एमपी में किसान हेल्पलाइन और डैशबोर्ड लॉन्च, सीएम मोहन यादव ने खुद फोन कर परखी व्यवस्था

Anjali Dwivedi | Apr 30, 2026, 18:19 IST
Photograph: (the sootr)
सीएम डॉ. मोहन यादव ने किसान हेल्पलाइन और डैशबोर्ड का शुभारंभ किया। कार्यशाला में 16 विभागों को एक मंच पर लाकर किसानों की आय बढ़ाने की रणनीति बनी।

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार 30 अप्रैल को सीएम किसान हेल्पलाइन का शुभारंभ किया। रवीन्द्र भवन में आयोजित इस कार्यक्रम को "कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण प्रशिक्षण एवं कार्यशाला" का नाम दिया गया। इसका उद्देश्य मध्य प्रदेश के कृषि क्षेत्र को मजबूत करना और किसानों को बेहतर सुविधाएं देना था।



मुख्यमंत्री ने खुद परखी हेल्पलाइन की हकीकत

कार्यक्रम के दौरान एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने सीएम किसान हेल्पलाइन का शुभारंभ किया। सीएम खुद ने किसान हेल्पलाइन सेंटर को फोन लगाकर पूछा कि गर्मी में तीसरी फसल कौन सी ले सकते हैं। इस पर हेल्प लाइन डेस्क जवाब दिया- अभी इसकी जानकारी नहीं है। जानकारी लेकर आपको कॉल करेंगे। सीएम ने इस त्वरित कार्यप्रणाली की काफी सराहना की। कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव के साथ 8 महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे।



16 विभागों का एक साझा मंच

मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण डैशबोर्ड भी लॉन्च किया। अब किसान कल्याण से जुड़े 16 विभाग एक साथ आए हैं। सीएम ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक पहल है। सिंचाई, सड़क और शिक्षा जैसे विभाग किसान से जुड़े हैं। इन सभी को एक दायरे में लाने का प्रयास हुआ है। उद्यानिकी और कृषि को उन्होंने भाई-बहन की तरह बताया। सहकारिता के साथ पशुपालन और मत्स्य पालन को जोड़ा गया है।



नई पीढ़ी और खेती के प्रति दृष्टिकोण

मुख्यमंत्री ने नई पीढ़ी के रुझान पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज बच्चे डॉक्टर या इंजीनियर बनना चाहते हैं। किसान बनने की इच्छा बहुत कम बच्चों में होती है। कृषि परिवारों के बच्चे भी खेती से दूर भाग रहे हैं। हमें इस सोच को बदलने की जरूरत है। खेती को आधुनिक और लाभ का धंधा बनाना होगा। तभी युवा इस क्षेत्र की ओर आकर्षित होंगे।



प्रदेश में हो रही है दूध क्रांति

पशुपालन के क्षेत्र में नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड सहयोग कर रहा है। महेश्वर के किसान का उदाहरण देते हुए सीएम ने बात रखी। फसल की आय के मुकाबले दूध से कमाई बढ़ रही है। दूध के बढ़ते दामों का सीधा फायदा किसानों को मिला है। प्रदेश में अब दूध क्रांति का असर दिखने लगा है।



तकनीक और नवाचार पर विशेष जोर

खेती में अब तकनीक का विस्तार हो रहा है। पहले किसान केवल रबी और खरीफ पर निर्भर थे। अब बिजली और सिंचाई से तीसरी फसल भी संभव है। सीएम ने इजरायल का उदाहरण साझा किया। कम बारिश के बाद भी वहां खेती उन्नत है। हमें भी इजरायल की तरह नवाचार अपनाना होगा। नदी जोड़ो परियोजनाओं से सिंचाई के नए अवसर बन रहे हैं।



कर्मयोगी भावना से सेवा का संकल्प

कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि यह पूरा वर्ष किसानों को समर्पित है। हर जिले में कृषि मेलों का आयोजन हुआ है। प्रमुख सचिव निशांत बरबड़े ने लोक सेवकों को कर्मयोगी बताया। सरकार ने अब साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया है। इससे किसानों को सभी लाभ एक ही जगह मिलेंगे।



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