जंगल काटकर उगा रहे थे मक्का, अफसरों की तिकड़ी ने पलट दिया खेल

Sandeep Kumar | Jul 01, 2026, 16:12 IST
जंगल काटकर उगा रहे थे मक्का
खंडवा के गुड़ी वन क्षेत्र में जंगल काटकर बनाए गए खेतों को प्रशासन ने अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। कलेक्टर, एसपी और डीएफओ की संयुक्त कार्रवाई से वर्षों पुराना कब्जा हटा दिया है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • गुड़ी वन क्षेत्र में छह साल पहले घना जंगल था।
  • अतिक्रमणकारियों ने जंगल काटकर खेती की जमीन बनाई।
  • एक परिवार हर सीजन हजारों क्विंटल मक्का बेचता था।
  • वर्ष 2024 में पथराव करके प्रशासनिक टीम भगाई गई।
  • संयुक्त कार्रवाई में पूरा वन अतिक्रमण हटा दिया गया।

जंगल से बना मक्के का खेत

मुश्ताक मंसूरी@ Khandwa.वन विभाग ने 2018 से 2025 तक की गूगल मैप तस्वीरें जारी की हैं। इनमें साफ फर्क दिखता है। 2018 में अमाखुजरी बिट क्रमांक 748 में घना जंगल था। लेकिन कोरोना काल के दौरान अतिक्रमणकारी सक्रिय हो गए। आरी-कुल्हाड़ी चलाकर धीरे-धीरे पूरा जंगल साफ कर दिया गया। देखते ही देखते हरे-भरे जंगल की जगह लहलहाती फसलें उगने लगीं। जहां पेड़ खड़े थे, वहां अब खेत नजर आते हैं।



एक परिवार, हजारों क्विंटल मक्का

गुड़ी परिक्षेत्र की अमाखुजरी बिट में एक ही परिवार धीरे-धीरे वन माफिया बन गया। यह परिवार एक सीजन में करीब चार हजार क्विंटल मक्का बेचता था। इतना ही नहीं, यह परिवार दूसरे लोगों को भी वन भूमि पर जमीन देकर अवैध वसूली करता था। वन विभाग की टीम कई बार कार्रवाई के लिए पहुंची। लेकिन हर बार महिलाओं और बच्चों को आगे कर विरोध करवाया जाता था। टीम को मार खाकर बिना कार्रवाई किए लौटना पड़ता था।



2024 में हुआ था पथराव

साल 2024 में वन विभाग बड़ी तैयारी के साथ पहुंचा था। इस बार करीब 500 जवानों का बल साथ लाया गया था। लेकिन अतिक्रमणकारियों ने पथराव शुरू कर दिया। पूरे अमले को खदेड़कर जंगल से बाहर भगा दिया गया। इस घटना के बाद अतिक्रमणकारियों के हौसले और बुलंद हो गए थे। उन्हें लगने लगा था कि अब कोई कार्रवाई नहीं हो पाएगी।



अफसरों की तिकड़ी बनी हथियार

इस बार कहानी पूरी तरह बदल गई। खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता, एसपी अगम जैन और डीएफओ राकेश डामोर ने मिलकर सोची-समझी रणनीति बनाई। पुख्ता प्लानिंग के साथ टीम मौके पर पहुंची। इस बार अतिक्रमणकारी टिक नहीं पाए और उन्हें पूरी तरह खदेड़ दिया गया। वन भूमि को अतिक्रमण से पूरी तरह मुक्त करा लिया गया है। वर्षों से जंगल काटकर लाखों रुपये कमाने वाले माफियाओं के पैरों तले जमीन खिसक गई है।



अब निगरानी होगी सख्त

वन विभाग ने साफ कर दिया है कि अब यहां दोबारा अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा। इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। गौरतलब है कि मारपीट के जो वीडियो सामने आए हैं, वे 2024 की घटना के बताए जा रहे हैं। ताजा कार्रवाई में किसी टकराव की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। यह कार्रवाई प्रदेश में वन भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़े संदेश की तरह देखी जा रही है।



FAQ

  1. खंडवा में किस जगह अतिक्रमण हटाया गया?
    खंडवा सामान्य वन मंडल के गुड़ी वन परिक्षेत्र की अमाखुजरी बिट में यह कार्रवाई हुई। यहां जंगल काटकर खेत बना लिए गए थे। अब इसे अतिक्रमण मुक्त कराया गया है।
  2. 2024 में क्या हुआ था?
    2024 में वन विभाग 500 जवानों का बल लेकर पहुंचा था। अतिक्रमणकारियों ने पथराव कर पूरी टीम को भगा दिया था। इसके बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई थी।

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