जानलेवा लू; भारत में हर साल गर्मी से 30 हजार मौतें, आप भी बरतें सावधानी वरना...

Aparajita Priyadarshini | May 29, 2024, 18:39 IST
ैाै
मई का महीना चल रहा है और गर्मी अपने शबाब पर है। तापमान 50 के पार जा रहा है। गर्म हवाओं की थपेड़े, चिलचिलाती धूप और उमस के चलते लोगों का हाल बेहाल हो गया है। सबसे ज्यादा लू की चपेट में आने से अब लोग बीमार भी पड़ने लगे हैं।

दिल्ली सहित पूरा उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। दिन में लू के थपेड़ों ने लोगों की हालत खराब कर दी है। कई जगह तो अधिकतम तापमान 50 के आसपास पहुंच रहा है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि बहुत ज्यादा गर्मी लगने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिससे खून गाढ़ा हो सकता है और पूरे शरीर में खून का संचार धीमा हो सकता है। इससे कुछ गंभीर स्थितियों में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। यदि इस मौसम में पर्याप्त सावधानी बरती जाए, तो तेज धूप, लू और गर्मी से होने वाली विभिन्न परेशानियों से बचा जा सकता है।



हर साल लू की भेंट चढ़ रही 30 हजार से ज्यादा जिंदगियां


यदि आंकड़ों की मानें तो भारत में लू की वजह से हर साल औसतन 31 हजार 748 मौतें हो रही हैं। ऐसे में बढ़ती गर्मी और लू से बचाव के लिए कहीं ज्यादा संजीदा रहने की जरूरत है। ऑस्ट्रेलिया के मोनाश विश्विद्यालय द्वारा किया यह अध्ययन 1990 से 2019 के दौरान पिछले 30 वर्षों के आंकड़ों पर आधारित है। आंकड़ों की मानें तो 1990 से 2019 के बीच पिछले तीन दशकों में गर्म मौसम के दौरान होने वाली सभी मौतों में से करीब एक फीसदी के पीछे की वजह लू रही।



ये भी देखें...







लू लगने पर क्या लक्षण दिखते हैं?


अगर आपके शरीर का तापमान 104°F (40°C) से ज्यादा है और टेंपरेचर को कंट्रोल नहीं कर पा रहा है तो समझ लें आपको लू लग गई है।



अगर बहुत भ्रम और चिड़चिड़ापन जैसी स्थिति हो रही है इंसान कुछ समझ नहीं पा रहा है तो ऐसा दिमाग पर हाई टेंपरेचर के कारण हो सकता है।



स्किन का रंग लाल, गर्म और डाई होना भी लू लगने के लक्षण हैं। अक्सर लू लगने पर पसीना नहीं आता है।



हार्ट संबंधी तनाव पैदा होना जैसे कि हार्ट बीट तेज होना भी लू लहने के कारण हो सकती है।



तंत्रिका से जुड़ी समस्याएं जैसे सिरदर्द, चक्कर आना, और गंभीर मामलों में दौरा भी लू लगने के कारण हो सकता है।



गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल से जुड़ी समस्याएं जिसमें उल्टी, मतली और दस्त होना भी लू लगने के लक्षण हो सकते हैं।



ये भी देखें...





क्या है लू का कारण


ये गर्म हवाएं जब आपके शरीर के संपर्क में आती हैं तो शरीर का तापमान बढ़ा देती हैं और इस वजह से कई समस्याएं होने लगती हैं। ज्यादा देर तक धूप में काम करना और शरीर में पानी की कमी होना लू लगने के प्रमुख कारण हैं। बच्चे और बूढ़े लोग लू की चपेट (Sunstroke) में जल्दी आ जाते हैं। अधिकांश मामलों में लोगों को यह जल्दी पता ही नहीं चल पाता है कि उन्हें लू लग गयी है। हालांकि इसका सटीक अंदाज़ा लू के लक्षणों को देखकर लगाया जा सकता है। इसलिए हर किसी को लू के लक्षणों की पूरी जानकारी होनी चाहिए।



IGIMS के Dr Vineet Thakur से जानिए लू से बचने के उपाय



अगर किसी को लू लग जाए तो उसे सबसे पहले पानी पिलाएं और शरीर को हाइड्रेट रखने की कोशिश करें। जिससे लू के असर को कम किया जाए।



