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पांच पॉइंट में समझें पूरा मामला
- मोहन सरकार ने बिना पात्रता के सरकारी बंगलों में डटे पूर्व मंत्रियों और अफसरों से बंगला खाली करने के लिए सख्ती दिखाई।
- प्रभात झा के परिवार को 13 जनवरी तक बंगला खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया, नहीं तो बल प्रयोग किया जाएगा।
- बंगला खाली न करने पर भारी किराया वसूला जाएगा, जो पहले सामान्य और फिर 10 गुना, अंत में 30 गुना तक होगा।
- 7 IAS और IPS अधिकारियों को भी बंगलों से खाली करने का नोटिस भेजा गया।
- कई विधायक पूर्व मंत्री होते हुए भी सरकारी बंगलों में रह रहे हैं, जिनकी पात्रता समाप्त हो चुकी है।
विधानसभा चुनाव में हारने के बाद और मंत्री पद गंवाने के बावजूद कुछ नेता अपने सरकारी बंगलों में कायम हैं। इन नेताओं में पूर्व मंत्री, अफसर और कुछ विधायक भी शामिल हैं। जो अपनी पात्रता खत्म होने के बावजूद सरकारी आवासों में बिना अनुमति के डटे हुए हैं। अब मोहन सरकार ने इन पर सख्ती बरतने की तैयारी शुरू कर दी है। खासकर, पूर्व बीजेपी अध्यक्ष स्व. प्रभात झा के परिवार को 13 जनवरी तक बंगला खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
प्रभात झा को सख्त हिदायत
पूर्व बीजेपी अध्यक्ष प्रभात झा के परिवार को पहले ही 6 जनवरी को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि यदि वे 13 जनवरी तक सरकारी बंगला खाली नहीं करते, तो प्रशासन को मजबूरन बल प्रयोग करना पड़ेगा।
प्रभात झा के बेटे का क्या कहना है-
तुशमूल झा का कहना है कि हमने ही बंगला खाली करने को कहा तभी नोटिस मिला है। सरकारी घर तभी तक उपयोग में लेना चाहिए, जब तक पात्रता हो। 2024 में पिता के देहांत के बाद भी बंगाले में हो, ये सरकार की इच्छा कृपा थी। हमने ही बाद में कहा बंगला खाली करना है। ये सहज प्रक्रिया है।
बंगला खाली करने के लिए सरकार दिखाएगी सख्ती
सरकार अब उन नेताओं और अधिकारियों से सख्ती से बंगले खाली करवाने के लिए तैयार है, जिनकी पात्रता खत्म हो चुकी है। इस सूची में पूर्व राजस्व मंत्री रामपाल सिंह, पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, पूर्व सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया, और यशोधरा राजे सिंधिया जैसे नाम शामिल हैं।
बंगला खाली न करने पर वसूला जाएगा भारी किराया
सरकार ने साफ कर दिया है कि यदि इन नेताओं ने निर्धारित समय सीमा तक सरकारी बंगला खाली नहीं किया, तो भारी भरकम किराया वसूला जाएगा। पहले तीन महीने तक सामान्य किराया लिया जाएगा, लेकिन इसके बाद अगले तीन महीनों में 10 गुना किरायाऔर फिर 30 गुना किराया वसूला जाएगा। विधि विभाग ने इस वसूली को मंजूरी दे दी है।
4 IAS समेत सात अफसरों को भी नोटिस
संपदा संचालनालय ने भोपाल में चार IAS अधिकारियों समेत कुल सात अफसरों को भी नोटिस भेजे हैं। इनमें कुछ IPS और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। ये अफसर भी सरकारी बंगले में बिना पात्रता के रह रहे हैं।
| क्र. | अधिकारी का नाम | पद/सेवा | आवास संख्या |
| 1 | सुधीर कोचर | आईएएस (IAS) | डी 2/11 |
| 2 | अदिति गर्ग | आईएएस (IAS) | डी 12 |
| 3 | रत्नाकर झा | आईएएस (IAS) | डी 11/6 |
| 4 | निधि सिंह | आईएएस (IAS) | ई 9/7 |
| 5 | महीप तेजस्वी | एसएएस (SAS) | ईएच 9/1 |
| 6 | उमाकांत चौधरी | - | 102/29 |
| 7 | मेहताब सिंह | एसएएस (SAS) | ईएन 1/12 |
| 8 | सुधीर शाही | रिटायर्ड आईपीएस (IPS) | डीएन 1/9 |
बिना पात्रता के बंगलों में रहने वाले विधायक
अभी कई विधायक भी ऐसे सरकारी बंगलों में रह रहे हैं, जिनकी श्रेणी उनके पद के हिसाब से नहीं है। इनमें से कई विधायक पूर्व मंत्री रहे हैं। इन नेताओं के पास बी और सी श्रेणी के बंगलों के बजाय उच्च श्रेणी के बंगले आवंटित किए गए हैं।
पात्रता से ऊपर के बंगलों में रहने वाले विधायक
यादवेन्द्र सिंह - विधायक टीकमगढ़, पूर्व मंत्री, बी-23 (74 बंगले)
राजेश शुक्ला बब्लू - विधायक बिजावर, सी-20, शिवाजी नगर
कांग्रेस विधायक अजय सिंह- चुरहट, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, सी-19, शिवाजी नगर
विधायक संजय पाठक- विजयराघवगढ़, पूर्व मंत्री, सी-26, शिवाजी नगर
सुरेन्द्र पटवा - विधायक भोजपुर, पूर्व मंत्री, बी-3 (74 बंगले)
अर्चना चिटनीस - विधायक बुरहानपुर, पूर्व मंत्री, सी-28, शिवाजी नगर
विधायक विक्रांत भूरिया- विधायक झाबुआ, सी-1 (74 बंगला)
ओमप्रकाश सखलेचा - विधायक जावद, पूर्व मंत्री, सी-16, शिवाजी नगर
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