12 राज्यों में SIR का पहला फेज पूरा, एमपी की वोटर लिस्ट से 42.74 लाख नाम कटे

चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) की ड्राफ्ट लिस्ट जारी कर दी है। मध्यप्रदेश में कुल 42.74 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। यह राज्य के कुल वोटर्स का लगभग 7.44 प्रतिशत है।

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Aman Vaishnav
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5 पॉइंट में समझें खबर के मायने...

  • चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) की ड्राफ्ट लिस्ट जारी कर दी है।
  • मध्यप्रदेश की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 42.74 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए।
  • प्रदेश में हर 100 में से लगभग 7 वोटर्स का नाम सूची से बाहर हुआ।
  • हटाए गए नामों में 8.46 लाख मृत और 2.77 लाख डुप्लीकेट मतदाता थे।
  • 12 राज्यों में चले SIR के दौरान कुल 6.59 करोड़ नाम लिस्ट से कटे।

चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने के लिए बड़ी मुहिम पूरी की है। मध्य प्रदेश समेत 12 राज्यों में ये अभियान करीब दो महीने चला। इस स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) का पहला फेज अब खत्म हो गया है। एमपी में 5.74 करोड़ मतदाताओं में से अब 5.31 करोड़ ही रह गए हैं।

बड़ी संख्या में मृत और फर्जी मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटा दिए गए हैं। ये प्रक्रिया चुनाव प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए शुरू की गई थी। अब लोग ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से अपनी आपत्तियां भी दर्ज कर सकते हैं।

MP: चुनाव आयोग ने 55 जिलों में SIR अभियान किया शुरू, कांग्रेस भड़की; बोली-  EC बना BJP की कठपुतली - SIR process begins in Madhya Pradesh Congress slams  poll panel lcln - AajTak

मध्यप्रदेश में 42.74 लाख मतदाताओं की छुट्टी

मध्यप्रदेश में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में भारी बदलाव देखने को मिला है। राज्य में पहले 5.74 करोड़ मतदाता रजिस्टर थे। वेरिफिकेशन के बाद ड्राफ्ट लिस्ट में केवल 5.31 करोड़ मतदाता रह गए हैं। इसमें कुल 42.74 लाख वोटर्स के नाम सूची से काट दिए गए हैं।

नाम कटने के कारण और आंकड़े

हटाए गए 42.74 लाख वोटर्स में विभिन्न श्रेणियां शामिल हैं। जांच में 8.46 लाख मतदाता मृत पाए गए हैं। लगभग 2.77 लाख मतदाता डुप्लीकेट या पूरी तरह फर्जी निकले। इसके अलावा 31.51 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता या अन्य कारणों से हटाए गए।

12 राज्यों में SIR का असर

देश के 12 राज्यों में यह मुहिम 28 अक्टूबर, 2025 को शुरू हुई थी। इन राज्यों में पहले कुल 50.97 करोड़ मतदाता थे। ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद यह संख्या 44.38 करोड़ रह गई है। कुल 12.93% मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।

स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) क्या है?

SIR चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट अपडेट करने की एक प्रोसेस है। इसका मकसद योग्य मतदाता को जोड़ना और अयोग्य को हटाना है। इसमें 18 साल से ज्यादा के नए वोटर्स को जोड़ा जाता है। बीएलओ घर-घर जाकर गलतियों को सुधारने के लिए फॉर्म भरवाते हैं।

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 ड्राफ्ट लिस्ट में ऐसे चेक करें अपना नाम

मतदाता अपना नाम तीन आसान तरीकों से चेक कर सकते हैं। पहला तरीका बीएलओ के पास उपलब्ध मतदाता सूची से जांचना है। दूसरा ECINET मोबाइल ऐप और तीसरा चुनाव आयोग की वेबसाइट है। वेबसाइट पर राज्य, जिला और विधानसभा चुनकर सूची डाउनलोड की जा सकती है।

 दावे और आपत्तियां दर्ज करने की प्रक्रिया

जिन लोगों के नाम कट गए हैं, वे फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं। नए मतदाता जो 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष के हुए, वे भी फॉर्म-6 भरें। नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 और सुधार के लिए फॉर्म-8 का प्रावधान है। ये फॉर्म ऑनलाइन voters.eci.gov.in या ऑफलाइन बीएलओ के पास जमा होंगे।

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