Gen-Z आंदोलन पर बोले कैलाश विजयवर्गीय, छोटे-मोटे आंदोलन से देश को फर्क नहीं पड़ता
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का छात्र आंदोलन को लेकर एक वीडियो सामने आया है। उन्होंने इसे छोटा-मोटा आंदोलन बताया जिससे देश को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बताया जा रहा है कि यह बयान मंत्री द्वारा एक दिन पहले शनिवार को दिया गया। वहीं रविवार को इंदौर में उन्होंने इस आंदोलन के पीछे विदेशी ताकतों की बात कही।
यह बोले थे मंत्री विजयवर्गीय
मंत्री विजयवर्गीय के इस आंदोलन को लेकर कहा गया बयान वायलर हुआ है। यह बयान बताया जाता है कि शनिवार को उन्होंने का था। इसमें उन्होंने कहा कि यह देश 140 करोड़ का है, छोटा सा बांग्लादेश या नेपाल नहीं है। इस देश में कहीं बाढ़ आ जाती तो इस देश पर क्या फर्क पड़ता है। इस तरह छोटे-मोटे आंदोलन से देश को फर्क नहीं पड़ता है। मुझे लगता है कि उन लोगों को जरूर मौका मिल जाता है जो निराश है।
बोले विदेशी ताकत के मंसूबे खत्म किए
वहीं मंत्री ने इस आंदोलन को लेकर रविवार 26 जुलाई को इंदौर में कहा कि मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि मैं धर्मेंद्र प्रधान की प्रशंसा करूंगा, वह हर काम ईमानदारी से करते हैं। वह पहले दिन से इस्तीफा दे रहे थे लेकिन पार्टी अध्यक्ष ने रोका। जब परिस्थिति ऐसी बनी तो उन्होंने एक सेकंड में इस्तीफा दे दिया। इस इस्तीफे से जो देश में हिंसा कराना चाहते थे। बांग्लादेश और श्रीलंका की तरह उन विदेशी ताकतो के मंसूबे खत्म हो गए। विदेशी ताकतें यहां अस्थिरता पैदा करना चाहते थे।
किसी कांग्रेसी ने लठ्ठ नहीं खाया
कांग्रेस की भूमिका पर उन्होंने कहा कि पड़ोस में बच्चा होने पर कांग्रेस ढोलक बजा रही है। उनकी इस आंदोलन में कोई भूमिका नहीं थी। वह तो कॉकरोच पार्टी के पीछे खड़े हो गए। बंगाल चुनाव में हार के बाद विपक्ष निराश था और उन्हें कॉकरोच पार्टी में आसा की किरण दिखी तो उनके पीछे हो गए। कांग्रेस कैटलिस्ट की भूमिका में रही कि तुम आगे बढ़ो, हम पीछे हैं, किसी कांग्रेसी ने लठ नहीं खाय़ा।
आरएसएस नहीं होता तो क्या होता
राहुल गांधी के आरएसएस की दीमक बताने पर मंत्री ने कहा कि मुझे उनकी विचारधारा, बुद्दी पर तरस आता है। उन्हें आरएसएस को समझना होगा। मेरे जैसा कार्यकर्ता समझता है कि यदि आरएसएस नहीं होती तो क्या होता मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। आरएसएस के कारण देश ठीक दिशा में जा रहा है। यह आरएसएस की मेहनत है।
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