जबलपुर के मैकेनिक साइमन की बेटी रुबीना फ्रांसिस ने पेरिस पैरालंपिक में मारी बाजी, जानें इनसाइड स्टोरी

Sandeep Kumar | Aug 31, 2024, 23:47 IST
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रिकेट्स की समस्या से ग्रसित होने के बावजूद रुबीना फ्रांसिस ने पेरिस पैरालंपिक में देश का मान बढ़ाया हैं। रुबीना ने भारत को आज पांचवा पदक दिलाया है। आइए जानते है कौन है...

मध्य प्रदेश के जबलपुर की रहने वाली रुबीना के पिता साइमन फ्रांसिस ( simon francis ) मोटर मैकेनिक हैं । मां सुनीता फ्रांसिस ( Sunita Francis ) जबलपुर के प्रसूतिका गृह में नर्स हैं। मध्य प्रदेश के जबलपुर में 1999 में जन्मीं रुबीना फ्रांसिस ( Rubina Francis ) बचपन से ही दिव्यांग हैं। वे रिकेट्स ( rickets ) नामक बीमारी से जूझ रही हैं। रुबीना पैरों से 40 प्रतिशत दिव्यांग हैं। हालांकि, उन्होंने अपनी शारीरिक अक्षमता ( physical disability ) को कभी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने अपना दमखम दिखाकर भारत का नाम पैरालंपिक ( Paralympics ) में ऊंचा किया है।



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इस बीमारी से जूझ रहीं रुबीना

रुबीना रिकेट्स की समस्या से ग्रसित हैं। रिकेट्स बीमारी बच्चों में हड्डियों के विकास ( bone development ) को प्रभावित करती है। इस बीमारी की वजह से पीड़ित को हड्डियों में दर्द और कमजोरी महसूस होती है। बताया जा रहा है कि कभी शारीरिक कमजोरी उनके लक्ष्य के बीच में नहीं आई।



टैलेंट सर्च प्रोग्राम में हुई हुनर की पहचान

साल 2014 में सेंट एलॉयसिस स्कूल ( St. Aloysius School ) में आयोजित टैलेंट सर्च प्रोग्राम में रुबीना को अपने हुनर की पहचान हुई थी। उन्हें इस प्रोग्राम में भाग लेने के बाद अहसास हुआ कि वह पैरा शूटिंग में अच्छा कर सकती हैं।



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अकादमी का खर्च निकालना पड़ा मुश्किल

रुबीना के पिता साइमन फ्रांसिस की जबलपुर में ग्वारीघाट रोड पर बाइक रिपेयरिंग की दुकान थी। नगर निगम ने उनकी दुकान तोड़ दी। जिसके बाद रुबीना को अकादमी का खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। हालांकि रुबीना के भाई ने पढ़ाई के साथ-साथ काम करके बहन की मेहनत करने की कोशिश की। इसके बावजूद भी अकादमी की फीस भरना उनके लिए मुश्किल हो रहा था। इस वजह से उन्हें अकादमी से निकाल लिया गया।



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रुबीना ने हासिल की ये उपलब्धियां

रुबीना ने जुलाई 2024 में द्विपक्षीय नियम के तहत पेरिस पैरालंपिक ( Paris paralympics ) के लिए ओलंपिक कोटा ( olympic quota ) हासिल किया था। 2021 में अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (International Shooting Sport Federation ) द्वारा उन्हें महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 में पांचवां स्थान दिया गया था। उन्होंने 2018 एशियाई पैरा खेलों में पी2-महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल भाग लिया था। उन्होंने 2022 में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अल ऐन में आयोजित विश्व शूटिंग पैरा स्पोर्ट चैंपियनशिप ( World Shooting Para Sport Championship ) में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद अब साल 2024 में पेरिस पैरालंपिक के तीसरे दिन भारतीय पैरा शूटर रुबीना फ्रांसिस ( para shooter rubina francis ) ने कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने महिला 10 मीटर एयर पिस्टल एसएस1 (air pistol ss-1 ) के फाइनल में तीसरे स्थान पर रहते हुए 211.1 का स्कोर किया।





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