मध्य प्रदेश में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल 16 मार्च तक टली, बैठक के बाद फैसला

Jitendra Shrivastava | Mar 09, 2026, 20:13 IST
Photograph: (thesootr)
मध्य प्रदेश के जूनियर डॉक्टरों ने स्टाइपेंड संशोधन की लंबित मांग को लेकर हड़ताल स्थगित कर दी। 16 मार्च तक हड़ताल टली। ऑपरेशन प्रभावित हुए, मरीजों को लंबा इंतजार।

News In Short

  • जूनियर डॉक्टरों ने स्टाइपेंड संशोधन की मांग की है।
  • हड़ताल से 20 ऑपरेशन प्रभावित हुए हैं।
  • हड़ताल का असर मरीजों को इलाज मिलने में देरी।
  • डॉक्टरों ने काली पट्टी लगाकर विरोध जताया है।
  • स्टाइपेंड वृद्धि के आदेश लागू नहीं हो सके हैं।

News In Detail

मध्य प्रदेश के जूनियर डॉक्टरों ने अपने लंबित स्टाइपेंड संशोधन को लेकर हड़ताल स्थगित कर दी है। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और चिकित्सा शिक्षा आयुक्त के साथ बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया। हालांकि, इसके बावजूद स्टाइपेंड में वृद्धि नहीं हुई है, और हड़ताल के कारण अस्पतालों में कई ऑपरेशन टल गए। डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर कड़ा विरोध जताया है।



जूनियर डॉक्टरों की मांगें

मध्यप्रदेश में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल को 16 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है। यह हड़ताल मुख्य रूप से स्टाइपेंड संशोधन और लंबित एरियर के भुगतान की मांग को लेकर थी। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें 2021 से सीपीआई आधारित स्टाइपेंड वृद्धि का आदेश दिया गया था, लेकिन अब तक उस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।



हड़ताल से अस्पतालों में परेशानी

हड़ताल के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में 20 से अधिक ऑपरेशन टल गए। मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। सर्जरी में कमी आई और कई मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल सका। अस्पताल प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया, लेकिन बाकी ऑपरेशन्स में देरी हुई।



स्टाइपेंड में संशोधन की मांग

जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (Junior Doctor Association) ने सीपीआई आधारित स्टाइपेंड संशोधन की मांग की है, जिसे 2021 में लागू करने का आदेश हुआ था, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। डॉक्टरों का कहना है कि यह आदेश अप्रैल 2025 से लागू होना था, लेकिन अब तक उस पर काम नहीं किया गया।



सरकार की नीतियों पर सवाल

जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि सरकार ने कई बार इस मुद्दे को नजरअंदाज किया है। उन्होंने शांति से प्रदर्शन करने के बावजूद अपनी मांगों की अनदेखी को लेकर नाराजगी जताई। डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर विरोध किया और यह सुनिश्चित किया कि सरकार इस समस्या का समाधान निकाले।



आंदोलन का असर और भविष्य

जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन का कहना है कि अगर सरकार जल्द ही उनकी मांगों का समाधान नहीं करती है, तो वे अपना विरोध और तेज करेंगे। उनका मुख्य उद्देश्य शासन से उन आदेशों का पालन करवाना है, जो उनके हक में पहले ही जारी किए जा चुके हैं।



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