लोकायुक्त ने बनाई योजना, तुरंत मिलेंगे रिश्वत में दिए गए पैसे
भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की योजना बनाई है। लोकायुक्त पुलिस ने शिकायतकर्ताओं को राहत देने के लिए 40 लाख रुपए की विशेष निधि बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसका उद्देश्य यह है कि ट्रैपिंग के दौरान रिश्वत के रूप में दी गई राशि तुरंत शिकायतकर्ता को वापस कर दी जाए।
अभी तक यह राशि शिकायतकर्ता को कोर्ट के फैसले के बाद ही मिल पाती है, जिसमें औसतन 10 साल का समय लग सकता है। इस देरी के चलते कई लोग भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने से कतराते हैं। नई योजना के तहत, शिकायतकर्ता को तुरंत पैसे वापस किए जाएंगे, और कोर्ट के फैसले के बाद राशि दोबारा निधि में जमा की जाएगी।
सीबीआई में भी नहीं है ऐसी व्यवस्था
लोकायुक्त पुलिस के विशेष पुलिस स्थापना प्रमुख जयदीप प्रसाद ने बताया कि इस नई व्यवस्था से भ्रष्टाचार के मामलों में तेजी आएगी और शिकायतकर्ताओं का भरोसा बढ़ेगा। फिलहाल, सीबीआई और अन्य एजेंसियों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, जहां रिश्वत की रकम तुरंत लौटाई जा सके।
ईओडब्ल्यू में भी लागू हो सकती है योजना
FAQ
- 1. नई योजना में रिश्वत की राशि कब लौटाई जाएगी?
शिकायतकर्ता को ट्रैपिंग के तुरंत बाद राशि लौटा दी जाएगी। - 2. इस योजना के लिए कितनी निधि बनाई जा रही है?
शुरुआत में 40 लाख रुपये की निधि प्रस्तावित है। - 3. क्या यह योजना सीबीआई में भी लागू है?
नहीं, फिलहाल सीबीआई में इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। - 4. क्या यह व्यवस्था अन्य विभागों में भी लागू होगी?
हां, इसे भविष्य में ईओडब्ल्यू (EOW) में भी लागू करने की योजना है। - 5. क्या इस योजना से भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी?
हां, यह योजना शिकायतकर्ताओं को रिश्वत देने वालों के खिलाफ शिकायत करने के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिससे भ्रष्टाचार पर रोक लगने की उम्मीद है।
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