नेहा पच्चीसिया समेत 3 आरोपियों के गिरफ्तारी वारंट जारी, 21 को हाईकोर्ट में सुनवाई
कटनी की निलंबित नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मामले में पुलिस कार्रवाई से जुड़े कुछ दस्तावेज सामने आए हैं, जिनमें नेहा पच्चीसिया समेत तीन आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने की जानकारी है।
दस्तावेजों के मुताबिक नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ हनफी के नाम से अलग-अलग वारंट जारी किए गए हैं। इन दस्तावेजों पर 18 सितंबर 2026 की तारीख दर्ज है। वारंट में आरोपियों को गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
हाईकोर्ट में 21 सितंबर को होगी सुनवाई
नेहा पच्चीसिया से जुड़े मामले की सुनवाई मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच में भी चल रही है। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। जस्टिस हिमांशु जोशी की बेंच ने सरकार को अगली सुनवाई से पहले जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
इस मामले में अगली सुनवाई 21 सितंबर 2026 को होगी। इसी सुनवाई में यह तय होगा कि याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत मिलती है या नहीं।
नेहा पच्चीसिया पर 10 हजार रुपए का इनाम
विभागीय जांच के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर नेहा पच्चीसिया को निलंबित किया गया था। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है।
पुलिस को उनके विदेश जाने की आशंका भी है। इसी को देखते हुए पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नेहा के वकीलों ने लगाए फंसाने के आरोप
हाईकोर्ट में नेहा पच्चीसिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल खरे और अधिवक्ता प्रियंक अग्रवाल ने पक्ष रखा।
वकीलों का कहना है कि नेहा पच्चीसिया को दुर्भावना के चलते फंसाया गया है। उनका दावा है कि एफआईआर में उनके खिलाफ कोई सीधी भूमिका सामने नहीं आती है।
वकीलों ने यह भी कहा कि नेहा पच्चीसिया का अन्य आरोपियों के साथ कोई सीधा संबंध या सांठगांठ नहीं है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि नेहा दो छोटे बच्चों की एकल अभिभावक हैं और इस कार्रवाई के कारण उन्हें पारिवारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने मांग की है कि मामले में अंतिम फैसला आने तक किसी भी कठोर कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।
पहले खारिज हो चुकी है अग्रिम जमानत
इस मामले में कटनी की सत्र अदालत ने नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत याचिका पहले ही खारिज कर दी है।
अभियोजन पक्ष ने जांच और पुलिसकर्मियों के बयानों के आधार पर दावा किया है कि नेहा पच्चीसिया और सह-आरोपी क्षितिज राज एक ही मकान में रहते थे।
अभियोजन के अनुसार, सत्र अदालत में दोनों ने एक-दूसरे को पहचानने से इनकार किया, जिसे संदिग्ध माना गया।
1 से 2 करोड़ की जमीन 18 लाख में खरीदने का आरोप
इस मामले में आरोप है कि कुठला थाना क्षेत्र में हत्या के एक मामले में आरोपी को फायदा पहुंचाने के लिए चार्जशीट दाखिल करने में देरी की गई।
आरोप के मुताबिक इसके बाद आरोपी के परिवार पर दबाव बनाया गया। इसी दौरान करीब 1 से 2 करोड़ रुपए कीमत की जमीन को 18 से 20 लाख रुपए में सहयोगियों के नाम ट्रांसफर कराया गया।
हालांकि इन आरोपों की पुष्टि कानूनी प्रक्रिया और कोर्ट की सुनवाई के बाद ही होगी। फिलहाल पुलिस कार्रवाई और हाईकोर्ट की सुनवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
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