मोहन कैबिनेट के फैसले: कान्हा-पेंच टाइगर रिजर्व को जोड़ने बनेगा 3400 करोड़ का फोरलेन हाईवे
Mohan Cabinet: मध्य प्रदेश में हर मंगलवार की तरह 25 अगस्त को कैबिनेट बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। बैठक के बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इनमें बालाघाट-सिवनी फोरलेन हाईवे को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही, करोड़ों रुपए की योजनाओं पर सहमति बनी है।
हाईवे को मिली हरी झंडी
बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि सिवनी-बालाघाट स्टेट हाईवे को फोरलेन करने का फैसला हो गया है। यह सड़क करीब 91.64 किलोमीटर लंबी है। इसे पेव्ड शोल्डर के साथ फोरलेन बनाया जाएगा। इस मार्ग का करीब 6 किलोमीटर हिस्सा जंगल क्षेत्र में आता है।
यह हिस्सा टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर का भी हिस्सा है। इसलिए यह सड़क पर्यटन की नजर से भी अहम मानी जा रही है। मंत्री ने बताया कि इस हाईवे के बनने से सिवनी से बालाघाट की दूरी तय करने में लगने वाला समय आधा हो जाएगा। अभी यह सफर करीब दो घंटे में पूरा होता है। नई सड़क बनने के बाद यह सफर सिर्फ एक घंटे में पूरा हो सकेगा।
कितनी होगी लागत और कैसे होगा भुगतान
इस हाईवे को हाईब्रिड एन्युटी मॉडल पर बनाया जाएगा। इसकी कुल लागत करीब 3458 करोड़ रुपए आंकी गई है। निर्माण, संधारण और कंसेशन की पूरी अवधि करीब 17 साल तय की गई है। भुगतान की प्रक्रिया भी दो हिस्सों में बांटी गई है। कुल लागत का करीब 40 प्रतिशत यानी करीब 700 करोड़ रुपए निर्माण के दौरान ही दिया जाएगा।
यह राशि 10 किस्तों में चुकाई जाएगी। बाकी बचे 60 प्रतिशत यानी करीब 2250 करोड़ रुपए का भुगतान अगले 15 साल में राज्य के बजट से किया जाएगा। इस पूरे प्रस्ताव पर वित्त विभाग की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। सरकार का कहना है कि इस मॉडल से एक साथ पूरा वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
अब 12 और सड़कें भी बनेंगी
सरकार ने सिर्फ एक हाईवे तक ही योजना सीमित नहीं रखी है। हाईब्रिड एन्युटी मॉडल पर 12 और नई सड़कें बनाने का फैसला हुआ है। इनमें भी वैसा ही भुगतान ढांचा रहेगा। यानी 40 प्रतिशत राशि निर्माण के दौरान और बाकी 60 प्रतिशत आगे के सालों में दी जाएगी। इन सड़कों में भोपाल-विदिशा मार्ग शामिल है। इसकी लंबाई करीब 44.83 किलोमीटर है और लागत करीब 1792 करोड़ रुपए है। खलघाट-मनावर-मांडोगढ़ मार्ग भी इसमें है।
इसकी लंबाई करीब 93.11 किलोमीटर और लागत करीब 3316 करोड़ रुपए है। मंदसौर के सीतामऊ-बसई-सुवासरा मार्ग की लंबाई करीब 82 किलोमीटर है। इस पर करीब 719 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पूर्वी भोपाल बायपास को भी फोरलेन से सिक्स लेन करने का प्रस्ताव पास हुआ है। इसकी लंबाई करीब 51.86 किलोमीटर है और लागत करीब 431 करोड़ रुपए है।
नीमच-मनासा-रामपुरा-झालावाड़ मार्ग की लंबाई करीब 95.85 किलोमीटर है। इन सड़कों के लिए नाबार्ड (National Bank for Agriculture and Rural Development) से करीब 4600 करोड़ रुपए का कर्ज लिया जाएगा। इन सभी सड़कों को एमपीआरडीसी (Madhya Pradesh Road Development Corporation) को सौंपने का प्रस्ताव भी आज पारित हुआ है।
जमीन अधिग्रहण के नियम में बदलाव
आज कैबिनेट ने जमीन अधिग्रहण से जुड़ा एक अहम फैसला भी लिया है। सरकार पहले ही अनिवार्य अधिग्रहण की स्थिति में मुआवजा दो गुना से बढ़ाकर चार गुना कर चुकी है। अब आपसी सहमति से जमीन खरीदने पर भी चार गुना दर देने का प्रावधान जोड़ा गया है।
