सावन में महाकाल के भक्तों का स्वागत करने को तैयार उज्जैन, अलर्ट मोड पर रेलवे
समझें क्या है पूरा मामला
- सावन और भादौ में उज्जैन में रिकॉर्ड श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
- रेलवे स्टेशन पर रोज 95 हजार यात्रियों की बुकिंग हुई है।
- भीड़ नियंत्रित करने के लिए स्टेशन पर वन-वे सिस्टम लागू होगा।
- यात्रियों की सुरक्षा के लिए पहली बार ड्रोन से निगरानी होगी।
- भोपाल रूट पर रेलवे 6 अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाएगा।
सावन में उमड़ेगी रिकॉर्ड भीड़
Mahakal Darshan: बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन में भक्तों का जनसैलाब उमड़ने वाला है। अगस्त और सितंबर महीने के लिए ट्रेनों में रिकॉर्ड बुकिंग हो चुकी है। इस बार श्रद्धालुओं की संख्या पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।
रेलवे ने भी इसके लिए अपनी कमर कस ली है। साधारण दिनों में रोजाना लगभग 72 हजार लोग उज्जैन रेलवे स्टेशन पर आते हैं। लेकिन इस सावन रोज 95 हजार यात्री उज्जैन स्टेशन पहुंचने वाले हैं। यह आंकड़ा बताता है कि महाकाल मंदिर के प्रति आस्था कितनी तेजी से बढ़ रही है।
स्टेशन पर लागू होगा नया नियम
उज्जैन स्टेशन पर इतिहास में पहली बार वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू होगी। भीड़ को संभालने के लिए आरपीएफ ने बड़ा प्लान तैयार किया है। यात्री अब प्लेटफॉर्म नंबर एक की तरफ से ही स्टेशन में एंट्री करेंगे।
वहीं बाहर निकलने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर 8 का इस्तेमाल किया जाएगा। माल गोदाम की तरफ से यात्रियों की एंट्री पूरी तरह बंद रखी जाएगी। इससे स्टेशन (महाकाल दर्शन व्यवस्था)के अंदर अनावश्यक धक्का-मुक्की और भीड़ से बचाव हो सकेगा। रेलवे का मानना है कि यह व्यवस्था सिंहस्थ के लिए भी कारगर साबित होगी।
चलेंगी छह स्पेशल ट्रेनें
महाकाल लोक बनने के बाद से उज्जैन में यात्रियों की संख्या बहुत बढ़ी है। बीते साल सावन में रोज करीब 70 हजार यात्री स्टेशन आते थे। अब आम दिनों में ही 70 हजार का आंकड़ा आसानी से पार हो जाता है। सबसे ज्यादा भीड़ भोपाल रूट से आने वाले श्रद्धालुओं की देखी जा रही है।
इसी दबाव को देखते हुए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। भोपाल रूट पर कुल 6 स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया गया है। इससे दूसरे शहरों से आने वाले यात्रियों का सफर काफी आसान और आरामदायक होगा।
स्टेशन पर बनेगा वाटरप्रूफ शेड
उज्जैन महाकाल दर्शन के लिएस्टेशन परिसर के बाहर एक भव्य वाटरप्रूफ होल्डअप एरिया भी बनाया जा रहा है। इसमें एक समय में लगभग 1200 यात्री आसानी से रुक सकेंगे। बारिश के मौसम में यात्रियों को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
यहां उनके लिए सभी जरूरी और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस शेड की मदद से भीड़ को धीरे-धीरे स्टेशन के अंदर भेजा जाएगा। इससे प्लेटफॉर्म पर एक साथ ज्यादा दबाव नहीं बन पाएगा। यात्रियों को रुकने के लिए सुरक्षित स्थान भी आसानी से मिल जाएगा।
ड्रोन कैमरों से रखी जाएगी नजर
स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत और सख्त बनाया गया है। आरपीएफ ने 50 अतिरिक्त सुरक्षा जवानों की मांग की है। पूरे स्टेशन परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या भी लगातार बढ़ाई जा रही है। पहली बार भीड़ पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल होगा।
ड्रोन से स्टेशन और आसपास के पूरे इलाके की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। किसी भी इमरजेंसी स्थिति से निपटने के लिए टीम हमेशा अलर्ट मोड पर रहेगी। प्रशासन को उम्मीद है कि यह व्यवस्था पूरी तरह सफल साबित होगी।
FAQ
- सावन में उज्जैन स्टेशन पर एंट्री और एग्जिट का क्या नियम है?
उज्जैन स्टेशन पर पहली बार वन-वे सिस्टम लागू किया गया है। यात्री प्लेटफॉर्म नंबर 1 से स्टेशन में प्रवेश करेंगे। प्लेटफॉर्म नंबर 8 से निकास होगा। माल गोदाम की तरफ से एंट्री पूरी तरह बंद रहेगी। - सावन के दौरान उज्जैन के लिए कितनी स्पेशल ट्रेनें चलेंगी?
महाकाल दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे भोपाल रूट पर 6 अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाएगा। इससे रोज आने वाले 95 हजार यात्रियों का सफर आसान होगा। - उज्जैन स्टेशन पर सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के क्या इंतजाम हैं?
स्टेशन परिसर में 1200 यात्रियों की क्षमता वाला वाटरप्रूफ होल्डअप एरिया बना है। सुरक्षा के लिए 50 अतिरिक्त जवान तैनात रहेंगे। भीड़ पर निगरानी रखने के लिए ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल होगा।
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