नेहा पच्चीसिया ने पुलिस विभाग पर ही लगाए आरोप, सह आरोपी को पहचानने से किया इनकार
Neel Tiwari | Sept 03, 2026, 12:53 IST
neha-pachisia-police-allegations-bail-order
पूर्व CSP की अग्रिम जमानत खारिज होने का आदेश सामने आया है। सुनवाई में नेहा पच्चीसिया ने पुलिस पर ही आरोप लगा दिए हैं। साथ ही सह आरोपी क्षितिज को पहचानने से भी इनकार कर दिया है।
नेहा ने पुलिस जांच पर उठाए सवाल
नेहा ने जांच को दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई बताया। साथ ही खुद को कुठला पुलिस द्वारा मामले में गलत तरीके से फंसाने की बात कही। जमीन सौदे में अपनी कोई भूमिका भी नहीं मानी।
इतना ही नहीं नेहा ने सह आरोपी क्षितिज राज बरापत्रे को पहचानने से इनकार कर दिया। मारूफ अहमद हनफी से भी संबंध नहीं होने की बात कही। यानी अदालत के सामने नेहा ने पूरे मामले से दूरी बनाई। वहीं एक साथ लगी दोनों आरोपियों की जमानत भी कई सवाल खड़े कर रही है।
सह आरोपी को नहीं जानने का दावा
इसलिए जमीन सौदे में उन्हें जोड़ना गलत है। बिलकुल यही दावा सह आरोपी क्षितिज राज बारपत्रे ने भी किया। लेकिन पुलिस जांच में तस्वीर कुछ अलग दिखाई देती है।
जांच में दोनों के बीच संबंध की कड़ी पहले ही जुड़ गई है। इसका एक आधार बैंक खातों का लेनदेन भी बना। पुलिस ने इसी आधार पर क्षितिज की भूमिका पर सवाल उठाए।
15 लाख के लेनदेन ने खड़े किए सवाल
इसमें पांच लाख रुपए क्षितिज के खाते से आए। दस लाख रुपए शाइन पार्टनर्स के जरिए आए।
जांच में शाइन पार्टनर्स का लिंक भी क्षितिज से जोड़ा गया। पुलिस ने मारूफ की आर्थिक क्षमता की भी जांच की। जांच में उसके पास पर्याप्त रकम नहीं होने की बात आई। इसके बाद क्षितिज की भूमिका को लेकर सवाल उठे। पुलिस ने इन लेनदेन को महत्वपूर्ण जांच कड़ी माना।
दोनों आवेदन साथ लगे, नंबर भी लगातार
यह तथ्य अकेले कोई अपराध साबित नहीं करता, लेकिन मामले की पूरी परिस्थितियों में यह अहम है। दोनों आरोपी अपने बीच संबंध से इनकार कर रहे हैं।
वहीं उनके आवेदन एक साथ अदालत पहुंचे। दोनों का मामला एक ही अधिवक्ता ने दायर किया। फिर उनकी पैरवी भी एक ही अधिवक्ता ने की। पुलिस जांच में भी दोनों के बीच संबंध की कड़ी पहले ही जुड़ गई है।
टूटी शादी और बच्चों की भी दी दुहाई
इस आधार पर अग्रिम जमानत के पक्ष में रखा गया। नेहा की ओर से जांच में सहयोग का दावा भी किया गया। इसके बावजूद अदालत ने राहत देने से इनकार किया।
अभियोजन सहित आपत्तिकर्ता ने किया विरोध
कोर्ट को बताया गया कि दोनों आरोपी फरार हैं और जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। अग्रिम जमानत मिलने से गवाहों को प्रभावित करने की आशंका भी जताई गई।
अभियोजन का कहना था कि इस स्थिति में राहत उचित नहीं है। जांच के दौरान कई तथ्यों की पुष्टि होना बाकी है। इसलिए आरोपियों की हिरासत जरूरी हो सकती है।
