जिस जमीन को गिरवी रख लिया करोड़ों का कर्ज, उसी को चुपके से बेच डाला, EOW ने कसा शिकंजा

Neel Tiwari | Feb 28, 2026, 21:57 IST
land mortgage
EOW ने जबलपुर के इसरार खान के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। इसरार खान ने केनरा बैंक से 1.43 करोड़ का कर्ज लिया। फिर उसने गिरवी रखी जमीन का हिस्सा चुपके से बेच दिया। इससे बैंक को भारी नुकसान हुआ।

News in Short

  • EOW ने इसरार खान के खिलाफ दर्ज की FIR।
  • जी.के. मेडीकोज के संचालक इसरार खान पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज।
  • 1350 वर्गफुट के प्लॉट पर लिया था केनरा बैंक से 1.43 करोड़ का लोन।
  • धोखे से गिरवी प्लॉट का 560 वर्गफुट हिस्सा बेचा।
  • बैंक ऑडिट से खुली फर्जीवाड़े की पोल।

News in Detail

जबलपुर में एक मेडिकल स्टोर संचालक ने केनरा बैंक में कीमती प्लॉट गिरवी रखा। उसने पहले करोड़ों का लोन लिया। फिर बैंक को भनक लगे बिना जमीन का एक हिस्सा बेच दिया। इस जालसाजी का खुलासा बैंक ऑडिट में हुआ। अब ईओडब्ल्यू ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है।



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18 लाख रुपए का ऋण

जबलपुर के नया मोहल्ला निवासी इसरार खान ने अपनी व्यापारिक जरूरतों के लिए केनरा बैंक की खोवा मण्डी शाखा से लोन लिया था। आरोपी ने भरतीपुर स्थित अपने 1350 वर्गफुट के प्लॉट (नंबर 254/7) को बैंक के पास बंधक यानी मॉर्गेज रखा। शुरुआत में इस प्रॉपर्टी पर 18 लाख रुपए का ऋण लिया गया। लेकिन धीरे-धीरे इसी जमीन के भरोसे आरोपी ने बैंक से अलग-अलग सी.सी. लिमिट और टर्म लोन हासिल कर लिए। दस्तावेजों के अनुसार, इसरार खान ने इस गिरवी रखी जमीन पर बैंक से कुल 1 करोड़ 43 लाख रुपए का भारी-भरकम कर्ज उठा लिया और पूरी राशि का उपयोग भी कर लिया।



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अंधेरे में रखा बैंक को और चुपके से बेच दी जमीन

जब करोड़ों का कर्ज चुकाने की बारी आई, तब आरोपी ने ईमानदारी दिखाने के बजाय धोखाधड़ी का रास्ता चुना। साल 2020 के शुरुआती महीनों में, जब जमीन के मूल दस्तावेज बैंक के पास जमा थे। आरोपी ने शातिर दिमाग लगाते हुए गिरवी रखे गए प्लॉट के एक हिस्से (560 वर्गफुट) का सौदा कर लिया। बिना बैंक की एनओसी या जानकारी के, 6 जनवरी 2020 को इसरार खान ने इस जमीन को मोहम्मद रफीक और मोहम्मद आसिफ के नाम हस्तांतरित कर दिया। इस अवैध बिक्री के जरिए आरोपी ने न केवल बैंक के साथ विश्वासघात किया, बल्कि बैंक को भारी आर्थिक क्षति पहुँचाते हुए अवैध लाभ कमाया।



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ऑडिट में खुला राज और अब जेल की तैयारी

धोखाधड़ी का यह खेल करीब पांच साल तक परदे के पीछे चलता रहा, लेकिन साल 2025 में हुई बैंक की एक रूटीन ऑडिट ने सारा सच सामने ला दिया। ऑडिट के दौरान जब अधिकारियों ने मॉर्गेज रखी संपत्तियों का भार प्रमाण पत्र (EC) निकलवाया, तो पता चला कि जमीन का एक बड़ा हिस्सा पहले ही बेचा जा चुका है। केनरा बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक रामेश्वर दयाल शर्मा की शिकायत पर ईओडब्ल्यू जबलपुर ने प्राथमिक जांच की और पाया कि इसरार खान ने जानबूझकर बैंक को धोखा दिया है। इसके बाद ईओडब्ल्यू ने आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और अब संपत्ति की कुर्की व गिरफ्तारी जैसी कार्रवाइयों की तैयारी की जा रही है।



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