एमपी में अब 3 दिन में जारी होगा तबादला आदेश, अटकेंगी नहीं फाइलें, CMO की रहेगी नजर

Aman Vaishnav | Jan 09, 2026, 13:06 IST
madhya pradesh cmo new transfer rules three day deadline
मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक काम को और ज्यादा असरदार बनाने के लिए बड़े बदलाव किए हैं। अब मुख्यमंत्री कार्यालय से जो A+ नोटशीट जारी होगी, उसे विभागों को तुरंत एक्शन लेना होगा।

5 पॉइंट में समझें खबर के मायने...



  • मध्यप्रदेश सरकार ने प्रशासनिक काम में कसावट लाने के लिए बड़े बदलाव किए हैं।
  • सीएम ऑफिस की A+ नोटशीट पर 3 दिन में ट्रांसफर ऑर्डर निकालना होगा।
  • आदेश न निकालने पर अफसरों को मुख्यमंत्री कार्यालय को कारण बताना होगा।
  • विधानसभा प्रश्नों के जवाब में जानकारी संकलित लिखना अब प्रतिबंधित होगा।
  • सभी ACS और PS को जनवरी से मार्च के बीच दिल्ली दौरा करना होगा।

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने तबादलों को लेकर कुछ बदलाव किए हैं। नए बदलाव के मुताबिक, यदि सीएम ऑफिस से किसी ट्रांसफर की A+ नोटशीट विभाग में आती है, तो वहां के बड़े अफसरों (ACS या पीएस) को हर हाल में 3 दिन के भीत तबादले का ऑर्डर जारी करना होगा।



किसी वजह से अफसर तबादला नहीं कर पाते हैं, तो उन्हें 3 दिन के अंदर ही मुख्यमंत्री कार्यालय को इसकी ठोस वजह बतानी होगी या कोई दूसरा विकल्प देना होगा। यानी अब विभाग तबादले की इन फाइलों को लटका कर नहीं रख पाएंगे।



ट्रांसफर में देरी पर नई व्यवस्था

मंत्रियों और विधायकों के साथ तमाम ट्रांसफर केसों में हो रही देरी को देखते हुए यह व्यवस्था बनाई गई है। जानकारी के अनुसार, सीएम को मंत्रियों और विधायकों की ओर से बताया गया है कि विभाग के अधिकारी A+ की नोटशीट बनने के बाद भी तबादले नहीं कर रहे।



एसीएस-पीएस की बढ़ी जिम्मेदारी

नई व्यवस्था में यह स्पष्ट किया गया है कि A+ नोटशीट की समय सीमा का पालन करवाने की जिम्मेदारी एसीएस (ACS) और पीएस (PS) की होगी। ट्रांसफर के अतिरिक्त अन्य कार्यों की A+ नोटशीट के लिए पूर्व की प्रक्रिया यथावत रहेगी।



विधानसभा में पूछे गए सवालों के जवाब में नहीं होगी देरी

अब विधानसभा में पूछे गए सवालों के जवाब में यह नहीं लिखा जा सकेगा कि 'जानकारी संकलित की जा रही है'। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि केंद्र सरकार से संपर्क बढ़ाया जाए और कामकाज की गति तेज की जाए। हर महीने के पहले हफ्ते में सभी अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) और प्रमुख सचिव (PS) अपने-अपने विभाग से जुड़े केंद्रीय मंत्रालय के सचिव को पत्र भेजेंगे।



दिल्ली दौरा जरूरी

इस पत्र में विभाग की प्रगति, उपलब्धियां और जो मामले लंबित हैं, उनकी जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय को भी इस पत्र की एक कॉपी भेजना जरूरी होगा। हर एसीएस और पीएस को जनवरी से मार्च के बीच दिल्ली जाना होगा। इसके अलावा, इस दौरे के दौरान उन्हें नई योजनाओं, बजट और लंबित प्रस्तावों पर फॉलोअप करना होगा।



बजट और विधानसभा की तैयारी

वित्त विभाग सभी विभागों से चालू वर्ष के विकास कार्यों (जैसे सड़क, पुल, स्कूल, अस्पताल) की विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी जुटाएगा। फरवरी में बजट सत्र होने के कारण विभागों को पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।



विधानसभा प्रश्नों के उत्तर समय पर और सावधानी से तैयार किए जाएं। 'जानकारी संकलित की जा रही है’ जैसे अधूरे जवाब सिर्फ बहुत जरूरी स्थिति में व उच्च स्तर की अनुमति से ही दिए जाएं।



कामकाजी घंटों का सख्ती से पालन

एसीएस, पीएस और सचिवों को यह निर्देश दिए गए हैं कि बैठकें सुबह 10 बजे से ही शुरू की जाएं। फाइव डे वर्किंग के लिए बढ़ाए गए कामकाजी घंटों का ईमानदारी से पालन नहीं हो रहा है। सुबह 10 बजे से शाम 5:50 बजे तक का समय निर्धारित है, जिसका सख्ती से पालन होना चाहिए।



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