जूनियर वकील को 20 हजार स्टायपेंड देने की मांग, मप्र शासन को देना है जवाब
मध्यप्रदेश में जूनियर वकीलों को न्यूनतम स्टायपेंड मिलना चाहिए। अधिवक्ता निमेष पाठक द्वारा जनहित याचिका के जरिए इसकी मांग उठाई गई है। इस पर हाईकोर्ट इंदौर डबल बेंच ने नोटिस देकर एमपी सरकार व अन्य पक्षकारों से जवाब मांगा था। अब गुरुवार को अहम सुनवाई होना है। इस पर सभी की नजरें टिकी हुई है। खासकर जूनियर वकीलों की।
20 हजार कम से कम दिया जाए
याचिका में मांग की गई है कि यह स्टायपेंड की राशि कम से कम 20 हजार रुपए होना चाहिए। वहीं, ग्रामीण एरिया में यह राशि कम से कम 15 हजार रुपए होना चाहिए। इस मामले में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस अलोक अवस्थी की बेंच सुनवाई करेगी। इसमें मप्र शासन के साथ ही मप्र विधि विभाग, बार काउंसिल ऑफ इंडिया और बार काउंसिल ऑफ मप्र को पक्षकार बनाया गया है।
सीएम वेलफेयर स्कीम की राशि भी नहीं मिली
अधिवक्ता निमेष पाठक द्वारा लगी याचिका में सीएम वेलफेयर स्कीम 2012 की रूकी राशि का भी मुद्दा उठाया गया है। मांग की गई है कि कोविड के बाद इस स्कीम की राशि जारी नहीं की गई है। जूनियर वकीलों के लिए यह स्कीम लागू की गई थी। इसके तहत पहली बार रजिस्टर्ड वकील को टेबल-कुर्सी व अन्य ऑफिस खर्च के लिए 12 हजार रुपए दिए जाते हैं। लेकिन कोविड के बाद यह राशि रिलीज नहीं की गई है।
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