मोहन कैबिनेट से 48 लाख परिवारों को मिला बड़ा तोहफा, मुफ्त होगी संपत्तियों की रजिस्ट्री

Amresh Kushwaha | Jun 02, 2026, 13:34 IST
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मध्यप्रदेश में मोहन यादव कैबिनेट की बैठक में आज 48 लाख गरीब परिवारों को निशुल्क संपत्ति रजिस्ट्री देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। स्वामित्व योजना से जुड़े इस फैसले से स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस माफ होगी।

Mohan Cabinet: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज यानी 02 जून को कैबिनेट बैठक हुई। इस दौरान मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले जमीन और मकान के मालिकों को सरकार ने बड़ी राहत देने का फैसला किया है। सरकार इन्हें निशुल्क रजिस्ट्री के जरिए संपत्ति का असली मालिकाना हक सौंपेगी।



राजस्व विभाग की ओर से इसका प्रस्ताव आज कैबिनेट में पेश किया गया। वहीं, बैठक में इस पर अंतिम मुहर लग गई है।



48 लाख परिवारों को मिलेगा फायदा

एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि इससे करीब 48 लाख परिवारों को सीधा लाभ होगा। ये वे परिवार हैं जो सालों से अपने घरों में रह रहे हैं, लेकिन उनके पास पक्के दस्तावेज यानी रजिस्ट्री नहीं है।



इन परिवारों को सरकार पहले ही संपत्ति कार्ड बनाकर दे चुकी है। अब इन्हीं कार्डों को बाकायदा कानूनी रजिस्ट्री में बदला जाएगा। इससे इन परिवारों को जमीन और मकान पर पूरा कानूनी हक मिल जाएगा।



करीब 3800 करोड़ रुपए खर्च करेगी सरकार

मध्य प्रदेश सरकार ने तय किया है कि इन लाखों लोगों को उनके पट्टे वाली जमीन की रजिस्ट्री कराकर अधिकारों के कागज दिए जाएंगे। इसके लिए सरकार करीब 3800 करोड़ रुपए खर्च करेगी। अब ये लोग अपनी जमीन पर लोन ले सकते हैं और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ भी उठा सकेंगे।



स्टांप ड्यूटी से मिलेगी राहत

निशुल्क रजिस्ट्री होने से गरीब परिवारों को स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस से बड़ी राहत मिलेगी। आम तौर पर रजिस्ट्री कराने में लाखों रुपए खर्च होते हैं। यह खर्च गरीब परिवारों के लिए बड़ी रुकावट बनता था। अब सरकार यह पूरा खर्च खुद उठाएगी।



मोहन कैबिनेट के अन्य जरूरी फैसले...

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अब सीधे यूनिफॉर्म मिलेगा, पैसे नहीं

पहले एमपी स्कूल शिक्षा विभाग विद्यार्थियों के खातों में 600 रुपए भेजता था, जिन्हें यूनिफॉर्म खरीदने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। वहीं, कई शिकायतों के बाद अब सिस्टम बदल दिया गया है। नई व्यवस्था में टेंडर के जरिए कपड़ा खरीदा जाएगा और तैयार यूनिफॉर्म सीधे विद्यार्थियों को सिलवाकर उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पहले सरकार ने साइकिल वितरण की व्यवस्था में भी इसी तरह सुधार किया था।



इस साल MP ने लगाया गेहूं की सबसे बड़ी खरीद

बैठक में बताया गया कि इस साल देश में सबसे ज्यादा गेहूं मध्य प्रदेश में खरीदा गया। साथ ही समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर भी बात हुई। सरकार ने कहा कि सुझाव लेने की पूरी प्रक्रिया 30 जुलाई तक खत्म कर दी जाएगी।



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