आपत्तिकर्ता अविनाश तिवारी की ओर से अदालत में सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला दिया गया। यह भी कहा गया कि अग्रिम जमानत एक असाधारण राहत है। ऐसे गंभीर मामलों में सावधानी की जरूरत है।
कोर्ट ने केस डायरी देखकर लिया फैसला
जांच में सहयोग से जुड़ी आपत्तियों पर भी विचार हुआ। गवाहों को प्रभावित करने की आशंका भी देखी गई। अदालत ने बचाव पक्ष की दलीलों को भी रिकॉर्ड किया, लेकिन कोर्ट ने साक्ष्यों का अंतिम मूल्यांकन नहीं किया।
अदालत ने माना कि कई दलीलें जांच से जुड़ी हैं। इनका फैसला मुकदमे के दौरान किया जाना है। इसी आधार पर दोनों अग्रिम जमानत आवेदन खारिज हुए। नेहा का आवेदन 821/2026 खारिज कर दिया गया। क्षितिज का आवेदन 822/2026 भी खारिज हुआ।
जमीन सौदे से शुरू हुआ था विवाद
वहीं जमीन के मालिक शिकायतकर्ता को केवल 15 लाख रुपए ही मिले। बाकी रकम को लेकर विवाद सामने आया। आरोप लगे कि नेहा पच्चीसिया ने जेल में बंद आरोपी का चालान देरी से पेश कर उसे राहत दिलाई। जिसके एवज में डराकर उसकी 1 करोड़ से अधिक की जमीन अपने सहयोगी के साथ मिलकर हड़प ली।
अब सबसे बड़ा सवाल जांच की अगली दिशा
बैंक लेनदेन इस कड़ी का अहम हिस्सा है। दोनों के जमानत आवेदन लगातार क्रमांक पर दर्ज हुए। दोनों की पैरवी एक ही अधिवक्ता ने की। फिलहाल अदालत ने केवल अग्रिम जमानत पर फैसला दिया है।
आरोपों की सच्चाई का अंतिम फैसला अभी बाकी है। पुलिस जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। यही प्रक्रिया तय करेगी कि आरोपों में कितना दम है।
नोट: अदालत के आदेश में दर्ज आरोप दोषसिद्धि नहीं हैं। मामले में आरोप साबित होना अभी बाकी है।
ये खबरें भी पढ़िए...
कौन है वसूली आरोपों से घिरीं नेहा पच्चीसिया, जो एयर होस्टेस की नौकरी छोड़ बनी थी DSP
निलंबित नेहा पच्चीसिया के ऑफिस में SIT की दबिश, ताला तोड़कर जुटाए सबूत
कटनी की निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर 10 हजार का इनाम, बढ़ी मुश्किलें
राजस्थान पुलिस की ऐतिहासिक पहल, हाइटेक होगी बीट पुलिसिंग, पहले चरण में 9 जिलों में होगी लागू
By Ashish Bhardwaj
जवाहर सर्किल के सब-वे की 20 दुकानें बनीं कबाड़घर: दो बार नीलामी फेल, अब बिजली पर ₹19.97 लाख का नया टेंडर
By Raghvendra Singh Rathore
पांच सितारा शेरेटन ग्रैंड पैलेस होटल ने गंदगी फैलाई, इंदौर नगर निगम ने किया ढाई लाख का स्पॉट फाइन
By Sanjay Gupta
सीएम मोहन यादव ने बोला हमला राहुल गांधी पर हमला, बोले-कांग्रेसी तब न सुधरे और ना अब सुधर रहे
By Sandeep Kumar
छत्तीसगढ़ सचिवालय में प्रमोशन की बड़ी खबर, एक अवर सचिव और दो अनुभाग अधिकारियों को मिली पदोन्नति
By VINAY VERMA
छत्तीसगढ़ पुलिस में 7 अधिकारियों की नई पोस्टिंग, CM सुरक्षा से राजभवन तक बदले अधिकारी, भाटापारा DSP भी बदले
By VINAY VERMA
3605 पंचायतों में चुनाव तारीख बदलने की तैयारी: 6 नवंबर को धनतेरस, आयुक्त बोले-कैलेंडर बनाते समय ध्यान नहीं रहा
By Jageshwar prasad