जीवाजी यूनिवर्सिटी पर फिर उठे सवाल: 4 अप्रैल का पेपर 1 अप्रैल को ही बांटा दिया, परीक्षा रद्द
NEWS IN SHORT
- जीवाजी यूनिवर्सिटी की बड़ी लापरवाही के कारण हजारों छात्रों के भविष्य और उनकी मेहनत पर पानी फिर गया।
- गुना जिले के एक परीक्षा केंद्र पर 4 अप्रैल को होने वाला पेपर 1 अप्रैल को ही बांट दिया गया।
- इस गंभीर चूक के सामने आने के बाद पूरे विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
- पेपर लीक होने जैसी स्थिति को देखते हुए यूनिवर्सिटी ने इस परीक्षा को तुरंत रद्द कर दिया है।
- इस बड़ी गड़बड़ी के कारण अब हजारों छात्र अपनी अगली परीक्षा तिथि का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
NEWS IN DETAIL
MP News. मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित जीवाजी विश्वविद्यालय (Jiwaji University) एक बार फिर परीक्षा में लापरवाही का मामला सामने आया है। गुना जिले के एक परीक्षा केंद्र पर परीक्षा में एक बड़ी चूक हुई है।
दरअसल जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर के इस परीक्षा केंद्र पर जो पेपर 4 अप्रैल 2026 को आयोजित होना था, उसे परीक्षा केंद्र पर 1 अप्रैल को ही खोलकर छात्रों के बीच बांट दिया गया।
इस बड़ी गड़बड़ी (Exam Blunder) के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में परीक्षा को रद्द (Exam Cancelled) करने का फैसला लेना पड़ा।
क्या है पूरा मामला?
ग्वालियर संभाग के अंतर्गत आने वाले गुना जिले के शासकीय महाविद्यालय आरोन (Government College, Aron) में यह चूक हुई है। एक अप्रैल 2026 को सुबह की शिफ्ट में बीएससी थर्ड ईयर (B.Sc 3rd Year) की परीक्षा आयोजित की जा रही थी।
नियम के अनुसार, उस दिन जो पेपर होना था उसकी जगह गलती से ‘मेजर सब्जेक्ट-1, ग्रुप ए: फिजिक्स’ (Physics) का पेपर खोल दिया गया। गौर करने वाली बात यह है कि फिजिक्स की यह परीक्षा असल में 4 अप्रैल को निर्धारित थी। जैसे ही छात्रों के हाथों में प्रश्नपत्र पहुंचा, वे चौंक गए। छात्रों ने तुरंत शिक्षकों को इसकी जानकारी दी कि यह पेपर आज का नहीं है। देखते ही देखते परीक्षा केंद्र पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
20 हजार छात्रों पर पड़ा असर
कॉलेज प्रबंधन की इस लापरवाही का खामियाजा जीवाजी यूनिवर्सिटी से एफिलेटेड सभी कॉलेजों के लगभग 20 हजार छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
- परीक्षा रद्द: विश्वविद्यालय ने आधिकारिक तौर पर 4 अप्रैल को होने वाली फिजिक्स की परीक्षा को रद्द कर दिया है।
- अब मई में होगा पेपर: विश्वविद्यालय के कुलसचिव (Registrar) राजीव मिश्रा ने जानकारी दी है कि रद्द किया गया पेपर अब मई 2026 में आयोजित किया जाएगा।
- तनाव में छात्र: अचानक परीक्षा रद्द होने और समय बढ़ने से छात्र मानसिक तनाव और असमंजस की स्थिति में हैं।
उच्च शिक्षा विभाग का एक्शन
इस गंभीर लापरवाही को लेकर उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) ने सख्त रुख अपनाया है। आरोन कॉलेज के प्राचार्य ने इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट विभाग को भेजी है।
मामले में हुई ये कार्रवाई
पद से बर्खास्तगी: परीक्षा के दौरान इस चूक के लिए जिम्मेदार मानी गईं परीक्षा अधीक्षक एवं सहायक प्राध्यापक डॉ. सीमा कुरैशी को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया गया है।
उच्च शिक्षा के अतिरिक्त संचालक प्रोफेसर कुमार रत्नम ने कॉलेज प्राचार्य से इस संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन (Report) मांगा है।
विश्वविद्यालय स्तर पर भी एक जांच कमेटी गठित की जा सकती है जो यह देखेगी कि पेपर की सील समय से पहले कैसे और क्यों खुली।
अब छात्र क्या करें
जीवाजी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा का नया टाइम टेबल (New Time Table) और नोटिफिकेशन जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे:
- विश्वविद्यालय के आधिकारिक पोर्टल को नियमित रूप से चेक करें।
- सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों से बचें।
- मई में होने वाली परीक्षा के लिए अपनी तैयारी जारी रखें।
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