गन लाइसेंस के लिए आवेदन होगा ऑनलाइन, परमिशन और कारतूस सबका रहेगा रिकॉर्ड

Aman Vaishnav | Jan 24, 2026, 08:43 IST
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मध्य प्रदेश सरकार ने अब गन लाइसेंस के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन करने का फैसला लिया है। यह नई व्यवस्था कारतूस हेरफेर और लाइसेंस प्रक्रिया में बढ़ती अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए लागू की जा रही है। इस के तहत लाइसेंस की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी।

News In Short

  • मध्य प्रदेश सरकार गन लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करने जा रही है।
  • अब नए ऑनलाइन पोर्टल से लाइसेंस प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
  • अब व्यक्तिगत सिफारिशों का कोई असर नहीं होगा और रिकॉर्ड में हेरफेर की संभावना खत्म होगी।
  • भोपाल में लगभग 10 हजार लाइसेंसधारी हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
  • लाइसेंस सस्पेंड होने के बाद 25 से ज्यादा लाइसेंसधारियों की जांच हो रही है।

News In Detail

एमपी में डिजिटल होगा गन लाइसेंस

मध्य प्रदेश में अब हथियार (गन) लाइसेंस के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होगा। राज्य सरकार ने कारतूस में हेरफेर और लाइसेंस प्रक्रिया में अनियमितताओं की बढ़ती शिकायतों के बाद यह नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। इस नई प्रणाली के तहत आवेदन से लेकर लाइसेंस जारी होने तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत होगा।



सरकार इसके लिए एक खास ऑनलाइन पोर्टल बना रही है। गृह विभाग ने इस पर काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह व्यवस्था पूरी तरह से लागू होने में करीब एक साल का वक्त लग सकता है। नई ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद गन लाइसेंस से जुड़ा कोई भी काम अब ऑफलाइन नहीं होगा।



ऑनलाइन सिस्टम से गड़बड़ी पर लगेगी रोक

अब व्यक्तिगत सिफारिशों का कोई असर नहीं होगा और रिकॉर्ड में हेरफेर की कोई संभावना भी नहीं रहेगी। आवेदक का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन चेक किया जा सकेगा। इससे अयोग्य या नियमों का उल्लंघन करने वाले आसानी से पहचान में आ जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन सिस्टम लागू होने के बाद हथियारों और कारतूस से जुड़ी गड़बड़ियों पर रोक लगाना संभव होगा।



ऑनलाइन सिस्टम से लाइसेंस निगरानी

ऑनलाइन सिस्टम से अब नए लाइसेंस के आवेदनों की ट्रैकिंग होगी। इसके अलावा, लाइसेंस नवीनीकरण और स्पोर्ट्स कोटाके तहत जारी लाइसेंसों की स्थिति भी देखी जा सकेगी। प्रशासन गड़बड़ी या नियम उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई कर सकेगा।



कारतूस हेरफेर पर लाइसेंस सस्पेंड

वर्तमान में भोपाल जिले में करीब 10 हजार हथियार लाइसेंसधारी हैं। हर महीने कलेक्टर कार्यालय के जरिए 10 नए लाइसेंस जारी किए जाते हैं। हाल ही में कारतूसों में हेरफेर का मामला सामने आया था। इसके बाद 25 से ज्यादा लाइसेंसधारियों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं।



स्पोर्ट्स कोटे के लाइसेंसधारी की जांच

आईएएस कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के आदेश पर भोपाल में सभी लाइसेंसधारियों की जांच की जा रही है। खासतौर पर स्पोर्ट्स कोटे के लाइसेंसधारियों पर ध्यान दिया जा रहा है। इन लाइसेंसधारियों ने लंबे समय से प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया है।



ऐसे शुरू हुई कारतूसों की जांच

बता दें कि यह जांच, नेशनल और इंटरनेशनल टूर्नामेंट खेलने वाले शूटर्स के कारतूसों के हेरफेर की आशंका पर शुरू हुई थी। इसमें 80 रजिस्टर्ड शूटर्स में से 75 ने प्रशासन के सामने अपना रिकॉर्ड पेश किया था। पांच शूटर्स खुद पेश नहीं हुए, लेकिन उन्होंने रिकॉर्ड भेज दिए थे। जांच में हथियार बेचने वाली शाह आर्मरी की भी गड़बड़ियां सामने आई थीं। वहीं, प्रशासन ने डीलर का लाइसेंस निरस्त करने के लिए सरकार को चिट्ठी भी लिखी थी।



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