लू से बचने के लिए धूप में कम से कम निकलें। अगर निकल रहे हैं तो छाया या किसी सूती कपड़े से खुद को कवर करके रखें। कोशिश करें शरीर को ठंडा रखने की इसलिए पंखा और कूलर में ही रहें।



गर्मी और लू से बचने के लिए जरूरी है कि हल्के और हवा पास होने वाले सूती कपड़े पहनें। इससे पसीना निकलने में मदद मिलती है और गर्मी कम लगती है।



एकदम से धूम में जाने से बचें। अगर आप एसी से निकल रहे हैं तो सीधे धूप में न जाएं। शरीर के तापमान को बैलेंस करने की कोशिश करें।



अगर आप धूप में कुछ शारीरिक श्रम कर रहे हैं तो बीच-बीच में ब्रेक लें और शरीर को रिलेक्स होने दें। लगातार पानी पीते रहें और शरीर को हाइड्रेट रखें।



गर्मियों में आम का रस पिएं, फलों का जूस पिएं, नारियल पानी पिएं और पुदीना और नींबू को सेवन करें। इससे शरीर में पानी की कमी को दूर किया जा सकता है।



लू से बचने के घरेलू उपाय



लू लगने के अधिकतर मामलों में आप कुछ घरेलू उपाय अपनाकर ही इसे ठीक कर सकते हैं। इसके लिए अपनी डाइट में ठंडे तरल पेय पदार्थों का सेवन अधिक करें। आइये कुछ प्रमुख घरेलू उपायों के बारे में जानते हैं।



घर पर ही आम का पना बनाकर पियें। लू से बचने का यह सबसे असरदार घरेलू उपाय है।



प्याज को भून लें और इसे एक साधारण प्याज के साथ मिलाकर पीस लें। इस मिश्रण में जीरा पाउडर और मिश्री मिलाकर खाने से भी लू से आराम मिलता है। इसके अलावा रोजाना खाने में कच्चे प्याज का इस्तेमाल करें।



धनिये और पुदीने दोनों की ही तासीर ठंडी होती है। लू से बचने के लिए गर्मियों में रोजाना धनिये और पुदीने का जूस बनाकर पिएं।



सब्जियों का सूप बनाकर रोजाना सेवन करें।



शरीर को ठंडा रखने के लिए दिन में एक या दो बार नींबू पानी का सेवन ज़रुर करें।



ये भी पढ़ें...



छत पर पूरियां तलने वाली महिला रो पड़ी, द सूत्र से बोली- मोदी जी को दूंगी सबूत



लू लगने पर प्राथमिक उपचार क्या है?



किसी को भी हीट स्ट्रोक जैसी समस्या होने पर आप तत्काल के लिए निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं:-



हीट स्ट्रोक होने पर आप पीड़ित को तुरंत ठंडी या छायादार जगह पर ले जाएं।



तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए संपर्क करें।



यदि पीड़ित व्यक्ति ने भारी-भरकम ड्रेस पहनी हुई है तो उसे बदलने के लिए बोलें।



पंखे से पीड़िता को हवा देने की कोशिश करें।



ठंडे पानी से उसके शरीर को पोछें।



मरीज होश में हो तो उसे तरल पदार्थ सेवन के लिए दें। जैसे- नींबू-पानी, जूस इत्यादि



तत्काल चिकित्सा आने तक पेशेंट के हार्ट-बीट और सांस लेने की प्रक्रिया को निगरानी में रखें।



निष्कर्ष



लू लगने पर तुरंत इलाज लें और प्रयास करें कि आप जब तक डॉक्टर के पास नहीं जाते हैं, घरेलू उपायों का पालन करें। वहीं बच्चों को लू लगने के बाद बिना देर किए उन्हें किसी ठंडी जगह पर ले जाएं और उन्हें ठंडा जूस पिलाएं। इससे उन्हें कुछ राहत मिलेगी। इसके बाद डॉक्टर से परामर्श लें। इस स्थिति को गंभीरता से लें और स्थिति का सही समय पर इलाज प्राप्त करें।



heatstroke | heat waves mp | heatstroke symptoms not present in content



thesootr links



सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें



द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें









Tags:
  • heat waves mp
  • heatstroke
  • heatstroke symptoms
  • लू लगने पर क्या लक्षण
  • लू से बचने के घरेलू उपाय