मौत से जूझ रहे मरीज की पत्नी से साफ करवाई एंबुलेंस, वीडियो वायरल

Anjali Dwivedi | Apr 26, 2026, 11:41 IST
katni ambulance cleaning
कटनी जिला अस्पताल में मानवता शर्मसार हुई। सड़क हादसे में घायल पति को अस्पताल लाने के बाद एंबुलेंस कर्मियों ने मजबूर पत्नी से गाड़ी साफ करवाई। घटना का वीडियो वायरल होने पर जांच के आदेश दिए गए हैं।

कटनी. जब कोई अपना जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा हो तो परिजनों की प्राथमिकता केवल उसे बचाना होती है। कटनी के जिला अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों ने ऐसा कारनामा कर डाला, जिसे देख किसी का भी सिर शर्म से झुक जाए।



यहां एक महिला को अपने घायल पति का इलाज कराने से पहले एंबुलेंस की सफाई करनी पड़ी। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।



क्या है पूरा मामला?

घटना शुक्रवार 24 अप्रैल रात की है। कटनी के राहुल बर्मन (32 वर्ष) एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें बरही अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल कटनी रेफर किया गया।



राहुल को 108 एंबुलेंस के जरिए अस्पताल लाया गया था। रास्ते में राहुल को उल्टियां हुईं, जिससे एंबुलेंस का अंदरूनी हिस्सा और खिड़की गंदी हो गई।



पति अंदर भर्ती, पत्नी बाहर कर रही सफाई

अस्पताल पहुंचते ही जहां डॉक्टरों ने राहुल का इलाज शुरू किया, वहीं बाहर एंबुलेंस में तैनात EMT मोहित ने मानवता को ताक पर रख दिया। उन्होंने राहुल की पत्नी शालू बर्मन को गाड़ी साफ करने के लिए मजबूर किया।



पति अंदर दर्द से कराह रहा था और मौत से जंग लड़ रहा था। दूसरी तरफ उसकी बेबस पत्नी हाथ में पानी का डिब्बा लेकर एंबुलेंस की गंदगी साफ कर रही थी।



वायरल वीडियो में महिला साफ कहती नजर आ रही है कि वह कर्मचारी के कहने पर ही सफाई कर रही है। यह दृश्य स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों के मानसिक स्तर पर गहरे सवाल खड़े करता है।



यह पहली बार नहीं है जब 108 एंबुलेंस सेवा विवादों में रही हो। मध्य प्रदेश के कई जिलों से ऐसी खबरें सामने आ चुकी हैं। अभी कुछ ही दिन पहले सतना से ठीक ऐसा ही मामला सामने आया था। कटनी में इससे पहले भी मरीजों के परिजनों से गंदगी साफ करवाने के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन अक्सर जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति ही की जाती है।



एंबुलेंस सेवा पर उठते गंभीर सवाल

यह घटना केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि 108 एंबुलेंस सेवा के साथ जुड़े अन्य काले कारनामों को भी उजागर करती है:



  • कमीशन का खेल: एंबुलेंस कर्मियों पर आरोप लगते रहे हैं कि वे रेफर किए गए मरीजों को सरकारी मेडिकल कॉलेज ले जाने के बजाय कमीशन के लालच में निजी अस्पतालों में भर्ती कराते हैं।
  • कार्रवाई का अभाव: करीब डेढ़ साल पहले जबलपुर में एक ऐसा ही मामला पकड़ा गया था जहां कटनी के एंबुलेंस स्टाफ ने घायलों को निजी अस्पताल पहुंचाया था। तत्कालीन कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई तो हुई, लेकिन कुछ समय बाद उन्हें पुनः काम पर रख लिया गया।

किसी पीड़ित से सेवा के बदले सफाई करवाना न केवल अनैतिक है बल्कि कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। जब तक ऐसी संवेदनहीनता पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक आम जनता का सरकारी स्वास्थ्य तंत्र पर विश्वास बहाल होना मुश्किल है। कटनी की यह घटना सिस्टम की उस गंदगी को दर्शाती है जिसे पानी से साफ नहीं किया जा सकता।



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