महाकाल भस्म आरती: आज सावन पुत्रदा एकादशी पर हुआ बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार

Kaushiki | Aug 01, 2026, 08:33 IST
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आज सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि रविवार (23 अगस्त) तड़के 4 बजे उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के कपाट खोले गए। यहां देखें....

Sawan Mahakal Bhasma Aarti: 30 जुलाई से सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है। इसका समापन 28 अगस्त को पूर्णिमा के दिन होगा। चारों तरफ शिव भक्ति की गूंज सुनाई दे रही है। सभी भक्त शिवजी की भक्ति में पूरी तरह डूब चुके हैं। देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लगा है।



ऐसे में सावन के इस पवित्र महीने में मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध उज्जैन महाकाल मंदिर भी पूरी तरह सज चुका है। यहां रोज सुबह होने वाली बाबा महाकालभस्म आरती का दृश्य अद्भुत होता है। भस्म आरती में शामिल होने दूर-दूर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। बाबा महाकाल के दर्शन पाकर भक्त खुद को धन्य मानते हैं।



सावन के दौरान महाकाल मंदिर में अलग ही रौनक देखने को मिलती है। हर दिन तड़के बाबा का भव्य और अलौकिक श्रृंगार किया जाता है। इस बार भी मंदिर प्रशासन ने भक्तों के लिए खास इंतजाम किए हैं।



यहां पर देखें लाईव आरती...



महाकाल भस्म आरती और दिव्य श्रृंगार

सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि रविवार (23 अगस्त) तड़के 2:30 बजे विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के कपाट खोले गए। मंदिर परिसर श्रद्धालुओं के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।



गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं के पूजन के बाद भगवान महाकाल का जल और पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, फलों का रस) से भव्य अभिषेक किया गया। तत्पश्चात बाबा का भांग, चंदन, रुद्राक्ष और आभूषणों से मनमोहक श्रृंगार हुआ। हरिओम जल अर्पित कर और कपूर आरती के बाद मंत्रोच्चार के बीच भस्म रमाई गई।



सावन में मंदिर खुलने का नया समय

सावन महीने की शुरुआत 30 जुलाई से हो चुकी है। इसका समापन 28 अगस्त को पूर्णिमा के दिन होगा। इस दौरान मंदिर के खुलने के समय में बदलाव किया गया है।



अब रोज तड़के 3:00 बजे मंदिर के पट खोल दिए जाएंगे। वहीं हर सावन सोमवार को सुबह 2:30 बजे ही कपाट खुल जाएंगे। यह नई व्यवस्था 7 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी।



भस्म आरती सामान्य दिनों में सुबह 3 से 5 बजे तक होगी। सोमवार के दिन यह आरती सुबह 2:30 से 4:30 बजे होगी। 8 सितंबर से पुराना समय फिर से लागू हो जाएगा।



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श्रद्धालुओं के लिए खास दर्शन व्यवस्था

सावन में रोज करीब 4 लाख भक्तों के आने का अनुमान है। इसे देखते हुए दर्शन के लिए नई व्यवस्था की गई है। आम भक्तों को दो अलग-अलग द्वारों से प्रवेश मिलेगा।



भक्त जलपात्र के माध्यम से बाबा को जल अर्पित कर सकेंगे। नंदी द्वार, मानसरोवर भवन और टनल मार्ग से प्रवेश मिलेगा। इसके बाद कार्तिक और गणेश मंडपम से दर्शन होंगे।



आरती के दौरान भक्तों को चलित दर्शन कराए जाएंगे। कार्तिक मंडपम की पहली तीन पंक्तियों से लोग दर्शन करेंगे। नीलकंठ द्वार वाले भक्त निर्माल्य द्वार से बाहर निकलेंगे।



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अन्नक्षेत्र में नया साउथ इंडियन प्रसाद

महाकाल मंदिर के अन्नक्षेत्र में एक नई सुविधा शुरू हुई है। अब भक्तों को दक्षिण भारतीय भोजन भी परोसा जाएगा। मंगलवार और शुक्रवार को साउथ इंडियन डिश दी जाएगी।



मंगलवार को इडली, सांभर, स्टीम राइस और पोंगल मिलेगा। वहीं शुक्रवार को पुलिहरा, रसम और पायसम परोसा जाएगा। सावन के पूरे महीने में फलाहारी भोजन दिया जाएगा।



इस भोजन को बनाने के लिए खास शेफ रखा गया है। दो कर्मचारी सिर्फ यही खास डिश तैयार करेंगे। मध्य प्रदेश के किसी मंदिर में यह पहली बार हुआ है। अन्नक्षेत्र सुबह 11:30 से रात 9 बजे तक खुला रहता है।



अब अन्नक्षेत्र में ऑनलाइन दान की सुविधा भी शुरू हो गई है। भक्त घर बैठे ऑनलाइन दान देकर भोग लगवा सकते हैं। पहले दान के लिए भक्तों को खुद यहां आना पड़ता था। mahakal bhasm aarti



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