मध्यप्रदेश में चार साल बाद आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती, आदिवासी अंचलों तक भी पहुंचेगा बेहतर इलाज

Aman Vaishnav | Oct 11, 2026, 08:52 IST
मध्य प्रदेश में 5 हजार आशा कार्यकर्ता और पर्यवेक्षकों की भर्ती
मध्य प्रदेश में चार साल बाद आशा कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों की भर्ती होने जा रही है। यह पूरी भर्ती प्रक्रिया राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जरिए पूरी की जाएगी। इस बार कुल चार हजार 264 नई आशा कार्यकर्ताओं और 614 आशा पर्यवेक्षकों का चयन होगा। मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।

एमपी में आशा कार्यकर्ताओं और आशा पर्यवेक्षकों की भर्ती



बता दें कि इस पूरी भर्ती को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission - NHM) के माध्यम से पूरा किया जाएगा। शासन स्तर पर इसकी पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इससे पहले राज्य में अगस्त 2022 में कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों का चयन हुआ था। इतने लंबे समय बाद हो रही इस पहल से जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य विभाग और आम जनता के बीच तालमेल और मजबूत होगा।



कुल कितने पदों पर होगी नियुक्ति?

इस भर्ती अभियान में नई कार्यकर्ताओं के साथ-साथ उनके काम की देखरेख करने वाले पर्यवेक्षकों के पद भी शामिल किए गए हैं।



पदों का पूरा ब्योरा इस प्रकार है...



  • नई आशा कार्यकर्ता (New Asha Workers): कुल चार हजार 264 पद
  • आशा पर्यवेक्षक (Asha Supervisors): कुल 614 पद
  • कुल पदों की संख्या: 4 हजार 878

इसके अलावा, आशा कार्यकर्ताओं की तैनाती को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के हिसाब से बांटा गया है।



  • ग्रामीण क्षेत्र (Rural Areas): 3062 आशा कार्यकर्ताओं की तैनाती होगी।
  • शहरी क्षेत्र (Urban Areas): 1202 आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की जाएगी।

20 आदिवासी जिलों पर रहेगा खास फोकस

प्रदेश सरकार दूर-दराज और आदिवासी अंचलों में रहने वाले लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर विशेष ध्यान दे रही है। हाल ही में बॉन्डेड डॉक्टरों की लगभग शत-प्रतिशत पोस्टिंग कर उन्हें दूर के जिलों में भेजा गया था। अब इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय लोगों के बीच की कड़ी को मजबूत करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं की टीम उतारी जा रही है।



कुल पदों में से प्रदेश के 20 आदिवासी जिलों में 1251 आशा कार्यकर्ताओं का चयन किया जाएगा। इसके साथ ही इन्हीं आदिवासी अंचलों के 18 जिलों में कुल 200 आशा पर्यवेक्षक भी तैनात होंगे।



इन 20 आदिवासी जिलों में होगी तैनाती

अलीराजपुर, अनूपपुर, बालाघाट, बड़वानी, बैतूल, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, धार, डिंडौरी, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मंडला, रतलाम, सिवनी, शहडोल, श्योपुर, सीधी, सिंगरौली और उमरिया।



यह खबर क्यों जरूरी है?

मध्य प्रदेश में चार साल बाद स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर भर्ती होने जा रही है। गांवों और दूर-दराज के आदिवासी इलाकों में आशा कार्यकर्ता आम लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।



ये कार्यकर्ता लोगों को समय पर इलाज दिलाने, सरकारी योजनाओं की जानकारी देने और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का काम करती हैं। इससे पहले सरकार ने बॉन्डेड डॉक्टरों को दूर-दराज के जिलों में भेजकर अस्पतालों की व्यवस्था संभालने की कोशिश की थी।



अब करीब 5 हजार नई आशा कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति से गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होने की उम्मीद है। इससे ग्रामीण परिवारों और स्वास्थ्य विभाग के बीच संपर्क भी मजबूत होगा।



FAQ



1. मध्य प्रदेश में कुल कितने पदों पर आशा कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों की भर्ती होगी?



मध्य प्रदेश में कुल 4264 नई आशा कार्यकर्ताओं और 614 आशा पर्यवेक्षकों का चयन किया जाएगा, जो मिलाकर लगभग 5 हजार पद होते हैं।



2. एमपी में आशा कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों के लिए ग्रामीण और शहरी इलाकों के लिए कितने पद तय किए गए हैं?



कुल आशा कार्यकर्ताओं में से 3062 पद ग्रामीण क्षेत्रों के लिए और 1202 पद शहरी क्षेत्रों के लिए तय किए गए हैं।



3. एमनपी में आदिवासी जिलों में कितनी कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों की तैनाती होगी?



प्रदेश के 20 आदिवासी जिलों में 1251 आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती होगी और इनमें से 18 जिलों में 200 आशा पर्यवेक्षक चुने जाएंगे।

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