लाड़ली बहना योजना को 5 साल और बढ़ाएगी मोहन सरकार, कैबिनेट में आज फैसला संभव!
समझें क्या है पूरा मामला
- मोहन सरकार आज (18 अगस्त) कैबिनेट में लाड़ली बहना योजना को पांच साल और बढ़ा सकती है।
- लाड़ली लक्ष्मी योजना भी अगले पांच साल तक जारी रहेगी।
- कैबिनेट बैठक में कुल 18 प्रस्ताव रखे जा सकते हैं।
- नर्मदा संरक्षण के लिए नमन मिशन के गठन को मंजूरी मिल सकती है।
- सड़क विकास निगम में 35 नए पदों को भी मंजूरी दी जा सकती है।
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अगले पांच साल तक जारी रहेगी। लाड़ली लक्ष्मी योजना को भी पांच साल का विस्तार मिलेगा। इस बारे में फैसला आज मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक में होगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग इन दोनों प्रस्तावों को बैठक में रखेगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही दोनों योजनाएं आगे भी चलती रहेंगी। इन योजनाओं का सीधा फायदा प्रदेश की लाखों महिलाओं और बेटियों को मिलता है।
कुल 18 प्रस्ताव शामिल
आज की कैबिनेट बैठक में कुल 18 प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। ये प्रस्ताव कई अलग-अलग विभागों से जुड़े हैं। इनमें महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, कृषि और लोक निर्माण विभाग शामिल हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रस्ताव भी एजेंडे में हैं। गृह और वन विभाग से जुड़े मामले भी बैठक में रखे जाएंगे। कुछ प्रस्ताव मौजूदा योजनाओं को जारी रखने के लिए हैं। वहीं कुछ प्रस्ताव (मोहन कैबिनेट का फैसला जल्द) नई योजनाओं और कर्मचारी मामलों से जुड़े हैं। कुछ प्रस्तावों में न्यायालयीन प्रकरणों पर भी फैसला होना है।
महिला योजनाओं पर फैसला
मध्य प्रदेश महिला एवं बाल विकास विभाग के एजेंडे में तीन बड़ी योजनाएं शामिल हैं। पहली है प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना। इसे 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने का प्रस्ताव है। इस योजना में 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार देती है। बाकी 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करती है। दूसरी योजना मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना-2023 है, जिसकी निरंतरता का प्रस्ताव है। तीसरी योजना मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना है, जिसका मौजूदा कार्यक्रम आगे भी जारी रहेगा।
स्वास्थ्य सेवाएं जारी रहेंगी
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के भी कई प्रस्ताव हैं। इनमें उप स्वास्थ्य केंद्रों को जारी रखने का प्रस्ताव शामिल है। स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन और सुदृढ़ीकरण से जुड़े प्रस्ताव भी हैं। अस्पतालों और औषधालयों के भवन निर्माण की योजनाएं भी एजेंडे में हैं। इसके अलावा आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाला अतिरिक्त प्रोत्साहन भी जारी रहेगा। यह फैसला ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अहम माना जा रहा है।
किसानों को मिलेगी राहत
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग का भी अहम प्रस्ताव है। बताया जा रहा है कि विभाग की तीन योजनाओं को अगले पांच साल तक जारी रखा जाएगा। इन तीनों योजनाओं का वित्तीय आकार 500 करोड़ रुपए से कम है। प्रस्तावित अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक रखी गई है। इससे किसानों को मिलने वाली सुविधाएं बिना रुकावट जारी रहेंगी।
नमन मिशन का गठन होगा
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एक नए मिशन का प्रस्ताव लाएगा। इसका नाम निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन यानी नमन मिशन रखा गया है। इस मिशन का मकसद नर्मदा नदी को संरक्षित रखना है। इसके काम को संस्थागत रूप दिया जाएगा। इसके जरिए नर्मदा के विकास कार्यों को भी आगे बढ़ाया जाएगा। यह प्रस्ताव नदी संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सड़क निगम में नए पद
मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग का सड़क विकास निगम को लेकर प्रस्ताव है। निगम के सुचारू संचालन के लिए 35 नए पदों की स्वीकृति मांगी जाएगी। इसके साथ ही पहले से मौजूद 7 पद भी बने रहेंगे। ये पद 19 सितंबर 2026 के बाद अगले पांच साल तक जारी रहेंगे। इससे निगम के कामकाज में तेजी आने की उम्मीद है।
वहीं विज्ञान से जुड़ी योजनाएं आगे भी जारी रहेंगी। इसके अलावा गृह और वन विभाग से जुड़े मामलों, कोर्ट में चल रहे मामलों पर फैसले और कृषि विज्ञान केंद्र के लिए जमीन देने जैसे प्रस्ताव भी शामिल हैं।
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