इंदौर जिला प्रशासन की अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई,कॉलोनाइजर पर 24 करोड़ की पेनल्टी
इंदौर जिला प्रशासन ने कॉलोनी समतलीकरण के नाम पर ली गई खनन मंजूरी का गैरकानूनी खनन में उपयोग करने पर भारी जुर्माना ठोका है। इसमें 24 करोड़ भरने के आदेश हुए हैं।
कलेक्टर शिवम वर्मा के आदेश पर अवैध खनन का केस बना था, जिसमें अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य की कोर्ट में सुनवाई हुई। इसके बाद यह अर्थदंड का आदेश जारी हुआ।
इन पर लगा दंड
यह दंड सतीश चौधरी पिता मनोहर चौधरी व अमित पारिख पिता राजेंद्र पारिख पर लगा है। इनके द्वारा रिंगनोदिया गांव (सांवेर तहसील) के सर्वे नंबर 213/1/1 की 4.171 हेक्टेयर पर मुरम खनन की मंजूरी ली थी।
यह मंजूरी कॉलोनी समतलीकरण के लिए थी। इसमें 30 हजार क्यूबिक मीटर की ही मंजूरी थी लेकिन 80 हजार क्यूबिक मीटर खोद दिया। खनन केंद्रीय जेल के पीछे की ओर तय सीमा से अधिक में हुआ।
इसमें सभी पक्षकारों के बयान हुए। इसके बाद खनिज विभाग का प्रतिवेदन सही पाया गया और इस पर 24 करोड़ की पेनल्टी का आदेश जारी हुआ।
इधर दो करोड़ की पेनल्टी भी लगी
इसी तरह माचला गांव तहसील राउ में भी गोपीचंद पिता छोटेलाल, चंपाबाई, राजेश जिराती, सुधीर चौधरी पर अवैध खनन का केस बना। इसमें सर्वे नंबर 248/49 की 1.336 हेक्टेयर जमीन पर अवैध खनन किया गया। इस पर दो करोड़ की पेनल्टी लगाई गई है।
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