कंडवाल ने 10.83 करोड़ की काली कमाई के लिए पत्नी को सिलाई-बुनाई करना बताया
INDORE. इंदौर में महिला व बाल विकास विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर (joint director) लक्ष्मीनारायण कंडवाल की आय 287 फीसदी अधिक निकली है। उनकी कुल 30 साल की नौकरी हुई थी, इस दौरान वेतन के रूप में 2.50 करोड़ रुपए मिले।
लोकायुक्त ने जब छापा मारकर जांच की तो कुल खर्च 10.83 करोड़ रुपए मिला। यानी आठ करोड़ रुपए की काली कमाई निकली। लोकायुक्त ने बुधवार अलसुबह चोइथराम मंडी स्थित स्कीम नंबर-103 में कंडवाल के ठिकाने पर छापा मारा था। इसके बाद विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट लेकर तीन जगह और जांच की।
पत्नी की सिलाई-बुनाई से दिखाई आय
कंडवाल ने अपनी आय से अधिक कमाई को खपाने के लिए अन्य आय के स्त्रोत बताए हुए थे। इसमें पत्नी की कमाई भी बताई थी। इसके लिए बताया गया कि वह सिलाई-बुनाई का काम करती है। वहीं बेटों के डिपार्टमेंटल स्टोर और जिम से मिलने वाले किराए से आय होना बताया। डिपार्टमेंटल स्टोर का टर्नओवर हर माह एक लाख रुपए और जिम से करीब सवा लाख रुपए प्रति माह किराया बताया।
लोकायुक्त ने बताया यह सब मिला छापे में
कुल आय- वेतन से कमाई 30 साल की नौकरी में ढाई करोड़ रुपए, खेती से आय 30 लाख रुपए। कुल आय 2.80 करोड़ रुपए
व्यय इस तरह से किया
लॉकर में 25 लाख की ज्वेलरी- बैंक ऑफ इंडिया की सांठा बाजार, सराफा शाखा में कंडवाल के नाम से एक लॉकर मिला है। लॉकर की तलाशी में 25 लाख रुपए से अधिक मूल्य का सोना मिला।
भवन बनाने व जमीन खरीदी में - इस पर कुल 9.76 करोड़ रुपए खर्च।
घर में मिला सामान कीमत- 38.48 लाख।
डिपार्टमेंटल स्टोर में सामग्री- 35.73 लाख।
जिम में लगे सामान की कीमत- 2.71 लाख।
घर में मिली ज्वेलरी- 4.89 लाख।
कुल व्यय 10 करोड़ 82 हजार 73 हजार 089/-रुपए।
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