इसका मतलब है कि अगर किसान खुद जमीन देने को तैयार है तो सरकार सीधे चार गुना दर पर जमीन खरीद सकेगी। इससे अधिग्रहण की लंबी प्रक्रिया में लगने वाला समय बचेगा। पहले सिर्फ अनिवार्य अधिग्रहण में ही यह दर लागू थी। अब आपसी सहमति के मामलों में भी यही दर मिलेगी।
आर्थिक अपराध और साइबर सुरक्षा पर फैसला
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी ईओडब्ल्यू (Economic Offences Wing) से जुड़ा भी एक फैसला हुआ। अभी तक पुराने मामलों में भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी (Indian Penal Code) 1860 की धाराएं लागू होती थीं। एक जुलाई 2024 से भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस (Bharatiya Nyaya Sanhita) लागू हो चुकी है। इसलिए पुरानी धाराओं को नई संहिता के अनुसार बदलने का निर्णय हुआ है।
इसके साथ ही आर्थिक अपराध ब्यूरो को भी इसके लिए अधिकृत किया गया है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग में राज्य कंप्यूटर सिक्योरिटी इंसिडेंट रिस्पांस ऑपरेशन सेंटर की स्थापना को भी मंजूरी मिली है। इसके लिए जरूरी बजट स्वीकृत किया गया है। इसमें 13 पुराने पद समर्पित करके 25 नए पद बनाने का प्रस्ताव भी पास हुआ है।
कल्याणकारी योजनाओं को मिली निरंतरता
सामाजिक न्याय और एमपी दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की 19 योजनाओं को आगे जारी रखने की मंजूरी मिली है। इन पर करीब 1740 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पशुपालन एवं डेयरी विभाग की विकास योजनाओं के लिए भी करीब 973 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
उज्जैन में बन रहे धनवंतरी विश्वविद्यालय के लिए भी नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। कुल मिलाकर आज इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा और सामाजिक कल्याण के लिए करीब 1063 करोड़ रुपए की स्वीकृतियां दी गई हैं।
खिलाड़ियों को मिला सम्मान
आज की बैठक में खेल जगत से जुड़ा भी एक फैसला हुआ। महिला टी-20 वर्ल्ड कप ब्लाइंड में भारतीय टीम ने नेपाल को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। इस टीम में मध्य प्रदेश की तीन खिलाड़ी और तीन प्रशिक्षक शामिल थे। नर्मदापुरम की सुनीता सराठे, बैतूल की दुर्गा येवले और दमोह की सुषमा पटेल ने टीम का हिस्सा बनकर प्रदेश का नाम रोशन किया। इन तीनों खिलाड़ियों को 25-25 लाख रुपए और तीनों प्रशिक्षकों को एक-एक लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा चुकी है। आज कैबिनेट ने इस पर कार्योत्तर स्वीकृति दे दी है।
रक्षाबंधन और जन कल्याण की जानकारी भी दी गई
बैठक में बताया गया कि रक्षाबंधन से पहले लाड़ली बहना योजना के तहत सवा करोड़ बहनों के खाते में 1750 रुपए प्रति बहन के हिसाब से 1148 करोड़ रुपए भेजे गए हैं। रक्षाबंधन के मौके पर हर बहन को अतिरिक्त 250 रुपए भी दिए गए हैं। संबल योजना के तहत नौ हजार से ज्यादा हितग्राहियों के परिवारों को करीब 203 करोड़ रुपए दिए गए हैं।
कुल मिलाकर रक्षाबंधन से पहले करीब 351 करोड़ रुपए बहनों और परिवारों के खातों में भेजे गए हैं। किसानों के लिए फार्मर आईडी बनवाने का अभियान भी 20 अगस्त से शुरू हो चुका है। इसके लिए सरकारी दल खुद किसानों के पास जाकर आईडी बनाएंगे।
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