मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पुत्र आकाश को सौंपी विधानसभा एक, क्या हो रही 2028 की तैयारी?
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की उम्र अब 70 साल हो चुकी है। वह आठवीं बार विधायक बनकर विधानसभा में पहुंचे हैं। साल 2023 के चुनाव में उन्हें टिकट मिलना काफी हैरान करने वाला था, क्योंकि वह खुद चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं थे। लेकिन पार्टी के फैसले के चलते उन्हें मैदान में उतरना पड़ा, जिससे उस समय विधायक रहे उनके बेटे आकाश विजयवर्गीय का टिकट कट गया।
आकाश इंदौर-3 विधानसभा से 2018 में विधायक रह चुके हैं। अब चर्चा यह है कि क्या कैलाश विजयवर्गीय अपनी विधानसभा इंदौर-1 की जिम्मेदारी धीरे-धीरे पूरी तरह आकाश को सौंप रहे हैं। यह संकेत उन्होंने खुद शनिवार और रविवार को अलग-अलग वार्डों में हुए विकास कार्यों के भूमिपूजन और लोकार्पण कार्यक्रमों के दौरान दिए।
राजनीतिक हलकों में यह भी माना जा रहा है कि इंदौर-1 सीट को लेकर 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारी अभी से आकाश विजयवर्गीय के लिए मजबूत की जा रही है।
क्या बोले कैलाश विजयवर्गीय
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अलग-अलग वार्डों के कार्यक्रमों में कहा कि उन्होंने आकाश से कहा है कि वे पार्टी के काम के चलते महीने में करीब 20 दिन बाहर रहते हैं, इसलिए विधानसभा एक का काम अब आकाश संभालें। पहले आकाश ने इसे लेकर मना किया था, लेकिन बाद में बात मान ली।
उन्होंने आकाश की तारीफ करते हुए कहा कि वह अमेरिका की टॉप टेन यूनिवर्सिटी से पढ़कर आए हैं। अच्छी अंग्रेजी जानते हैं, संस्कारी हैं और आम लोगों की भाषा में बात करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि वे बड़ों के पैर छूते हैं और सभी की चिंता करते हैं। उनके अंदर अच्छे संस्कार हैं और वे लोगों से सीधे जुड़कर काम करते हैं।
काम करने में मेरे भी गुरु हैं आकाश
विजयवर्गीय ने आगे कहा कि विधानसभा (MP BJP) का सभी काम आकाश देखते हैं, विधायक निधि से कहां किसे कितना आवंटन होना है, सभी का हिसाब वही रखते हैं। विधानसभा की पूरी प्लानिंग वही करते हैं। इसलिए सभी काम, समस्या के लिए आप सभी उन्हीं से बात किया करो। उन्होंने कहा कि काम करने में वह मेरे भी गुरु हैं। मुझे कोई बोलता है तो दिमाग में रख लेता हूं, लेकिन कोई आकाश को बोलता है तो वह तत्काल मोबाइल निकालकर नोट कर लेते हैं। इसके बाद वह काम के पीछे पड़ जाते हैं, जब तक कि वह हो नहीं जाए।
उन्होंने आगे कहा कि आकाश लगातार बैठक लेते हैं और हर वार्ड की समस्या को लेकर बात करते हैं। एक दिन एक ई-रिक्शा में बैठा तो उसने कहा कि यह आकाशजी ने ही दिलवाया है और इसके कारण धंधा कई गुना बढ़ गया है।
टिकट कटने का अभी भी मलाल
दरअसल कैलाश विजयवर्गीय (indore politics) का मन टिकट का नहीं था। लेकिन साल 2023 के चुनाव में कांग्रेस के बन रहे माहौल के चलते पार्टी ने सभी वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतार दिया।
कैलाश साल 2018 में ही चुनाव से हट गए थे और तब आकाश को इंदौर तीन से टिकट मिला और वह जीते। लेकिन 2023 में कैलाश को टिकट मिलने से आकाश का टिकट कट गया। इस पर उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा कि आकाश ने बहुत मेहनत की थी, लेकिन पार्टी का फैसला है तो मानना होगा।
बता दें कि अब तक वे इंदौर-4, इंदौर-2, महू और इंदौर-1 से चुनाव लड़ चुके हैं और जीत दर्ज कर चुके हैं। इस बार इंदौर-1 में उन्हें 50 हजार से ज्यादा वोटों से बड़ी जीत मिली थी। इसके बाद कांग्रेस नेता संजय शुक्ला भी बीजेपी में शामिल हो गए, जिससे यह सीट और मजबूत मानी जा रही है। अब राजनीतिक चर्चा है कि 2028 के लिए इंदौर-1 में आकाश विजयवर्गीय के लिए जमीन तैयार की जा रही है।
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