जबलपुर क्रूज हादसा: बिना बीमा और मंजूरी के चल रही थी मौत की सवारी, जांच में खुलासा
जबलपुर के बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। जैसे-जैसे इस मामले की जांच आगे बढ़ रही है। प्रशासन और क्रूज मैनेजमेंट की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है।
इस हादसे में 13 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। अब जो खुलासे हो रहे हैं वे वाकई हैरान करने वाले हैं। जानकारी के अनुसार जिस क्रूज पर लोग सैर कर रहे थे उसका बीमा तक नहीं था। इसके अलावा उसे चलाने के लिए पर्यावरणीय मंजूरी भी नहीं ली गई थी।
जांच के लिए बनी चार सदस्यीय कमेटी
राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक चार सदस्यीय कमेटी बनाई है। इस कमेटी का नेतृत्व अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) करेंगे।
इसमें एडी होमगार्ड, जबलपुर संभागायुक्त और पर्यटन विभाग के सचिव भी शामिल हैं। कमेटी को 15 दिन में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार राज्य में क्रूज संचालन के लिए कोई स्पष्ट नियम (एसओपी) नहीं हैं। इसी कारण अब जांच के लिए बिंदु तय किए जा रहे हैं। गोवा की क्रूज संचालन नीति का भी अध्ययन किया जाएगा।
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जांच में लापरवाही के संकेत मिले
शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि क्रूज का एक इंजन सही से काम नहीं कर रहा था। इसके अलावा ये भी बात सामने आई कि उसकी गति भी धीमी हो सकती है। तकनीकी जांच के बाद ही असली कारण पूरी तरह से सामने आएगा।
पर्यटन और संस्कृति राज्यमंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी (Dharmendra Singh Lodhi) ने कहा कि जांच में लापरवाही के संकेत मिले हैं। जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होगी यह अंतिम रिपोर्ट के बाद ही साफ होगा।
हादसे के पीछे खराब मौसम को कारण माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार तेज हवाओं की वजह से क्रूज डगमगाया। ऊपरी डेक पर मौजूद पर्यटक घबराकर नीचे आ गए थे। इससे क्रूज का संतुलन बिगड़ गया था। इस दौरान उसमें पानी भर गया और यात्री बाहर निकलने लगे थे।
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घायलों से पैसे वसूले, लाइसेंस रद्ध
क्रूज हादसे में घायलों से पैसे वसूलने के मामला भी सामने आया है। जिला प्रशासन ने जबलपुर के नोबल मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल का लाइसेंस एक महीने के लिए निलंबित कर दिया है। कलेक्टर के निर्देश पर अब अस्पताल में नए मरीजों की भर्ती पर भी रोक लगा दी गई है।
दरअसल अस्पताल ने एक घायल महिला से चार हजार 700 रुपए वसूले थे। प्रशासन की सख्ती के बाद अस्पताल को पीड़ित महिला सविता शर्मा के परिजनों को ये राशि वापस करनी पड़ी है। इसके अलावा विभाग ने अस्पताल से सात दिन के अंदर स्पष्टीकरण भी मांगा है।
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क्या है जबलपुर क्रूज हादसा?
30 अप्रैल 2026 की शाम जबलपुर के बरगी डेम में एक भयानक क्रूज हादसा हुआ था। यह घटना नर्मदा नदी के जलाशय में घटी थी। एक क्रूज नाव अचानक खराब मौसम और तेज आंधी के कारण पलट गई थी।
इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई है। इनमें दिल्ली और तिरुचिरापल्ली के एक ही परिवार के कई लोग शामिल थे।
जानकारी के अनुसार घटना के वक्त करीब 5:30 बजे अचानक मौसम बिगड़ गया था। तेज हवाएं चलने लगी थी। इससे लहरें तेज हो गईं और क्रूज का संतुलन बिगड़ गया। जल्द ही पानी भरने लगा और क्रूज डूबने लगा।
जांच में यह सामने आया कि क्रूज पर सुरक्षा के सारे नियमों का उल्लंघन किया गया था। यात्रियों को समय पर लाइफ जैकेट नहीं दी गईं थी।
जब नाव डूबने लगी, तब अफरा-तफरी में ये बांटी गईं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार क्रूज की क्षमता से ज्यादा लोग उसमें सवार थे यानी यह ओवरलोडेड था।
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