सीएम मोहन यादव दुबई रवाना, GIS-2027 के लिए देंगे न्योता, 500 निवेशकों से करेंगे सीधी बात
समझें क्या है पूरा मामला
- मुख्यमंत्री मोहन यादव चार दिन के दुबई दौरे पर गए।
- दौरा 6 से 9 सितंबर तक यूएई में चलेगा।
- वे बड़े निवेशकों और कारोबारी नेताओं से मिलेंगे।
- दुबई में मध्यप्रदेश पवेलियन लगाया जाएगा।
- मुख्यमंत्री GIS समिट के लिए न्योता देंगे।
दुबई में मध्यप्रदेश पवेलियन लगाया जाएगा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चार दिन के दुबई दौरे पर रवाना हुए हैं। यह दौरा 6 से 9 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान वे बड़े निवेशकों और वैश्विक कारोबारी नेताओं से मिलेंगे। दुबई में मध्यप्रदेश पवेलियन लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री कई देशों के नेताओं को अगले साल के जीआईएस समिट का न्योता भी देंगे।
मुख्यमंत्री मोहन यादव रविवार को चार दिन के दुबई दौरे पर रवाना हो गए। वे 6 से 9 सितंबर तक यूएई में रहेंगे। इस दौरान वे इन्वेस्ट मध्यप्रदेश-दुबई 2026 के तहत बड़े निवेशकों से सीधे बात करेंगे। मकसद है प्रदेश में नया निवेश लाना।
मुख्यमंत्री का यह दौरा कई मायनों में अहम है। वे संयुक्त अरब अमीरात के उद्योग समूहों, नीति-निर्माताओं और वैश्विक कारोबारी नेतृत्व से मिलेंगे। इससे मध्यप्रदेश में लंबे समय के लिए व्यावसायिक साझेदारी की उम्मीद है।
दुबई में मुख्यमंत्री एआईएम कांग्रेस-2026 में भी शामिल होंगे। यहां मध्यप्रदेश पवेलियन लगाया जाएगा। इसमें प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, पर्यटन और स्थानीय उत्पाद दिखाए जाएंगे।
पहले दिन क्या-क्या होगा
दुबई पहुंचते ही प्रवासी भारतीय समुदाय मुख्यमंत्री का स्वागत करेगा। इसके बाद वे एक जिला-एक उत्पाद (ODOP – One District One Product) स्टॉल का उद्घाटन करेंगे। इस स्टॉल में बेल मेटल, चंदेरी, माहेश्वरी, बाटिक और ग्वालियर कारपेट जैसे उत्पाद रखे जाएंगे।
मुख्यमंत्री भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल से मिलेंगे। वे दुबई के महावाणिज्य दूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी से भी मुलाकात करेंगे। इसके बाद अरब संसद अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यम्माही के सम्मान में कार्यक्रम होगा। यहां मुख्यमंत्री उन्हें जीआईएस (GIS – Global Investors Summit) 2027 का न्योता देंगे।
पहले दिन ही मुख्यमंत्री एआईएम कांग्रेस के खास 'टाइकून्स' कार्यक्रम में जाएंगे। यहां करीब 500 बड़े निवेशक, फैमिली ऑफिस और कॉरपोरेट प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री इनके सामने मध्यप्रदेश की निवेश नीति रखेंगे।
दूसरे दिन पवेलियन का उद्घाटन
7 सितंबर को मुख्यमंत्री एआईएम कांग्रेस-2026 के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। वे लीडर्स सेशन को भी संबोधित करेंगे। इसी दिन मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन होगा।
मुख्यमंत्री रास अल खैमाह के शासक शेख सऊद बिन सक्र अल कासिमी से मिलेंगे। उन्हें भी जीआईएस 2027 का न्योता दिया जाएगा। तातारस्तान के गवर्नर के साथ भी बैठक तय है। इसके अलावा 'इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश-इंडिया' सत्र में प्रदेश की नीतियां सामने रखी जाएंगी।
