एमपी हनी ट्रेप पार्ट 1: क्या था 2019 का हनी ट्रैप कांड, जिसने हिला दी थी मध्य प्रदेश की राजनीति?
2019 का हनी ट्रैप कांड
मध्य प्रदेश का चर्चित हनी ट्रैप मामला सितंबर 2019 में सामने आया था। इस कांड ने पूरी राजनीति हिला कर रख दी थी। इस मामले में कई नेता और अधिकारी फंसे हुए थे।
उस समय पुलिस ने इंदौर और भोपाल से पांच महिलाओं और एक आदमी को गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि ये महिलाएं राजनेताओं, अधिकारियों और कुछ पुलिस अफसरों को फंसाती थीं। इनके वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था।
इनसे करोड़ों रुपये ऐठे गए और इनके दबाव या पद का इस्तेमाल करके बड़े ठेके भी लिए गए। कुछ पत्रकारों के नाम भी सामने आए थे, जिन्होंने अधिकारियों और इन महिलाओं के बीच लेन‑देन करवाया।
इसके बाद केस की जांच एसआईटी को दी गई, लेकिन भाजपा की सरकार आने के बाद इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। कहा गया कि मामले में ज्यादातर नाम भाजपा नेताओं के सामने आ रहे थे।
कैसे हुआ खुलासा
मध्य प्रदेश में सितंबर 2019 की बात है। इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह शहर के पलासिया पुलिस थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि कुछ महिलाएं उन्हें ब्लैकमेल कर रही हैं। अश्लील वीडियो के नाम पर तीन करोड़ रुपए मांगे जा रहे थे। यहीं से मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा हनी ट्रैप कांड सामने आया।
उस समय प्रदेश में कमलनाथ की कांग्रेस सरकार थी। बता दें कि 2018 में 15 साल बाद कांग्रेस सत्ता में आई थी। हनी ट्रैप का यह मामला पूरी राजनीति को हिला देने वाला साबित हुआ।
कैसे काम करता था यह गैंग
पुलिस जांच में पूरा जाल सामने आया। एक महिला ने नौकरी दिलाने का बहाना बनाया। इस बहाने से इंजीनियर हरभजन की एक 18 साल की छात्रा से दोस्ती करवाई गई। फिर होटल में मोबाइल से सेक्स वीडियो बना लिया गया। यह सिलसिला आठ महीने तक चला। बाद में परेशान इंजीनियर आखिरकार पुलिस के पास पहुंचा।
पुलिस ने इंजीनियर से फोन करवाया। महिला को 50 लाख रुपए लेने इंदौर बुलाया गया। इसके बाद 17 अक्टूबर 2019 को महिला कार में छात्रा के साथ आई और पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया।
कौन थीं मुख्य आरोपी
हनी ट्रैप गैंग में पांच महिलाएं और एक पुरुष मुख्य भूमिका में थे। श्वेता स्वप्निल जैन , श्वेता विजय जैन (39), आरती दयाल (29), मोनिका यादव (19), बरखा सोनी (34) और ड्राइवर ओमप्रकाश कोरी इस गैंग के मुख्य सदस्य थे।
इस गैंग का तरीका बहुत सोचा-समझा था। श्वेता विजय जैन अफसरों और नेताओं से आरती दयाल की दोस्ती करवाती थी। आरती उन्हें अपने जाल में फंसाकर वीडियो बना लेती थी। फिर श्वेता के इशारे पर रुपए वसूले जाते थे।
100 से ज्यादा वीडियो, बड़े नाम बेनकाब
इस गैंग ने ब्लैकमेलिंग से करोड़ों रुपए जमा किए। इनके पास 100 से अधिक सेक्स वीडियो मिले। इनमें 20 से ज्यादा आईएएस (Indian Administrative Service) और आईपीएस (Indian Police Service) अफसरों के वीडियो शामिल थे। एक पूर्व मुख्यमंत्री, दो मंत्री, तीन पूर्व मंत्री, एक पूर्व सांसद, 14 आईएएस और 9 आईपीएस अफसर इस गैंग के शिकार बने। एक पूर्व सांसद ने अपना वीडियो देखकर आत्महत्या की कोशिश भी की थी।
पॉश इलाके से रची गई साजिश, मंत्रियों से बनाया संपर्क
गैंग की मुख्य सूत्रधार भोपाल के बेहद महंगे इलाके रिवेरा टाउन में रहती थी। वह एक विधायक के घर में 35 हजार रुपए महीने के किराए पर रहती थी। इस कॉलोनी में पूर्व मंत्रियों और कमलनाथ सरकार के विधायकों के भी घर थे। इसी रसूख के दम पर नेता और अफसर उसके जाल में आसानी से आ जाते थे। कहा जाता है कि जिस बंगले में वह रहती थी, वह एक पूर्व मुख्यमंत्री ने दिलवाया था।
सेक्स सीडी और पेन ड्राइव विवाद
जांच आगे बढ़ी तो सेक्स सीडी और पेन ड्राइव भी सामने आईं। कांग्रेस नेता गोविंद सिंह ने एक बयान देकर सनसनी फैला दी थी। उन्होंने कहा था कि उनके पास बीजेपी और आरएसएस (Rashtriya Swayamsevak Sangh) नेताओं की सेक्स सीडी है। उन्होंने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष (तत्कालीन) वीडी शर्मा को घर बुलाकर सीडी दिखाने का न्योता भी दिया।
बीजेपी लगातार आरोप लगाती रही कि कमलनाथ ने यह पेन ड्राइव अपने पास रख ली। एक बार कमलनाथ ने खुद पेन ड्राइव अपने पास होने का दावा किया था। इसके बाद एसआईटी (Special Investigation Team) ने उन्हें नोटिस भेजा और पेन ड्राइव मांगी। लेकिन बाद में कमलनाथ ने पलटकर कहा कि उनके पास कोई पेन ड्राइव नहीं है।
जांच ठंडे बस्ते में क्यों गई
प्रदेश में बीजेपी की सरकार आने के बाद यह मामला धीरे-धीरे ठंडा पड़ गया। यह दावा किया जाता है कि सेक्स वीडियो में अधिकतर नाम बीजेपी नेताओं के थे। इसीलिए भाजपा सरकार ने जांच आगे नहीं बढ़ाई। कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने कहा था कि सभी दस्तावेज सरकार के पास हैं और सभी नाम बीजेपी के हैं।
वीडी शर्मा ने इस मामले में कमलनाथ पर सवाल उठाया था। उन्होंने पूछा था कि सीडी उनके पास आई कैसे। इस मामले में शर्मा ही कांग्रेस पर सबसे ज्यादा हमलावर रहे।
अब श्वेता जैन फिर सक्रिय
2019 की मुख्य आरोपी श्वेता जैन ने एक बार फिर वही रास्ता अपनाया। इस बार उसने इंदौर के एक बड़े शराब कारोबारी को निशाना बनाया। फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। करोड़ों रुपए की रंगदारी मांगी। शिकायत मिलने के बाद इंदौर क्राइम ब्रांच हरकत में आई। श्वेता जैन समेत पांच लोगों को हिरासत में ले लिया गया है।
एमपी हनी ट्रेप पार्ट 1 से लेकर अबतक की टाइमलाइन...
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