LPG गैस संकट के बीच बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह की सलाह, रोटी-पराठे कम खाएं और ईंधन बचाएं
News In Short
बड़वानी कलेक्टर ने गैस बचाने की अपील की।
रोटी-पराठे की जगह वैकल्पिक भोजन सुझाया।
होटल मेन्यू छोटा करने की सलाह।
शादी समारोह में इंडक्शन उपयोग सुझाव।
प्रदेश में LPG सप्लाई पर असर।
News In Detail
मध्य प्रदेश के कई जिलों में LPG संकट (LPG Gas Crisis) की खबरें सामने आ रही हैं। कई जगहों पर गैस सिलेंडर की डिलीवरी देर से हो रही है। मध्यप्रदेश में कई जगह लोगों को गैस मिलने में लगभग दस दिन का समय लग रहा है।
कुछ जिलों में ऑनलाइन बुकिंग भी प्रभावित बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि सर्वर की समस्या के कारण बुकिंग प्रक्रिया धीमी हो गई है। इसके चलते आम लोगों को घरेलू गैस मिलने में परेशानी हो रही है।
प्रदेश के कई जिलों में कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई भी प्रभावित बताई जा रही है। इसका असर होटल कारोबार पर साफ दिखाई दे रहा है। कई छोटे होटल और ढाबों ने अपना मेन्यू छोटा कर दिया है। वहीं छोटी रेहड़ी और ठेले लगाने वाले लोग भी गैस सिलेंडर नहीं मिलने से परेशान हैं।
कलेक्टर की खास सलाह
इस बीच बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह ने लोगों से गैस बचाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में गैस का उपयोग सोच-समझकर करना जरूरी है। कलेक्टर ने बताया कि रोटी और पराठे बनाने में ज्यादा ईंधन खर्च होता है। ऐसे में लोग चाहें तो कुछ समय के लिए दूसरे विकल्प अपना सकते हैं।
आईएएस जयति सिंह ने कहा कि अगर लोग थोड़ी समझदारी से काम लें तो गैस की खपत कम की जा सकती है। प्रशासन की कोशिश है कि लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि जिले में गैस पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। हालांकि, सप्लाई में थोड़ी देरी हो सकती है। इसलिए लोगों को थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है।
होटल उद्योग को सुझाव
कलेक्टर जयति सिंह ने होटल मेन्यू बदलाव (Hotel Menu Change) को लेकर भी सुझाव दिया है। उन्होंने होटल उद्योग से जुड़े लोगों से कहा कि वे अपने मेन्यू पर फिर से विचार करें। अगर मेन्यू में ऐसे व्यंजन कम कर दिए जाएं जिनमें ज्यादा गैस खर्च होती है, तो गैस की बचत हो सकती है।
कलेक्टर का कहना है कि छोटे-छोटे बदलाव भी बड़े असर डाल सकते हैं। कई होटल पहले ही अपने मेन्यू में बदलाव कर चुके हैं। कुछ जगहों पर रोटी और पराठे की संख्या कम कर दी गई है। इसके अलावा ऐसे व्यंजन शामिल किए जा रहे हैं जिनमें गैस की खपत कम होती है।
शादी समारोह में उपाय
कलेक्टर ने वैकल्पिक ईंधन (Alternative Cooking Fuel) के उपयोग पर भी जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शादी समारोह और बड़े कार्यक्रमों में इंडक्शन चूल्हे का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा डीजल भट्टी जैसे विकल्प भी अपनाए जा सकते हैं।
ऐसे उपाय अपनाने से गैस सिलेंडर पर दबाव कम किया जा सकता है। शादी के मौसम में गैस की खपत ज्यादा बढ़ जाती है। इसलिए प्रशासन चाहता है कि लोग वैकल्पिक उपाय अपनाएं। इससे गैस संकट की स्थिति को संभालने में मदद मिलेगी।
प्रशासन की कार्रवाई
प्रदेश में गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए प्रशासन सक्रिय है। कई जिलों में प्रशासनिक टीमें लगातार जांच कर रही हैं। अगर कहीं गैस सिलेंडर की जमाखोरी या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है, तो तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि गैस सप्लाई को सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो सकती है। तब तक लोगों से गैस का उपयोग सावधानी से करने की अपील की जा रही है।
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