अब एमपी के नर्मदापुरम के कागज से बनेगा भारतीय पासपोर्ट, जानें पेपर के फीचर्स
Make in India Passport: भारत ने मेक इन इंडिया के तहत एक और नया कीर्तिमान हासिल किया है। अब हमारे देश का पासपोर्ट पूरी तरह से स्वदेशी कागज पर बनेगा। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम स्थित सिक्यूरिटी पेपर मिल (SPM) ने ये कमाल कर दिखाया है।
पहले पासपोर्ट बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला खास कच्चा कागज विदेशों से आता था। भारत इसके लिए जर्मनी, ब्रिटेन और जापान जैसे बड़े देशों पर निर्भर था। अब नर्मदापुरम मिल ने 50 टन स्वदेशी पासपोर्ट पेपर तैयार कर लिया है। इसे सरकार को सौंपने का काम भी शुरू हो चुका है। रक्षाबंधन के मौके पर मिली ये उपलब्धि देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
SPM ने इस पेपर का कड़ा ट्रायल और टेस्टिंग किया था। सरकार के सभी तय मानकों पर यह स्वदेशी कागज पूरी तरह खरा उतरा है। इस नए स्वदेशी पेपर में नकल रोकना बहुत आसान होगा। आइए जानते हैं कि नर्मदापुरम में तैयार यह पासपोर्ट पेपर कितना खास है और इससे देश को क्या बड़ा फायदा होने वाला है।
नर्मदापुरम एसपीएम की बड़ी कामयाबी
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम की सिक्यूरिटी पेपर मिल ने बड़ा काम किया है। मिल ने देश को पासपोर्ट पेपर में पूरी तरह आत्मनिर्भर बना दिया है। रक्षाबंधन के मौके पर मिल ने 50 टन सुरक्षित कागज तैयार किया है।
इस कागज को सरकार को सौंपने की प्रक्रिया अब शुरू हो चुकी है। यह संस्थान पहले से देश की करेंसी और स्टाम्प पेपर बनाती रही है। अब पासपोर्ट का कागज बनाकर इसने विदेशों को पीछे छोड़ दिया है।
विदेशों पर निर्भरता हुई खत्म
भारत अब तक पासपोर्ट के लिए कच्चा कागज विदेशों से खरीदता था। इसके लिए जापान, जर्मनी और ब्रिटेन को भारी पैसा देना पड़ता था। अब नर्मदापुरम कारखाने में कागज बनने से विदेशी निर्भरता खत्म हो गई है।
मेक इन इंडिया अभियान के तहत इसका सफल ट्रायल किया गया था। सफल टेस्टिंग के बाद सरकार ने इसे हरी झंडी दे दी थी। इसके बाद मिल ने बड़े पैमाने पर इसका उत्पादन शुरू कर दिया।
हाइटेक सुरक्षा फीचर्स से लैस नया पेपर
नर्मदापुरम में बने इस नए पासपोर्ट पेपर (Make in India) में खास वाटरमार्क लगे हैं। ये वाटरमार्क केवल रोशनी में ही साफ-साफ दिखाई देते हैं। कागज के भीतर इनविजिबल सिक्योरिटी थ्रेड्स और फाइबर्स लगाए गए हैं। ये केवल अल्ट्रा वायलट लाइट में ही चमकते हैं।
हर पेज पर लेजर तकनीक(INDIAN PASSPORT)से यूनिक सीरियल नंबर लिखा जाएगा। इसके लिए एक खास सुरक्षा वाली स्याही का इस्तेमाल होता है। इसमें कई मॉडर्न और हाइटेक सुरक्षा फीचर्स जोड़े गए हैं। ये पानी में गलेगा नहीं और आसानी से फटेगा भी नहीं।
नकल करना और छेड़छाड़ असंभव
इस नए स्वदेशी कागज की नकल करना किसी के लिए मुमकिन नहीं है। यह पेपर आसानी से फटने या पानी में गलने वाला नहीं है। अगर कोई इस पन्ने के साथ छेड़छाड़ करेगा तो तुरंत पता चलेगा।
इसका मेन पहचान पेज मजबूत पॉलीकार्बोनेट मटेरियल से बना होगा। इस पन्ने पर बायोमेट्रिक चिप और खास होलोग्राम भी लगे होंगे। इससे फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले गिरोहों पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
देश के लिए गर्व का क्षण
एसपीएम के अधिकारियों के मुताबिक, यह देश के लिए गर्व की बात है। कर्मचारियों की मेहनत से भारत अब इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना है। रक्षाबंधन के पर्व पर मिली यह सफलता देश के लिए बड़ा तोहफा है।
भारत सरकार को जल्द ही इसकी पहली खेप मिल जाएगी। अब आने वाले समय में भारतीय नागरिकों को स्वदेशी पासपोर्ट मिलेगा। इससे देश के करोड़ों रुपए की विदेशी मुद्रा की बचत भी होगी। स्वदेशी खरीदो
FAQ
- भारत में पासपोर्ट के लिए नया स्वदेशी कागज कहां बना है?
भारत में नया स्वदेशी पासपोर्ट कागज मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में स्थित सिक्यूरिटी पेपर मिल (SPM) में बनाया गया है। मेक इन इंडिया के तहत 50 टन कागज तैयार किया गया है। - पहले भारत पासपोर्ट का कागज किन देशों से मंगवाता था?
इससे पहले भारत पासपोर्ट बनाने के लिए विशेष कच्चा कागज जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) और जापान जैसे विकसित देशों से आयात करता था। - नर्मदापुरम में बने पासपोर्ट कागज की मुख्य सुरक्षा विशेषताएं क्या हैं?
इस कागज में स्पेशल वाटरमार्क, यूवी लाइट में चमकने वाले सुरक्षा धागे और लेजर सीरियल नंबर हैं। यह कागज पानी से गलता नहीं और इसकी नकल करना असंभव है।
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