पेंच टाइगर रिजर्व में दिखा दुर्लभ प्रजाति का अल्बिनो बंदर
जो और पेड़ों और जमीन दोनों पर रहती है।
मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh ) के सिवनी जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध पेंच टाइगर रिजर्व ( Pench Tiger Reserve ) और पेच पार्क में एक अद्भुत नजारा देखने को मिला। खवासा गांव के करीब एक सफेद रंग का अल्बिनो बंदर ( albino monkey ) घूमते दिखाई दिया। यह रीसस मकाक जिसे रेड फेस मंकी या लाल मुंह वाला बंदर भी कहा जाता है। पेंच टाइगर रिजर्व में काफी सामान्य प्रजाति है।
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बता दें, कि एल्बिनिज्म के कारण इस बंदर का रंग पूरी तरह से सफेद है जो बहुत ही दुर्लभ है। एल्बिनिज्म रंगहीनता एक ऐसा विकार है जो त्वचा, बालों और आंखों में मेलेनिन नामक पिगमेंट के उत्पादन में कमी या अभाव का कारण बनता है। मेलेनिन त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाता है और आंखों को अधिक रोशनी से बचाने में भी मदद करता है।
दुर्लभ प्रजाति है
ये बहुत दुर्लभ हैं और इंसानों ने बहुत कम देखे हैं। ये जंगल में छिपे हुए रत्नों की तरह हैं, जो खोजे जाने का इंतज़ार कर रहे हैं। रीसस मकाक बंदरों की ऐसी प्रजाति है और पेड़ों और जमीन दोनों पर रहते हैं। यह बंदर चौपाया होते हैं, और जमीन पर चलते समय चारों पैरों का उपयोग करता है।
99 प्रकार के पौधों का भोजन करते हैं
रीसस मकाक मुख्य रूप से शाकाहारी हैं। बंदरों की यह प्रजाति फल, बीज, जड़ें, कलियां, छाल और अनाज खाता है। कयास हैं कि यह बंदर लगभग 99 विभिन्न पौधों की प्रजातियों का उपयोग भोजन की तरह करते हैं। इस मकाक के दिखने पर पर्यटकों का कहना है कि पेंच टाइगर रिजर्व में एल्बिनो बंदर का दिखना एक अनोखा और रोमांचक अनुभव है। यह लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है।
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