एमपी के सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, सीएम का ऐलान, अब हर साल होगी DPC
Sanjay Dhiman | Aug 26, 2026, 20:20 IST
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मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन के लिए हर साल DPC होगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लंबित पदोन्नति मामलों को समय पर निपटाने की बात कही। इससे पात्र कर्मचारियों को प्रमोशन मिलनेकी उम्मीद बढ़ी है।
मध्य प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए अब खुशियों का बड़ा मौका आ चुका है। राज्य की मोहन यादव सरकार ने वर्षों से अटके प्रमोशन के मामलों पर ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब प्रदेश के हर विभाग में विभागीय प्रमोशन कमेटियों की बैठक हर साल नियमित रूप से होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद भोपाल में इस बड़े और महत्वपूर्ण फैसले की घोषणा की है। इस फैसले से सालों से पदोन्नति की राह देख रहे हजारों कर्मचारियों को तुरंत बड़ा फायदा मिलेगा। सरकार का साफ मानना है कि कर्मचारियों के हक का पैसा और पद सही समय पर मिलना चाहिए।
क्यों महत्वपूर्ण है
सरकारी नौकरी में प्रमोशन सिर्फ पद बदलने का मामला नहीं होता है। इसके साथ कर्मचारी की जिम्मेदारी, वेतनमान और करियर की दिशा बदलती है। प्रमोशन समय पर नहीं मिलने से कई कर्मचारियों का करियर प्रभावित होता है। इसी वजह से DPC की नियमित प्रक्रिया कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
सरकार की नई व्यवस्था लंबित मामलों को निपटाने में मददगार हो सकती है। नियमों में चयन वर्ष के हिसाब से प्रक्रिया तय की गई है। यदि किसी वर्ष बैठक नहीं हो पाए तो अगली बैठक में पहले मामला देखा जाएगा। इसके बाद वर्तमान चयन वर्ष की पात्रता पर भी विचार किया जाएगा।
किसी कर्मचारी को प्रमोशन देने से पहले उसकी पात्रता जांची जाएगी। इसमें संबंधित पद की सेवा अवधि भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। संबंधित संवर्ग और भर्ती नियमों के अनुसार पात्रता तय होगी। रिक्त पदों की उपलब्धता भी पूरी प्रक्रिया में अहम मानी जाएगी।
सरकारी नियमों में अर्हकारी सेवा की गणना का प्रावधान स्पष्ट है। चयन वर्ष के अनुसार कर्मचारी की निर्धारित सेवा अवधि देखी जाएगी। इसके बाद विभागीय पदोन्नति समिति संबंधित कर्मचारी की उपयुक्तता जांचेगी।
एमपी में प्रमोशन से जुड़े मामले पहले भी लंबे समय तक अटके रहे। ऐसे मामलों में न्यायालयी प्रक्रिया और नियमों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। सरकार ने 2025 में पदोन्नति को लेकर नए नियम लागू किए थे। इन नियमों ने DPC प्रक्रिया को सालाना चयन वर्ष से जोड़ा है।
इसलिए कर्मचारियों को केवल मुख्यमंत्री की घोषणा पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। हर विभाग अपनी सेवा नियमावली के अनुसार प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। पात्रता पूरी होनेपर संबंधित कर्मचारी का मामला DPC में रखा जाएगा।
अंतिम फैसला समिति की अनुशंसा और लागू नियमों के अनुसार होगा।
जुलाई 2026 में मध्यप्रदेश के अलग-अलग विभागों में प्रमोशन आदेश सामने आए। नीमच में 44 शासकीय सेवकों को नियमों के तहत पदोन्नति मिली। छिंदवाड़ा में राजस्व स्थापना के 59 कर्मचारियों को प्रमोशन दिया गया। इन मामलों में DPC की अनुशंसा के बाद पदोन्नति आदेश जारी हुए।
इससे साफ है कि नई पदोन्नति व्यवस्था अब जमीनपर दिखाई दे रही है। हालांकि हर विभाग में प्रक्रिया की गति अलग-अलग रह सकती है। कर्मचारियों को अपने विभागीय आदेश और वरिष्ठता सूची जरूर देखनी चाहिए। साथ ही पात्रता और रिक्त पदों की स्थिति भी जांचनी चाहिए।
सीएम ने
इसी दौरान मुख्यमंत्री ने ग्वालियर संभाग की संभावनाओं पर भी बात की। उन्होंने डबरा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित किया। कार्यक्रम में उन्होंने किसानों को आधुनिक खेती अपनाने की सलाह दी।मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने खेती के साथ पशुपालन और डेयरी बढ़ाने की बात भी कही। फूड प्रोसेसिंग को किसानों की अतिरिक्त आय का जरिया बताया गया। मुख्यमंत्री ने ग्वालियर की कृषि क्षमता को लेकर बड़ा दावा किया। उनके मुताबिक ग्वालियर पंजाब और हरियाणा से आगे निकल सकता है।