दूसरे दिन ही यूएई के अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री से बैठक होगी। लूलू ग्रुप इंटरनेशनल के चेयरमैन यूसुफ अली एमए से भी मुलाकात तय है। एआईएम कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी से भी बात होगी।
तीसरे दिन बड़े उद्योग समूहों से बैठक
8 सितंबर को मुख्यमंत्री का पूरा फोकस निवेशकों पर रहेगा। वे राणा होल्डिंग्स, जेम्स एजुकेशन, क्रेसेंट ग्रुप, प्योर हेल्थ, शराफ ग्रुप, चोइथराम्स और डीपी वर्ल्ड जैसे समूहों से अलग-अलग मिलेंगे। केजीके ग्रुप, वेस्ट जोन, विस्टास मीडिया कैपिटल और वीएफएस ग्लोबल के प्रतिनिधि भी इस सूची में हैं।
इसके बाद शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अब्दुल्ला सुल्तान अल ओवैस से राउंड टेबल बैठक होगी। इसमें आईबीपीसी (IBPC – Indian Business and Professional Council) शारजाह के प्रतिनिधि भी रहेंगे। यहां भी मुख्यमंत्री निवेशकों को जीआईएस 2027 के लिए बुलाएंगे।
180 से अधिक देशों के प्रतिनिधि से चर्चा
एआईएम कांग्रेस दुनिया के बड़े निवेश मंचों में शामिल है। इसका आयोजन दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के संरक्षण में हो रहा है। यह सम्मेलन 7 से 9 सितंबर 2026 तक चलेगा।
इसमें 180 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन में करीब 20 हजार प्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना है। सीएम मोहन यादव यूएई के विशेष आमंत्रण पर शामिल हो रहे हैं। यह निमंत्रण एआईएम कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. थानी बिन अहमद अल जेयूदी ने दिया है।
रियल एस्टेट और पर्यटन पर भी फोकस
मुख्यमंत्री बीआह ग्रुप के सीईओ से मिलेंगे। दुबई के बड़े समूह इमार के सीईओ से भी बैठक होगी। इसमें रियल एस्टेट और शहरी विकास में निवेश पर बात होगी।
दौरे के आखिरी दिन शाम को 'इन्वेस्ट मध्यप्रदेश: निवेश अवसरों पर संवाद' सत्र रखा गया है। इसमें यूएई के विशेष दूत बद्र जाफर खास मेहमान होंगे। मुख्यमंत्री यहां प्रदेश की औद्योगिक और पर्यटन क्षमता सामने रखेंगे।
9 सितंबर को मुख्यमंत्री दुबई से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। इस पूरे दौरे को मध्यप्रदेश के लिए बड़ा आर्थिक मौका माना जा रहा है। आने वाले महीनों में इसका असर नई निवेश घोषणाओं के रूप में दिख सकता है।
जीआईएस 2027 पर क्यों जोर
पूरे दौरे में मुख्यमंत्री बार-बार निवेशकों और वैश्विक नेताओं को जीआईएस 2027 का न्योता दे रहे हैं। यह दिखाता है कि सरकार अगले साल होने वाले इस समिट को कितनी गंभीरता से ले रही है। सरकार चाहती है कि इस बार समिट में पिछली बार से ज्यादा निवेश प्रस्ताव आएं।
दुबई में मौजूद बड़े कारोबारी समूहों से सीधा संपर्क होने से प्रदेश को अपनी नीतियां समझाने का मौका मिलेगा। इससे निवेशकों को यह भी भरोसा मिलेगा कि मध्यप्रदेश में कारोबार करना आसान और सुरक्षित है।
राज्य सरकार का दावा है कि पिछले कुछ सालों में उद्योगों के लिए मंजूरी प्रक्रिया पहले से तेज हुई है। सरकार को उम्मीद है कि दुबई दौरे से मिली प्रतिक्रिया आने वाले निवेश समिट में साफ नजर आएगी।
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