महिला आरक्षण: कमलनाथ ने भाजपा को घेरा, बोले-असली इरादा OBC-SC-ST के हितों पर चोट करना
News in Short
- महिला आरक्षण बिल को लेकर कमलनाथ ने भाजपा पर हमला बोला।
- कमलनाथ ने कहा भाजपा का उद्देश्य महिला आरक्षण नहीं है।
- कमलनाथ ने कहा बीजेपी का मकसद OBC, SC, ST वर्ग के अधिकारों को नुकसान पहुंचाना था।
- कांग्रेस और विपक्ष ने मिलकर विधेयक को दो-तिहाई बहुमत से रोका।
- राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने संविधान की रक्षा का महत्वपूर्ण कदम उठाया।
News in Detail
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने महिला आरक्षण बिल पर भाजपा पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य महिलाओं को आरक्षण देना नहीं था।
इसके जरिए OBC, SC और ST वर्ग के अधिकारों को नुकसान पहुंचाना था। कमलनाथ ने आरोप लगाया कि भाजपा इस विधेयक से भारतीय संविधान पर हमला करना चाहती थी। कांग्रेस और विपक्ष ने मिलकर इसे विफल किया।
भाजपा का मकसद महिला आरक्षण नहीं
कमलनाथ ने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के बहाने OBC, SC और ST वर्ग के अधिकार खत्म करना चाहती थी। भाजपा ने परिसीमन प्रक्रिया को गलत तरीके से लागू करने का प्रयास किया।
इससे दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों के साथ अन्याय होता। कमलनाथ के अनुसार, यह विधेयक असंवैधानिक था। इसके पीछे एक बड़ी साजिश थी, जिसे कांग्रेस और विपक्षी दलों ने विफल किया।
महिला आरक्षण का असली समर्थक
पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिलाओं के अधिकारों की पक्षधर रही है। कमलनाथ ने स्वर्गीय राजीव गांधी की पहल का उल्लेख किया।
कमलनाथ ने पंचायत और नगर निकाय चुनावों में महिलाओं को आरक्षण दिया था। कमलनाथ ने कांग्रेस की समावेशी नीतियों की सराहना की। भाजपा के विधेयक को असंवैधानिक बताया।
विपक्षी दलों ने विधेयक रोका
कमलनाथ ने राहुल गांधी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने विधेयक को दो-तिहाई बहुमत से रोका। इसे संविधान की रक्षा का महत्वपूर्ण कदम बताया। कमलनाथ ने कहा कि यह साहसिक कदम हमेशा याद रहेगा।
कांग्रेस महिला आरक्षण की समर्थक रही
कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण की समर्थक रही है। स्वर्गीय राजीव गांधी ने पंचायत और नगर निकाय चुनावों में महिलाओं को आरक्षण दिया था।
भाजपा का उद्देश्य ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के हितों को नुकसान पहुंचाना था। भाजपा ने गलत तरीके से परिसीमन कर दक्षिण भारत और छोटे राज्यों के साथ अन्याय किया।
कांग्रेस ने विपक्ष को लामबंद किया और विधेयक को दो-तिहाई बहुमत से रोक दिया। संविधान की रक्षा के लिए राहुल गांधी और सांसदों को जनता हमेशा याद रखेगी।
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