ग्वालियर संभाग में शिक्षा, रक्षा और कृषि मजबूत क्षेत्र माने जाते हैं। डेयरी और फूड प्रोसेसिंग में भी यहां बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। सरकार इन क्षेत्रों को जोड़कर आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने पर जोर दे रही है। इससे किसानों और युवाओं दोनों के लिए नए अवसर बनने की उम्मीद है।
सरकारी कर्मचारियों को अपने विभाग के आदेश नियमित रूपसे देखने चाहिए। वरिष्ठता सूची में अपना नाम और स्थिति जांचना भी जरूरी है। सेवा रिकॉर्ड में किसी गलती होनेपर समय रहते सुधार कराना चाहिए। पात्रता पूरी होने पर विभागीय स्तर पर जानकारी लेना भी फायदेमंद रहेगा।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि DPC प्रक्रिया नियमों के अनुसार चलेगी। हर कर्मचारी को प्रमोशन मिलेगा, ऐसा दावा अभी नहीं किया जा सकता। लेकिन नियमित DPC से प्रक्रिया में देरी कम होनेकी उम्मीद जरूर है। यही बात लंबे समय से इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए राहत है।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद भोपाल में इस बड़े और महत्वपूर्ण फैसले की घोषणा की है। इस फैसले से सालों से पदोन्नति की राह देख रहे हजारों कर्मचारियों को तुरंत बड़ा फायदा मिलेगा। सरकार का साफ मानना है कि कर्मचारियों के हक का पैसा और पद सही समय पर मिलना चाहिए।
क्यों महत्वपूर्ण है DPC का नियमित होना
सरकार की नई व्यवस्था लंबित मामलों को निपटाने में मददगार हो सकती है। नियमों में चयन वर्ष के हिसाब से प्रक्रिया तय की गई है। यदि किसी वर्ष बैठक नहीं हो पाए तो अगली बैठक में पहले मामला देखा जाएगा। इसके बाद वर्तमान चयन वर्ष की पात्रता पर भी विचार किया जाएगा।
प्रमोशन के लिए किन बातों पर ध्यान दिया जाएगा
सरकारी नियमों में अर्हकारी सेवा की गणना का प्रावधान स्पष्ट है। चयन वर्ष के अनुसार कर्मचारी की निर्धारित सेवा अवधि देखी जाएगी। इसके बाद विभागीय पदोन्नति समिति संबंधित कर्मचारी की उपयुक्तता जांचेगी।
पुराने लंबित प्रमोशन मामलों पर क्या असर पड़ेगा
इसलिए कर्मचारियों को केवल मुख्यमंत्री की घोषणा पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। हर विभाग अपनी सेवा नियमावली के अनुसार प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। पात्रता पूरी होनेपर संबंधित कर्मचारी का मामला DPC में रखा जाएगा।
अंतिम फैसला समिति की अनुशंसा और लागू नियमों के अनुसार होगा।
कई विभागों में प्रमोशन प्रक्रिया शुरू होने के संकेत
इससे साफ है कि नई पदोन्नति व्यवस्था अब जमीनपर दिखाई दे रही है। हालांकि हर विभाग में प्रक्रिया की गति अलग-अलग रह सकती है। कर्मचारियों को अपने विभागीय आदेश और वरिष्ठता सूची जरूर देखनी चाहिए। साथ ही पात्रता और रिक्त पदों की स्थिति भी जांचनी चाहिए।
सीएम ने ग्वालियर को लेकर भी बड़ा लक्ष्य बताया
उन्होंने खेती के साथ पशुपालन और डेयरी बढ़ाने की बात भी कही। फूड प्रोसेसिंग को किसानों की अतिरिक्त आय का जरिया बताया गया। मुख्यमंत्री ने ग्वालियर की कृषि क्षमता को लेकर बड़ा दावा किया। उनके मुताबिक ग्वालियर पंजाब और हरियाणा से आगे निकल सकता है।
ग्वालियर संभाग में शिक्षा, रक्षा और कृषि मजबूत क्षेत्र माने जाते हैं। डेयरी और फूड प्रोसेसिंग में भी यहां बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। सरकार इन क्षेत्रों को जोड़कर आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने पर जोर दे रही है। इससे किसानों और युवाओं दोनों के लिए नए अवसर बनने की उम्मीद है।
कर्मचारियों को अब आगे क्या करना चाहिए
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि DPC प्रक्रिया नियमों के अनुसार चलेगी। हर कर्मचारी को प्रमोशन मिलेगा, ऐसा दावा अभी नहीं किया जा सकता। लेकिन नियमित DPC से प्रक्रिया में देरी कम होनेकी उम्मीद जरूर है। यही बात लंबे समय से इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए राहत है।
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वन विभाग में प्रमोशन,दस साल बाद एकसाथ प्रमोट हुए 4506 अधिकारी-कर्मचारी
IAS प्रमोशन की तैयारी तेज, 13 पदों के लिए 39 SAS अफसरों के नाम UPSC को भेजे जाएंगे
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