SIR विवाद पर बोले सीएम मोहन यादव, राहुल गांधी से कुनबा नहीं संभल रहा
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्यप्रदेश में SIR को लेकर बयानबाजी तेज है।
- भाजपा और कांग्रेस इस मुद्दे पर आमने-सामने हैं।
- मोहन यादव ने राहुल गांधी पर निशाना साधा।
- उन्होंने राहुल गांधी के इस्तीफे की मांग की।
- हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
मध्यप्रदेश में SIR को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। रविवार को भाजपा कार्यालय में सीएम मोहन यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से अपना कुनबा नहीं संभल रहा। मोहन यादव ने राहुल गांधी के इस्तीफे की मांग की। भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया हैं।
यह कॉन्फ्रेंस ऐसे समय हुई जब चुनाव आयोग की SIR (Special Intensive Revision – विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं। कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है। भाजपा इसे बेबुनियाद बता रही है।
सीएम मोहन यादव का राहुल पर हमला
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की राजनीति में एक तरफ NDA (National Democratic Alliance – राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) है। दूसरी तरफ UPA (United Progressive Alliance – संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) है। उन्होंने कांग्रेस के सहयोगी दलों से रिश्तों पर तंज कसा। अखिलेश यादव का उदाहरण दिया। सीएम ने कहा, अखिलेश रायबरेली जा रहे हैं तो आप कह रहे हो कि मैं सैफई में भी आ सकता हूं।
मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस का अपना कुनबा ही नहीं संभल रहा। वह अपने साथियों की गिरेबान में हाथ डालते-डालते उनकी गर्दन दबाने का काम कर रही है। उन्होंने कांग्रेस छोड़कर गए नेताओं का भी जिक्र किया।
एसआईआर पर सीएम का तंज
SIR को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर मोहन यादव ने पुरानी कहावत दोहराई। कहा, "नाच न जाने, आंगन टेढ़ा" वाली स्थिति कांग्रेस की है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यह दुनिया का सबसे युवा देश भी है। ऐसे में विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी बनती है कि वे संस्थाओं की मर्यादा का ध्यान रखें।
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के पुराने बयानों का जिक्र किया। सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट और 'चौकीदार चोर' जैसे मामले गिनाए। कहा कि राहुल गांधी को पहले भी माफी मांगनी पड़ी है। मोहन यादव ने कहा कि चुनाव आयोग SIR को लेकर अपनी स्थिति साफ कर चुका है। फॉर्म-6 के डिक्लेरेशन पर भी आयोग स्पष्टीकरण दे चुका है। इसके बावजूद कांग्रेस सवाल उठा रही है। उन्होंने राहुल गांधी से माफी की मांग की।
खंडेलवाल का बयान
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग पर बार-बार आरोप लगा रही है। इससे जनता में भ्रम और अविश्वास फैल रहा है। उन्होंने बताया कि 26 सितंबर को तीनों चुनाव आयुक्तों ने साथ मिलकर स्थिति स्पष्ट की थी। खंडेलवाल ने कहा कि आंतरिक विचार-विमर्श सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। इसे आधार बनाकर आरोप लगाना गलत है।
फॉर्म-6 पर उठे सवाल का जवाब
खंडेलवाल ने फॉर्म-6 से जुड़े सवालों का भी जवाब दिया। कहा कि आयोग स्पष्ट कर चुका है कि इसमें कोई मनमाना बदलाव नहीं हुआ।उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 324 का हवाला दिया। हेमंत ने कहा कि जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत आयोग को विशेष पुनरीक्षण का अधिकार है। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया में कानूनी सुरक्षा भी मौजूद है।
दोहरे मापदंड का आरोप
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। कहा कि केरल और हिमाचल प्रदेश में जीत के बाद कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाए। जिन राज्यों में हार मिली, वहीं आपत्ति जताई जा रही है।
उन्होंने कहा कि बिना सत्ता के रहना कांग्रेस का स्वभाव नहीं है। लेकिन जनता कांग्रेस की राजनीति को नजदीक से देख रही है। पार्टी को अपनी कमियों पर विचार करना चाहिए।
इस्तीफे की मांग
मोहन यादव ने राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाया। कहा कि कांग्रेस नेताओं को अपने नेतृत्व से सवाल पूछने चाहिए। अगर पार्टी लगातार बिखर रही है तो वजह भीतर तलाशनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के इस्तीफे की मांग की। कहा कि कांग्रेस नेताओं को अपने 'राजकुमार' को समझाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका अहम होती है। इसलिए जिम्मेदार आचरण की उम्मीद भी रहती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजगोपाल लोया भी मौजूद रहे।
ये भी पढ़ें...
सीएम मोहन यादव ने खुद के पैतृक घर पर चलाई गैंती, कहा- नियम सब के लिए समान
सीएम मोहन यादव को जान से मारने की धमकी, आरोपी पकड़ाया, किए कई खुलासे
एमपी पुलिस बैंड आरक्षक भर्ती रिजल्ट जारी, 560 उम्मीदवार हुए चयनित, ऐसे करें चेक
3 अक्टूबर को एमपी आ सकते हैं अमित शाह, भोपाल में जुटेंगे 4 राज्यों के मंत्री और पशुपालक