द सूत्र की खबर पर लगी मुहर, जस्टिस अल्पेश कोगजे होंगे MP के नए चीफ जस्टिस
Jabalpur. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस को लेकर द सूत्र की खबर सही साबित हुई है। द सूत्र ने 10 अगस्त को ही बताया था कि जस्टिस अल्पेश वाई कोगजे का नाम चर्चा में है। उस समय उनके नाम को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई थी।
अब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनके नाम की सिफारिश कर दी है। 31 अगस्त 2026 को हुई कॉलेजियम बैठक में यह फैसला लिया गया। जस्टिस कोगजे फिलहाल गुजरात हाई कोर्ट में पदस्थ हैं। उन्हें मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का अगला चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश हुई है।
तीन हाई कोर्ट के लिए नए चीफ जस्टिस की सिफारिश
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सोमवार को तीन नामों की सिफारिश की। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान भेजा जाएगा। उन्हें राजस्थान हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश हुई है।
राजस्थान हाई कोर्ट के जस्टिस डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह भाटी को भी नई जिम्मेदारी मिलेगी। उन्हें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश हुई है। वहीं गुजरात हाई कोर्ट के जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्य प्रदेश भेजने की सिफारिश हुई है।
द सूत्र ने 21 दिन पहले ही बता दिया था नाम
जस्टिस कोगजे के नाम की जानकारी द सूत्र ने 10 अगस्त को प्रकाशित की थी। उस रिपोर्ट में उनके नाम को लेकर संभावित नियुक्ति की जानकारी दी गई थी। उस समय आधिकारिक घोषणा का इंतजार था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि दूसरे नामों की चर्चा भी चल रही थी। अब कॉलेजियम की सिफारिश के बाद उस खबर पर मुहर लग गई है। कॉलेजियम के फैसले ने जस्टिस कोगजे के नाम को साफ कर दिया है। हालांकि, कॉलेजियम की सिफारिश के बाद आगे की नियुक्ति प्रक्रिया बाकी है।
कौन हैं जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे?
जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे का जन्म 16 जुलाई 1969 को हुआ था। उन्होंने 1990 में रसायन विज्ञान से बीएससी की थी। इसके बाद उन्होंने कानून की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 1993 में उन्होंने एलएलबी की डिग्री हासिल की। इसी साल उन्होंने वकालत शुरू की थी। उनका कानूनी सफर सरकारी मामलों से शुरू हुआ था। वर्ष 2001 में वह सहायक सरकारी वकील बने थे। वर्ष 2002 में उन्हें अपर लोक अभियोजक बनाया गया। इस पद पर उन्होंने वर्ष 2007 तक काम किया।
गोधरा मामलों से लेकर एसआईटी तक काम किया
जस्टिस कोगजे ने कई महत्वपूर्ण मामलों में पैरवी की है। इनमें वर्ष 2002 के गोधरा दंगों से जुड़े मामले भी शामिल हैं। उन्होंने गुजरात हाई कोर्ट में कई तरह के मामलों की पैरवी की। वर्ष 2008 में उन्हें केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग का वकील बनाया गया। इसके अलावा सीमा शुल्क से जुड़े मामले भी उन्होंने देखे। वर्ष 2011 में उन्हें गुजरात एसआईटी का विशेष वकील बनाया गया। एसटीएफ से जुड़े मामलों में भी उन्होंने काम किया। इस दौरान उन्हें गंभीर और चर्चित मामलों का अनुभव मिला।
2016 में जज बने, 2018 में स्थायी न्यायाधीश हुए
जस्टिस अल्पेश कोगजे का न्यायिक सफर वर्ष 2016 में शुरू हुआ। उन्हें 6 अप्रैल 2016 को गुजरात हाई कोर्ट का अतिरिक्त जज बनाया गया। करीब दो साल बाद उन्हें स्थायी जज बनाया गया। 15 मार्च 2018 को उनकी नियुक्ति स्थायी हुई। इसके बाद से वह गुजरात हाई कोर्ट में न्यायिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं। अब कॉलेजियम ने उन्हें मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की है।
अब आगे क्या होगा?
कॉलेजियम की सिफारिश के बाद नियुक्ति की अगली प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद केंद्र सरकार की तरफ से प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अंतिम नियुक्ति के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी जरूरी होती है। इसके बाद जस्टिस कोगजे मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की कमान संभालेंगे। फिलहाल कॉलेजियम की सिफारिश से उनका नाम तय हो चुका है। अब सभी की नजर औपचारिक नियुक्ति और कार्यभार संभालने की तारीख पर है।
ये भी पढ़ें...
गोधरा दंगों में सुनवाई करने वाले जस्टिस अल्पेश कोगजे बन सकते हैं एमपी के अगले चीफ जस्टिस
पांच साल से अटका फ्लाईओवर अब होगा तैयार! हाईकोर्ट के दखल से बदलेगी तस्वीर
MP हाईकोर्ट में 1174 पदों पर बंपर भर्ती: सहायक ग्रेड-III के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू
एमपी के 50 हजार कर्मचारियों को 2400 ग्रेड पे, हाईकोर्ट के आदेश से मिली बड़ी राहत
चीफ जस्टिस अल्पेश वाई कोगजे