/sootr/media/media_files/2026/01/06/bjp-alert-after-sir-in-mp-congress-alleges-vote-theft-2026-01-06-20-56-25.jpg)
Photograph: (the sootr)
BHOPAL. मध्य प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाता सूची से 42 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम हटने पर सियासी माहौल गरमा गया है। इतनी बड़ी संख्या में नाम कटने से भारतीय जनता पार्टी में हड़कंप मच गया है। यह मामला अब सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि सीधे सियासी टकराव का रूप ले चुका है।
बीजेपी ने मंत्रियों को सौंपी जिम्मेदारी
स्थिति को संभालने के लिए बीजेपी ने बड़ा कदम उठाया है। दोनों उपमुख्यमंत्रियों समेत सभी मंत्रियों को अलग-अलग संभाग और जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। मंत्री जिलों की समीक्षा करेंगे और विधायकों के साथ बैठक कर बूथ स्तर तक हालात की जांच करेंगे, ताकि यह पता चल सके कि सबसे ज्यादा असर किन इलाकों में पड़ा है।
यह खबरें भी पढ़ें...
एमपी कैबिनेट: बुरहानपुर में 2589 करोड़ की सिंचाई योजना मंजूर
एमपी के नर्सिंग कॉलेज भर्ती में पुरुष उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला कल
कांग्रेस का पलटवार, साजिश का आरोप
कांग्रेस के पूर्व मंत्री एवं मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी सोची-समझी रणनीति के तहत दावे और आपत्तियां लगवाकर कहीं वोट कटवा रही है और कहीं वोट बढ़वाने की कोशिश कर रही है। नायक ने साफ कहा कि कांग्रेस ऐसा होने नहीं देगी और हर स्तर पर निगरानी रखेगी।
गोविंदपुरा और नरेला में भारी कटौती का दावा
कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने राजधानी भोपाल का उदाहरण देते हुए कहा कि गोविंदपुरा विधानसभा में करीब 95 हजार से एक लाख वोट कटे हैं, जबकि नरेला विधानसभा में 42 हजार वोट कम हो गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नरेला में कांग्रेस को इससे भी कम वोट मिलते हैं, ऐसे में इतनी बड़ी कटौती संदेह पैदा करती है।
दोनों दलों के बीच 10 लाख वोट का अंतर
कांग्रेस मीडिया प्रभारी ने दावा किया कि मध्य प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के बीच करीब 10 लाख वोट का अंतर है। उन्होंने कहा कि बीजेपी कितनी भी “वोट चोरी” कर ले, अगले चुनाव में उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी, क्योंकि कांग्रेस पूरी तरह सजग है।
कांग्रेस का दावा: हर बूथ पर नजर
मुकेश नायक ने कहा कि कांग्रेस की हर बूथ पर पैनी नजर है। उन्होंने दावा किया कि इस सजगता के चलते बीजेपी के किसी भी कथित खेल पर पानी फिरना तय है। राजनीतिक लड़ाई अब सीधे बूथ स्तर तक पहुंच चुकी है।
SIR के पहले चरण के बाद चौंकाने वाले आंकड़े
एसआईआर के पहले चरण के बाद जब मतदाता सूची का प्रारूप जारी हुआ, तो सामने आया कि प्रदेशभर में 42 लाख 74 हजार 160 मतदाताओं के नाम कम हो गए हैं। 40 लाख से ज्यादा नाम कटने को बीजेपी गंभीर चुनावी संकेत मान रही है।
10 जनवरी तक नाम जुड़वाने की कोशिश
बीजेपी ने अब डैमेज कंट्रोल प्लान लागू कर दिया है। पार्टी का लक्ष्य है कि 10 जनवरी तक अधिक से अधिक नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएं। इसके लिए प्रदेशभर में नए मतदाताओं और छूटे हुए नामों को जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा।
यह खबरें भी पढ़ें...
सिंहस्थ 2028 की तैयारी में एमपी, बिछेगा सड़कों का जाल, राजमार्गों को मिलेगा नया आकार
एमपी के यात्रियों की बल्ले-बल्ले, प्रयाग माघ मेले के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेनें
14 फरवरी 2026 तक होगी सुनवाई पूरी
निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। इनके निराकरण के बाद 14 फरवरी 2026 तक सुनवाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मतदाता सूची से लाखों नाम हटने का मुद्दा अब बीजेपी बनाम कांग्रेस की सीधी राजनीतिक जंग में बदल गया है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि SIR की यह प्रक्रिया चुनावी समीकरणों को किस दिशा में मोड़ती है।
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us