मीनाक्षी केस: हेमंत खंडेलवाल बोले- कांग्रेस में ही किसी विभीषण ने दी जानकारी

Pawan Modiya | Jun 10, 2026, 17:49 IST
Minakshi-Khandelwal-Election
मध्य प्रदेश में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द हुआ। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि जानकारी छिपाना कांग्रेस की खुद की जिम्मेदारी थी। डॉ. मोहन यादव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी इसी तरह का बयान दे चुके हैं।

    5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला

    • बीजेपी की आपत्ति पर रिटर्निंग ऑफिसर ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया।
    • बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इसे कांग्रेस की जानबूझकर चूक बताया।
    • कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर के किसी विभीषण ने जानकारी दी।
    • विधानसभा परिसर में दोनों दलों के बीच जमकर हंगामा और नारेबाजी हुई।
    • कांग्रेस ने हाई कोर्ट जाने की घोषणा की, विधायकों को बेंगलुरू भेजा।

    विधानसभा में मचा हंगामा

    मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में मंगलवार को उस वक्त बड़ा उलटफेर हुआ जब कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया। रिटर्निंग ऑफिसर (Returning Officer) अरविंद शर्मा ने बीजेपी (Bharatiya Janata Party) की आपत्ति को सही मानते हुए यह फैसला सुनाया।



    भोपाल की विधानसभा में सारे दिन राजनीतिक हलचल बनी रही। दोनों दलों के वरिष्ठ नेता रिटर्निंग ऑफिसर के दफ्तर के बाहर डटे रहे। जांच के दौरान नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। नारेबाजी के बीच कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे और विक्रांत भूरिया ने रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे में घुसने की कोशिश की। पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोका।



    बीजेपी का "विभीषण" वाला आरोप

    भाजपा कांग्रेस के जख्म पर नमक छिड़कने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है।इस पूरे मामले में एक नया और तीखा राजनीतिक मोड़ तब आया जब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि यह कांग्रेस की जानबूझकर की गई चूक है। उन्होंने कहा कि मतदाता को गुमराह करना और रिटर्निंग ऑफिसर को गुमराह करना कांग्रेस की जिम्मेदारी थी। तथ्य वे खुद छिपा रहे थे।सीएम डॉ. मोहन यादव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पहले ही मीनाक्षी के खिलाफ कांग्रेस नेताओं द्वारा जानकारी उपलब्ध कराने की बात कह चुके हैं।



    खंडेलवाल के बयान के बाद कांग्रेस में यह सवाल तेज हो गया कि बीजेपी को हैदराबाद की अदालत वाले केस की जानकारी कहां से मिली। कांग्रेस खेमे में यह चर्चा उठी कि पार्टी के ही किसी अंदरखाने के व्यक्ति यानी "विभीषण" ने यह जानकारी बीजेपी तक पहुंचाई।



    बीजेपी ने क्या कहा था रिटर्निंग ऑफिसर से?

    बीजेपी की ओर से अधिवक्ता (Advocate) संकेत गुप्ता ने रिटर्निंग ऑफिसर के सामने पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ तेलंगाना की हैदराबाद अदालत में लंबित मामले की जानकारी दस्तावेजों में उपलब्ध थी। उस मामले में नटराजन की ओर से जवाब भी दाखिल हो चुका था। इसके बावजूद यह जानकारी शपथ पत्र में शामिल नहीं की गई। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि उम्मीदवार को अपने खिलाफ सभी लंबित मामलों की जानकारी देना अनिवार्य है। बीजेपी ने संपत्ति विवरण में भी विरोधाभास का आरोप लगाया।



    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस फैसले के बाद कहा कि बीजेपी के तीनों उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए। उन्होंने कांग्रेस को आत्ममंथन करने की सलाह दी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से जनता से माफी मांगने की मांग की।



    कांग्रेस का पलटवार

    कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना था कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई दर्ज आपराधिक मुकदमा नहीं है। उन्हें सिर्फ अदालत का एक नोटिस मिला था। सिंघार ने कहा कि कांग्रेस इस फैसले के खिलाफ अदालत जाएगी।



    सिंघार ने सीधे शब्दों में कहा कि एक गांधीवादी महिला उम्मीदवार की बढ़ती स्वीकार्यता से घबराई बीजेपी ने आज लोकतंत्र के मंदिर यानी विधानसभा को राजनीतिक अखाड़ा बनाने की कोशिश की।



    पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने कांग्रेस की सीट हड़पने के लिए दो हथकंडे अपनाए। पहला, कांग्रेस विधायकों को ले जा रही चार्टर्ड फ्लाइट को लंबे समय तक उड़ान की इजाजत नहीं दी गई। दूसरा, नटराजन के नामांकन पर दुर्भावनापूर्ण तरीके से आपत्ति दर्ज कराई गई।



    प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन

    नामांकन रद्द होते ही पूरे मध्य प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। भोपाल में युवा कांग्रेस ने पार्टी दफ्तर के बाहर मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के पुतले फूंके। मंदसौर जिले के शामगढ़ में कार्यकर्ताओं ने चक्काजाम किया। पुलिस ने वाटर कैनन (Water Cannon) का इस्तेमाल करते हुए प्रदर्शनकारियों को हटाया और कई को हिरासत में लिया।



    अब आगे क्या?

    कांग्रेस ने हाई कोर्ट जाने की तैयारी कर ली है। दिल्ली में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव आयुक्त से मिल चुका है। इस नामांकन के रद्द होने से मध्य प्रदेश से बीजेपी के तीनों उम्मीदवारों का निर्विरोध जीतना तय हो गया है। मीनाक्षी नटराजन की जगह पर बीजेपी के उम्मीदवार महेश केवट निर्विरोध चुने जाने की स्थिति में हैं। यह कांग्रेस के लिए राज्यसभा की एक संभावित सीट का सीधा नुकसान है।



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