कटनी स्टेशन पर 165 बच्चों का रेस्क्यू, बिहार से महाराष्ट्र ले जाने की तैयारी, जानें पूरा मामला

Anjali Dwivedi | Apr 12, 2026, 16:13 IST
Children Rescue at Katni Railway Station
कटनी में पटना-पुणे एक्सप्रेस से 165 मुस्लिम बच्चों को रेस्क्यू किया गया। बिहार से महाराष्ट्र ले जा रहे इन बच्चों को फिलहाल बाल सुधार गृह में रखा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मध्य प्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर शनिवार 11 अप्रैल, 2026 की देर रात एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। खुफिया सूचना के आधार पर पटना-पुणे एक्सप्रेस को घेरकर 165 मुस्लिम बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस घटना के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। शक जताया जा रहा है कि इन बच्चों को बिहार से महाराष्ट्र मजदूरी या अन्य संदिग्ध उद्देश्यों के लिए ले जाया जा रहा था।



प्लेटफार्म नंबर 5 पर आधी रात को घेराबंदी

कटनी आरपीएफ थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में आरपीएफ, जीआरपी और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम ने यह ऑपरेशन चलाया। जैसे ही ट्रेन स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 5 पर रुकी, सुरक्षा बलों ने बोगियों की तलाशी शुरू कर दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से ट्रेन में सवार यात्रियों और बच्चों के साथ मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। जांच टीम ने कोच संख्या S1 से S7 तक सघन तलाशी लेकर सभी बच्चों को अपनी सुरक्षा में लिया।



आरपीएफ थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने क्या कहा

10 साल से मदरसा ले जा रहा हूं

बच्चों के साथ यात्रा कर रहे सद्दाम नामक व्यक्ति ने पूछताछ में खुद को लातूर (महाराष्ट्र) के एक मदरसे का शिक्षक बताया। सद्दाम के अनुसार, वह इन बच्चों को बिहार के अररिया जिले से शिक्षा दिलाने के लिए ले जा रहा था।



उसने दावा किया कि वह पिछले 10 सालों से इसी तरह बच्चों को लाता-ले जाता है और उनके मदरसे में हर विषय की पढ़ाई होती है। हालांकि, प्रशासन इन दावों की बारीकी से जांच कर रहा है कि क्या बच्चों के पास ट्रांसफर के वैलिड डाक्यूमेंट्स हैं या नहीं।



बाल संरक्षण विभाग को मजदूरी का अंदेशा

बाल सुरक्षा अधिकारी मनीष तिवारी के मुताबिक, विभाग को सूचना मिली थी कि बच्चों को महाराष्ट्र ले जाकर किसी गैर-कानूनी काम या मजदूरी में झोंका जा सकता है। पुलिस अब इस बात की तस्दीक कर रही है कि क्या बच्चों के परिजनों की सहमति ली गई थी।



अधिकारियों का कहना है कि मानव तस्करी के एंगल को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। फिलहाल बच्चों की काउंसलिंग की जा रही है ताकि असलियत सामने आ सके।



विधायक की दखल और बच्चों का ट्रांसफर

इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भोपाल के विधायक आरिफ मसूद ने भी शनिवार रात वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क साधा और कार्रवाई की जानकारी ली। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने 81 बच्चों को बसों के जरिए जबलपुर के बाल सुधार गृह भेजा है, जबकि 86 बच्चों को कटनी के ही आश्रय गृह में रखा गया है। सभी बच्चों का मेडिकल चेकअप कराया गया है और उनके खाने-पीने का प्रबंधन जिला प्रशासन कर रहा है।



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