बरेला हिट एंड रन केस: पांच मजदूरों की मौत पर फूटा गुस्सा, शव रखकर हाईवे जाम, NHAI पर लापरवाही के आरोप
News In Short
- जबलपुर के बरेला टोल नाके के पास हादसे में अब तक 5 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है।
- गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने परिजनों संग जबलपुर-मंडला हाईवे किया जाम किया है।
- मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख व नौकरी देने की मांग की गई है।
- घायलों को 10-10 लाख रुपए मुआवजे की मांग की गई है।
- प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के आंकड़ों में मौतों की संख्या को लेकर विरोधाभास देखने को मिला।
News in Detail
हिट एंड रन हादसे के बाद भड़का आक्रोश
बरेला इलाके में हुए हिट एंड रन सड़क हादसे को लेकर सोमवार को लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेतृत्व में मृतकों के परिजन और स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए।
लोगों ने जबलपुर-मंडला नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने शव सड़क पर रखकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पांच मजदूरों की मौत
रविवार दोपहर बरेला टोल नाके के पास सड़क किनारे खाना खा रहे करीब 20 मजदूरों को तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया था। इस दर्दनाक हादसे में अब तक पांच महिलाओं की मौत की प्रशासनिक पुष्टि हो चुकी है।
वहीं 11 मजदूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल जबलपुर में इलाजरत हैं। इनमें कुछ की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
NHAI पर गंभीर आरोप, सुरक्षा पर सवाल
प्रदर्शन कर रहे लोगों और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना है कि गाड़ियों की तेज आवाजाही वाली सड़क पर बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के मजदूरों से काम कराया जा रहा था, जो सीधे तौर पर हादसे की वजह बना।
मुआवजा और नौकरी की मांग
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपए मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई है। साथ ही गंभीर रूप से घायल मजदूरों को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की भी मांग की गई है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। आपको बता दें कि पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपए और घायलों के लिए 1 लाख के मुआवजे की घोषणा कर चुके हैं।
मौतों के आंकड़े पर विरोधाभास
धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों ने दावा किया है कि हादसे में अब तक 6 मजदूरों की मौत हो चुकी है। कार की चपेट में कुल 16 मजदूर आए थे। हालांकि प्रशासन ने फिलहाल सिर्फ पांच मौतों की ही आधिकारिक पुष्टि की है। इसी विरोधाभास को लेकर भी मौके पर जमकर बहस और नाराजगी देखने को मिली।
अधिकारियों के साथ एसडीएम सड़क पर बैठे
नेशनल हाईवे को जाम करने की सूचना मिलने के बाद ही एसडीएम अभिषेक ठाकुर और अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। प्रदर्शनकारियों के साथ सड़क पर ही बैठकर अधिकारी उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं।
कार का मालिक गिरफ्तार, चालक फरार
अब तक पांच मजदूरों की मौत का कारण बनी कार को लखन सोनी चला रहा था। लखन मझौली के पोंडा गांव का रहने वाला है। यह कार लखन के भाई दीपक सोनी के नाम दर्ज है। पुलिस ने कार मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल कार चालक की तलाश जारी है।
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