लखनादौन में CMO के घर गंदा पानी: सुनवाई नहीं हुई तो करनी पड़ी CM हेल्पलाइन में शिकायत

Pawan Modiya | Jun 23, 2026, 16:56 IST
दूषित पानी की शिकायत
सिवनी के लखनादौन में पूर्व CMO गीता वाल्मीकि के घर दूषित पानी आ रहा था। अफसरों ने सुनवाई नहीं की तो उन्होंने खुद CM हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई। वार्ड-4 में पाइपलाइन खराबी या सीवरेज मिलने की आशंका जताई गई है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • लखनादौन नगर परिषद की पूर्व अधिकारी के घर दूषित पानी आ रहा था।
  • उन्होंने कई बार अफसरों को मौखिक रूप से समस्या बताई।
  • किसी ने भी उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया।
  • थक हारकर उन्होंने CM हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई।
  • वार्ड-4 में पाइपलाइन खराबी या सीवरेज मिलने की आशंका जताई गई है।

अफसर की शिकायत अनसुनी

सिवनी जिले की लखनादौन नगर परिषद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां आम जनता की नहीं, बल्कि खुद एक अफसर की शिकायत अनसुनी कर दी गई। गीता वाल्मीकि लखनादौन नगर परिषद की पूर्व मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO, Chief Municipal Officer) रही हैं। वे अभी छपारा नगर परिषद में सीएमओ के पद पर तैनात हैं। उनके घर में लगातार दूषित पानी आ रहा था। समस्या इतनी गंभीर थी कि उन्हें खुद मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 का सहारा लेना पड़ा।



पानी में गंदगी और बदबू की शिकायत

जानकारी के अनुसार गीता वाल्मीकि का घर लखनादौन में ही है। यहां पाइपलाइन के जरिए आ रहा पानी साफ नहीं था। पानी में गंदगी और बदबू दोनों की शिकायत मिल रही थी। यह समस्या एक दिन की नहीं थी। काफी समय से उनके घर में यही हाल था। आम तौर पर ऐसी शिकायतें नगर परिषद के दफ्तर में जाकर सुलझ जाती हैं। लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ।



जल प्रदाय विभाग के अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया

गीता वाल्मीकि ने इस बारे में कई बार जल प्रदाय विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को मौखिक रूप से बताया। उन्होंने फोन पर भी समस्या बताई। उनका कहना है कि वार्ड क्रमांक चार में पेयजल पाइपलाइन में तकनीकी खराबी हो सकती है। यह भी आशंका जताई गई कि पाइपलाइन में सीवरेज का पानी मिल रहा है। इसी वजह से लोगों के घरों तक गंदा पानी पहुंच रहा है।



थक हारकर सीएम हेल्पलाइन का सहारा लिया

लंबे समय तक जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तब उन्होंने आखिरी रास्ता अपनाया। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। यह हेल्पलाइन आम नागरिकों की शिकायतें सुनने के लिए बनी है। लेकिन इस बार एक अफसर को ही इसका सहारा लेना पड़ा। यह बात अपने आप में बड़ा सवाल खड़ा करती है।



इस घटना ने नगर परिषद की कार्यशैली पर सीधा सवाल उठा दिया है। अगर एक जिम्मेदार पद पर बैठी अधिकारी की शिकायत स्थानीय स्तर पर नहीं सुनी जाती, तो आम नागरिक की क्या स्थिति होगी। यह सवाल अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। लोग नगर परिषद के जल प्रदाय तंत्र पर भी सवाल उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्ड चार में यह समस्या नई नहीं है। पहले भी कई बार ऐसी शिकायतें आती रही हैं। लेकिन ठोस समाधान कभी नहीं हुआ।



अब देखना यह है कि CM हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज होने के बाद विभाग क्या कदम उठाता है। आम तौर पर हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का जवाब संबंधित विभाग को देना होता है। प्रशासन से जल्द जांच और कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। पानी की गुणवत्ता की जांच भी जरूरी मानी जा रही है।



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