई है।
परिषद ने साफ कहा है कि मतदान से आगे की पूरी चुनाव प्रक्रिया 15 दिन के भीतर पूरी की जाए। चुनाव निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण माहौल में कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मतदान रद्द होने के बाद परिषद ने लिया बड़ा फैसला
20 जुलाई को जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव के लिए मतदान होना था। मतदान शुरू होने के कुछ देर बाद ही डिस्टिक कोर्ट में जोरदार हंगामा मचा और फर्जी मतदान के आरोप भी लगे। मतदान शुरू होने के बाद कई तरह की शिकायतें सामने आईं।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान हंगामा भी हुआ। इसके बाद मतदान रद्द कर दिया गया। मुख्य चुनाव अधिकारी ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मामला मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद तक पहुंचा।
बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने की थी नई समिति की मांग
परिषद के आदेश के अनुसार कई अधिवक्ताओं ने चुनाव पूरा कराने की मांग की थी। उनका कहना था कि नई समिति बनाकर बची हुई प्रक्रिया पूरी कराई जाए। परिषद को चुनाव अधिकारी के इस्तीफे और मतदान निरस्त होने की जानकारी भी मिली। इसके साथ कई शिकायतें और आवेदन भी परिषद के सामने पहुंचे।
अपील समिति ने भी छोड़ी जिम्मेदारी
जिला अधिवक्ता संघ की तीन सदस्यीय अपील समिति ने भी परिषद को अलग आवेदन भेजा। समिति ने अपने इस्तीफे की जानकारी दी। साथ ही नई एडहॉक समिति बनाकर चुनाव पूरा कराने का अनुरोध किया। इसके बाद परिषद ने पूरे मामले पर विचार किया।
सात सदस्यीय एडहॉक समिति का हुआ गठन
मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद की विशेष समिति ने सात सदस्यीय एडहॉक समिति बनाई है। इस समिति के संयोजक वरिष्ठ अधिवक्ता प्रहलाद चौधरी बनाए गए हैं। राजकुमार दुबे को सह संयोजक की जिम्मेदारी मिली है। समिति में संपूर्ण तिवारी, सुनील चौबे, अभय सिंह ठाकुर, प्रवीण चतुर्वेदी और अरविंद कुमार चौधरी को सदस्य बनाया गया है। यही समिति अब शेष चुनाव प्रक्रिया पूरी कराएगी।
नए मुख्य चुनाव अधिकारी की भी हुई नियुक्ति
परिषद ने अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय को नया मुख्य चुनाव अधिकारी नियुक्त किया है। अब उनके नेतृत्व में मतदान से आगे की प्रक्रिया पूरी होगी। परिषद ने जिला अधिवक्ता संघ की मौजूदा कार्यकारिणी और कार्यालय को पूरा सहयोग देने के निर्देश दिए हैं।
15 दिन में पूरा करना होगा चुनाव
परिषद ने नई समिति को स्पष्ट समय सीमा दी है। समिति को अधिकतम 15 दिनों के भीतर चुनाव पूरा करना होगा। मतदान निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराया जाएगा। साथ ही अधिवक्ताओं के बीच सौहार्द बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।
पिछली घटनाओं से सीख लेकर होगी नई तैयारी
परिषद ने अपने आदेश में माना कि पिछली मतदान प्रक्रिया विवादों में घिर गई थी। इसलिए नई व्यवस्था बनाई गई है। उद्देश्य यही है कि सभी अधिवक्ताओं का चुनाव पर भरोसा बना रहे। नई समिति से पारदर्शी चुनाव कराने की उम्मीद की जा रही है।
अब नई मतदान तिथि पर रहेगी सबकी नजर
नई समिति के गठन के बाद अब अधिवक्ताओं की निगाह नई मतदान तिथि पर है। परिषद के आदेश से साफ है कि चुनाव प्रक्रिया दोबारा शुरू होगी। माना जा रहा है कि जल्द ही नई तारीख घोषित की जाएगी। इसके बाद जिला अधिवक्ता संघ को नई कार्यकारिणी मिल सकेगी।
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