90% युवा-युवतियां DJ पर नशे में नाचते हैं, पांच बच्चों वाले बयान के बाद फिर चर्चा में भाजपा सांसद गजेंद्र पटेल
डीजे और शराब दोनों को बंद किया जाए
सांसद ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि आजकल डीजे और शराब दोनों चीजें आपस में मिल चुकी हैं। इन दोनों को ही बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के समय में कार्यक्रमों में युवाओं की मांग पर ही डीजे बुलाए जाते हैं। युवाओं का नशा करना ही इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण है।
कसरावद के डोलानी गांव में दिया था यह भाषण
बता दें कि यह पूरा वाकया खरगोन जिले की कसरावद तहसील के डोलानी गांव का है। सांसद 3 अक्टूबर को वहां एक स्थानीय कार्यक्रम में अपनी बात रख रहे थे। वे झांकियों के समय बजने वाले बहुत तेज आवाज वाले डीजे और उस पर युवाओं के नाचने के तौर-तरीकों पर बोल रहे थे।
भाषण के दौरान सांसद ने सामने बैठी भीड़ से सीधा सवाल भी किया। उन्होंने लोगों से पूछा कि आप ही बताओ, क्या इस तरह के डीजे की सच में कोई जरूरत है?
सांसद (Gajendra Singh Patel) ने यह भी कहा कि अगर किसी तय जगह पर कोई कार्यक्रम हो रहा हो और वहां डीजे बजे तो बात समझ आती है, लेकिन रैलियों और जुलूसों में बजने वाले बहुत तेज साउंड का लोगों पर बहुत बुरा असर पड़ता है।
जानिए कौन हैं गजेंद्र सिंह पटेल?
गजेंद्र सिंह पटेल खरगोन से सांसद होने के साथ-साथ भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री भी हैं। करीब एक महीने पहले ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई थी। इसके साथ ही पार्टी ने उन्हें झारखंड भाजपा का प्रदेश प्रभारी भी बनाया है।
कांग्रेस का पलटवार- युवाओं का अपमान बंद करें
सांसद के इस बयान के बाद कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। खरगोन कांग्रेस जिलाध्यक्ष रवि नाईक ने सांसद पर सीधा हमला बोला है।
रवि नाईक ने कहा कि पार्टी में राष्ट्रीय स्तर का बड़ा पद मिलने के बाद सांसद गजेंद्र सिंह पटेल समाज में कड़वाहट फैलाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरी युवा पीढ़ी को नशेड़ी बताकर सांसद ने युवाओं का भारी अपमान किया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि सांसद को अपने इस बयान का खामियाजा आने वाले दिनों में जरूर भुगतना पड़ेगा।
पांच बच्चे पैदा करो वाला बयान भी चर्चा में
डीजे वाले बयान से ठीक एक दिन पहले भी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल अपने एक बयान को लेकर चर्चा में आ चुके हैं। तब उन्होंने हिंदू परिवारों से कम से कम पांच बच्चे पैदा करने की बात कही थी। उन्होंने हम दो हमारे पांच का नारा दिया था।
ये था सांसद का 5 बच्चों वाला बयान
सासंद ने कहा था कि अगर जनसंख्या का संतुलन बिगड़ा तो हिंदू समाज अल्पसंख्यक हो सकता है। आज देश में जन्म लेने वाले हर चार बच्चों में से केवल एक बच्चा ही हिंदू परिवार में जन्म ले रहा है।
साथ ही सांसद ने कहा कि आजादी के बाद से हिंदुओं की आबादी बढ़ने की रफ्तार कम हुई है। पहले 20 से 22 साल की उम्र में शादियां हो जाती थी। बच्चे भी जल्दी हो जाते थे। अब युवा 30-35 और 37 साल की उम्र तक शादी ही नहीं कर रहे हैं। शादी के बाद भी या तो सिर्फ एक बच्चा कर रहे हैं या फिर बच्चे पैदा ही नहीं कर रहे हैं।