साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को NIA कोर्ट से दूसरी बार जमानती वारंट जारी
भोपाल की पूर्व सांसद और बीजेपी नेत्री Sadhvi Pragya Thakur की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। बताया जा रहा NIA कोर्ट ने इनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। दरअसल मालेगांव ब्लास्ट मामले में प्रज्ञा ठाकुर को कोर्ट में पेश होना था, लेकिन वो कोर्ट में पेश नहीं हो सकीं। जिसके चलते मुंबई की स्पेशल एनआईए कोर्ट (Special NIA Court ) ने प्रज्ञा के खिलाफ दूसरी बार जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि मामले में फाइनल बहस चल रही है और आरोपी का कोर्ट में होना जरुरी है।
पहले भी जारी हो चुका वारंट
मालेगांव विस्फोट मामले में प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ जारी किया गया यह पहला वारंट नहीं है। इस साल मार्च में एनआईए (NIA ) कोर्ट ने भी बीजेपी नेता की गिरफ्तारी के लिए जमानती वारंट जारी किया था। इस पर प्रज्ञा ने अपने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए पेश करने से नहीं हुईं थीं।
जो दुकानदार नेम प्लेट नहीं लगाएगा वो हिंदू नहीं : प्रज्ञा ठाकुर
प्रज्ञा के वकील ने क्या दी कोर्ट में दलील
दरअसल पिछले महीने पूर्व सांसद प्रज्ञा ठाकुर के वकील ने कोर्ट को बताया था कि विस्फोट SIMI ( प्रतिबंधित स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया ) द्वारा किया गया हो सकता है। प्रज्ञा के अधिवक्ता जेपी मिश्रा (Advocate JP Mishra ) ने दावा किया कि मालेगांव के भीकू चौक पर हुए विस्फोट के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को घटनास्थल पर पहुंचने से रोका था।
मालेगांव ब्लास्ट में हुई थी 6 लोगों की मौत
बता दें कि ये मामला साल 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव (Malegaon Maharashtra ) में हुए बम विस्फोट से जुड़ा है। मालेगांव ब्लास्ट (Malegaon blast ) मामले को एनआईए (NIA) को सौंपे जाने से पहले प्रारंभिक जांच महाराष्ट्र एटीएस ने की थी। महाराष्ट्र एटीएस (Maharashtra ATS ) ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ भी की थी। इस ब्लास्ट में छह लोगों की मौत हो गई थी। करीब 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
FAQ
- प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ वारंट क्यों जारी किया गया ?
प्रज्ञा ठाकुर को मालेगांव ब्लास्ट मामले में कोर्ट में पेश होना था, लेकिन वे नहीं आईं, जिसके चलते NIA कोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। - मालेगांव ब्लास्ट मामला क्या है ?
मालेगांव ब्लास्ट मामला 2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए बम विस्फोट से संबंधित है, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 100 लोग घायल हुए थे। - क्या यह पहला वारंट है जो प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ जारी किया गया है?
नहीं, यह पहला वारंट नहीं है। इससे पहले भी मार्च 2023 में NIA कोर्ट ने प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। - प्रज्ञा के वकील ने कोर्ट में क्या तर्क दिए?
प्रज्ञा ठाकुर के वकील ने कोर्ट में कहा कि विस्फोट SIMI (प्रतिबंधित स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) द्वारा किया जा सकता है और स्थानीय लोगों ने पुलिस को घटनास्थल पर पहुंचने से रोका था। - मालेगांव ब्लास्ट की जांच किसने की थी?
मालेगांव ब्लास्ट की प्रारंभिक जांच महाराष्ट्र एटीएस (Maharashtra ATS) ने की थी, और बाद में मामले को NIA को सौंप दिया गया।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक