मयंक बगानी 4.15 करोड़ की लग्जरी घड़ी की स्मगलिंग में उलझे, जमानत रद्द कराने कस्टम पहुंचा हाईकोर्ट

Sanjay Gupta | Jul 23, 2026, 14:00 IST
मयंक बगानी 4.15 करोड़ की लग्जरी घड़ी
इंदौर की 1000 करोड़ से ज्यादा के टर्नओवर वाली कंपनी शिवानी डिटर्जेंट के डायरेक्टर मयंक बगानी लग्जरी घड़ी की तस्करी में घिरे हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें गिरफ्तार किया गया, फिर कोर्ट से जमानत हुई। वहीं, अब विभाग जमानत के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट चला गया है।

इंदौर के धनाढ्य परिवारों में से एक बगानी परिवार के सदस्य मयंक बगानी उलझ गए हैं। वह सिंगापुर से चार करोड़ 15 लाख की कीमत की लग्जरी घड़ी लेकर आए, लेकिन इसकी जानकारी कस्टम को नहीं दी। इसके चलते उन्हें गिरफ्तार किया गया। उन्होंने गिरफ्तारी प्रक्रिया को चुनौती दी, जिस पर पटियाला हाउस दिल्ली कोर्ट से 29 जून को उनकी सशर्त जमानत हुई थी। वहीं, अब इस जमानत को कस्टम विभाग ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।



यह है पूरा मामला

मयंक बगानी पिता कृष्ण चंद बगानी निवासी पता- 11 ए मनीषपुरी एक्सटेंशन, पालीवाल नगर के पास इंदौर इस मामले में आरोपी हैं। इन्हें दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने चार करोड़ 15 लाख की लग्जरी घड़ी के साथ गिरफ्तार किया था।





शिवानी डिटरजेंट के डायरेक्टर मयंक बगानी 4.15 करोड़ की लग्जरी घड़ी के साथ गिरफ्तार, जमानत



सिंगापुर से लेकर आ रहे थे यह घड़ी

कस्टम विभाग द्वारा जिला कोर्ट दिल्ली में दी गई जानकारी के अनुसार मयंक बगानी के पास से रिचर्ड मिल आरएम 35-03 राफेल नडाल मॉडल की घड़ी बरामद की गई। यह घड़ी आरोपी मयंक से दिल्ली एयरपोर्ट पर तब बरामद की गई जब वह सिंगापुर से लौट रहे थे। मयंक ने ग्रीन चैनल पार किया, लेकिन घड़ी को लेकर घोषणा नहीं की गई। कस्टम विभाग ने दिल्ली कोर्ट में आगे की पूछताछ और जांच के लिए मयंक की कस्टडी भी मांगी थी।



लेकिन इस कारण हो गई जमानत

वहीं, इस संबंध में गिरफ्तारी प्रक्रिया में हुई चूक के चलते मयंक की जमानत मंजूर हो गई। मयंक के वकील ने कोर्ट में कहा कि गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर आरोपी को कोर्ट में पेश करना था जो कस्टम विभाग ने नहीं किया।



ना ही गिरफ्तारी के लिखित कारण बताए और ना ही परिजनों को सूचना दी गई। ऐसे में गिरफ्तारी प्रक्रिया का पूरा पालन नहीं करने पर एक लाख रुपए के मुचलके पर मयंक की जमानत मंजूर हो गई।



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कस्टम विभाग ने हाईकोर्ट में की अपील

इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में कस्टम विभाग ने अपील की है और पटियाला कोर्ट के 29 जून के आदेश को रद्द करने की मांग की है। कस्टम विभाग ने कहा है कि बगानी चार करोड़ 15 लाख की घड़ी की स्मगलिंग के आरोपी हैं और उनसे पूछताछ व जांच की जाना है। वहीं, दिल्ली पटियाला कोर्ट ने रिमांड नहीं दी और आरोपी को जमानत दे दी।



जमानत में कई शर्तें लगी थीं, लेकिन इसका भी पालन नहीं हो रहा है। वहीं बगानी के अधिवक्ता ने कहा कि वह जांच में सहयोग करेंगे और नोटिस ले लिया है। साथ ही जवाब देने के लिए चार सप्ताह के समय की मांग की। हाईकोर्ट जस्टिस गिरीश कठपालिया ने इस मामले में जवाब देने के लिए समय देते हुए अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को लगाई है।



इन शर्तों पर मिली है मयंक को जमानत

मयंक को पटियाला हाउस दिल्ली कोर्ट से एक लाख की जमानत राशि पर जमानत दी गई। साथ ही कहा गया कि वह सबूतों से कोई छेड़छाड़ नहीं करेगा, गवाहों को प्रभावित नहीं करेगा। जांच में सहयोग करेगा, हर समय मोबाइल नंबर चालू रखेगा और बिना कोर्ट की मंजूरी के देश छोड़कर नहीं जाएगा। साथ ही जांच में पूरी तरह सहयोग करेगा और हर तारीख पर कोर्ट आएगा।



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बगानी के लगातार विदेश दौरे जांच में

कस्टम विभाग बगानी के पासपोर्ट के आधार पर जांच करना चाहता है कि वह हाल के समय में कितनी बार विदेश गए? क्या उन्होंने इस दौरान कस्टम विभाग को साथ में लाई जाने वाली लग्जरी आइटम की जानकारी दी है या नहीं।



साथ ही यह भी देखा जाना है कि इस घड़ी के लिए भुगतान किस तरह से किया गया? क्या यह नंबर एक में पेमेंट हुआ या इसके लिए किसी तरह की ब्लैक मनी का उपयोग किया गया? इस तरह की खरीदी क्या पहले भी की है।



बताया जा रहा है कि बगानी परिवार के कई और सदस्य भी इस तरह लगातार विदेश दौरे करते हैं। कस्टम विभाग को इसी मामले में बगानी की कस्टडी लेकर पूछताछ करनी है, इसीलिए वह हाईकोर्ट पहुंचा है।



इन कंपनियों से जुड़े हैं मयंक बगानी

मयंक बगानी शिवानी डिटर्जेंट्स प्रालि कंपनी के साथ ही शिवानी ट्रूपेक प्रालि, एडवांटेज वेयरहाउसिंग एलएलपी और रोजगोल्ड रियलिटी प्रालि कंपनी से भी जुड़े हुए हैं।



4.50 से 5.4 करोड़ की है घड़ी, नडाल करते हैं प्रमोट

रिचर्ड मिल आरएम 35-03 ऑटोमैटिक राफेल नडाल (Richard Mille RM 35-03 Rafael Nadal) अल्ट्रा-लग्जरी स्पोर्ट्स घड़ी है। "बेबी नडाल" के नाम से मशहूर इस घड़ी की कीमत इसके मटेरियल और वर्जन के आधार पर लगभग $5,50,000 से $6,50,000 (लगभग 4.5 करोड़ - 5.4 करोड़) के बीच होती है।



इंदौर में बड़ा परिवार है बगानी

इंदौर में बगानी परिवार काफी धनाड्य और प्रतिष्ठित माना जाता है। साल 1995 में शिवानी डिटर्जेंट कंपनी स्थापित हुई थी, इनकी पीथमपुर में डिटर्जेंट की फैक्ट्री है। यह सरगम नाम से उत्पाद बनाते हैं और दिल से साफ इनका टैगलाइन है।



डिटर्जेंट कंपनी में मयंक के साथ ही नरेश बगानी, कुबेर बगानी, रौनक बगानी, चंद्रलाल बगानी और सूरज बगानी डायरेक्टर हैं। इनका निवास मनीषपुरी में है। बताया जाता है कि परिवार के पास करोड़ों की कीमत की कई लग्जरी कारें भी हैं।



लग्जरी घड़ी पर है इतना टैक्स

विदेश से लग्जरी घड़ी लाने पर भारत में 38.5 प्रतिशत टैक्स (कस्टम ड्यूटी व सेस) लगता है। कस्टम नियमों के तहत इसे व्यक्तिगत उपयोग का सामान नहीं माना जाता है। इसलिए पूरा टैक्स लगता है। केवल 75 हजार की कीमत तक की सामग्री ही विदेश से लाने पर टैक्स फ्री होती है। घड़ी आप पहनकर भी आ रहे हैं, तब भी एयरपोर्ट पर घोषणा जरूरी होती है।



सात साल की सजा का प्रावधान

भारत में विदेश से सामान छिपाकर (जिसे तस्करी माना जाता है) लाने, गलत जानकारी देने या बिना डिक्लेरेशन दिए निकलने पर कस्टम विभाग कार्रवाई करता है। इसमें वस्तु की कीमत के आधार पर अलग-अलग कार्रवाई होती है, जिसमें सामान की जब्ती, मूल्य का दो से तीन गुना जुर्माना और टैक्स लगता है। साथ ही प्रतिबंधित/अवैध वस्तु लाने पर व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकते हैं और सात साल की जेल हो सकती है।



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