42वीं किस्त में 3000 रुपए मिलेंगे या 1500?: लाड़ली बहनों को दिवाली का इंतजार, भाई दूज पर भी सौगात की उम्मीद
यह रकम सीधे बैंक खाते में DBT के जरिए आती है। आमतौर पर हर महीने 10 से 15 तारीख के बीच पैसे आते हैं। त्योहारों को देखते हुए इस बार जल्दी किस्त आने की चर्चा है। हालांकि, 42वीं किस्त की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।
तीन हजार रुपए की चर्चा क्यों?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कई बार राशि बढ़ाकर तीन हजार रुपए करने की बात कही है। सरकार ने 2025 में दिवाली के बाद राशि एक हजार 250 से बढ़ाकर एक हजार 500 रुपए की थी। इसके बाद 2028 तक तीन हजार रुपए का लक्ष्य रखा गया है। बता दें लाड़ली बहना योजना के तहत फिलहाल पात्र महिलाओं को एक हजार 500 रुपए मिलते हैं। पिछली यानी 41वीं किस्त में भी इतनी ही राशि दी गई थी। कुछ रिपोर्ट्स में तीन हजार रुपए मिलने की संभावना जताई गई है। इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि 42वीं किस्त में तीन हजार रुपए मिलेंगे।
भाई दूज पर लाड़ली बहनों को मिलेंगे ज्यादा पैसे?
खबरों के मुताबिक, त्योहारों के दौरान सरकार ने पहले भी महिलाओं को ज्यादा पैसे दे चुकी है। इसी वजह से इस बार भी अतिरिक्त सहायता की चर्चा है। महिलाओं को उम्मीद है कि भाई दूज पर कोई सौगात मिल सकती है। हालांकि, भाई दूज पर अतिरिक्त राशि देने का ऐलान अभी नहीं हुआ है। सरकार की ओर से ऐसी कोई पक्की जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए महिलाओं को आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।
2025 में बढ़ाकर 1500 रुपए की गई थी राशि
लाड़ली बहना योजना की शुरुआत मार्च 2023 में हुई थी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी घोषणा की थी। 5 मार्च 2023 को योजना आधिकारिक तौर पर शुरू हुई। शुरुआत में महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपए दिए जाते थे। बाद में सरकार ने इस राशि में बढ़ोतरी की। साल 2025 में रक्षाबंधन पर महिलाओं को अतिरिक्त सहायता दी गई।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रक्षाबंधन के मौके पर 250 रुपए अतिरिक्त देने की घोषणा की थी। यह अतिरिक्त राशि लाभार्थियों को दी गई थी। इसके बाद मासिक सहायता राशि बढ़ाकर एक हजार 500 रुपए कर दी गई।
इंदौर में इतनी महिलाएं योजना से हुईं बाहर
लाड़ली बहना योजना से कुछ महिलाएं बाहर भी हुई हैं। इंदौर में अब तक 19 हजार 654 महिलाओं के नाम हटाए जा चुके हैं। इनमें बड़ी संख्या 60 साल की उम्र पूरी करने वाली महिलाओं की है। पिछले साढ़े तीन साल में 14 हजार 151 महिलाएं उम्र की वजह से बाहर हुईं। आंकड़ों के मुताबिक, हर साल यह संख्या बढ़ रही है।
जानकारी के मुताबिक, साल 2024 में उम्र पूरी होने पर चार हजार 40 महिलाएं योजना से बाहर हुई थीं। वहीं, 2026 में यह संख्या बढ़कर पांच हजार 150 हो गई। यानी उम्र पूरी होने के कारण बाहर होने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ी है।
योजना का लाभ केवल तय पात्रता पूरी करने वाली महिलाओं को मिलता है। उम्र और दूसरी शर्तें पूरी नहीं होने पर नाम हटाया जा सकता है। इसलिए लाभार्थियों को अपनी पात्रता की जानकारी रखना जरूरी है।
लाड़ली बहना योजना का उद्देश्य क्या है?
मध्य प्रदेश सरकार ने महिलाओं को आर्थिक मदद देने के लिए यह योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। इससे महिलाएं अपनी जरूरतों के लिए कुछ पैसे बचा सकती हैं।योजना की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। इस व्यवस्था को डायरेक्ट वेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT कहा जाता है। इससे सहायता राशि सीधे पात्र महिला तक पहुंचती है।
FAQs
- 42वीं किस्त की राशि कब आएगी?
42वीं किस्त की तारीख अभी तक घोषित नहीं हुई है, लेकिन आमतौर पर यह राशि हर महीने 10 से 15 तारीख के बीच आती है। इस बार त्योहारों को देखते हुए जल्दी किस्त आने की चर्चा है। - क्या भाई दूज पर लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत अतिरिक्त सहायता मिलेगी?
भाई दूज पर अतिरिक्त राशि देने की कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, त्योहारों के दौरान सरकार पहले भी महिलाओं को अधिक राशि दे चुकी है, इस कारण कुछ महिलाओं को उम्मीद है कि इस बार भी ऐसा हो सकता है। - लाड़ली बहना योजना का उद्देश्य क्या है?
लाड़ली बहना योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, जिससे वे अपने खर्चे के लिए कुछ पैसे बचा सकें। यह राशि सीधे उनके बैंक खाते में DBT के जरिए भेजी जाती है।