MP आबकारी भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा: रतलाम में SIT जांच शुरू, 12 अभ्यर्थी संदेह में
5 पॉइंट में समझें क्या है पूरा मामला:
- MP आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 2024 में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी पकड़ी गई है।
- रतलाम के परीक्षा केंद्र पर 12 अभ्यर्थियों का व्यवहार बेहद संदिग्ध रहा।
- इन अभ्यर्थियों ने पहले एक घंटे तक माउस नहीं छुआ, फिर 15 मिनट में पूरा पेपर हल कर लिया।
- परीक्षा कराने वाली कंपनी पहले से ही कई राज्यों में ब्लैकलिस्टेड है।
- रतलाम पुलिस ने SIT बनाई है और दो टीमें अलग-अलग दिशाओं में जांच कर रही हैं।
MP आबकारी भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा
मध्यप्रदेश में एक सरकारी भर्ती परीक्षा बड़े घोटाले में फंस गई है। कर्मचारी चयन मंडल (ESB) की आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 2024 में धांधली का पर्दाफाश हुआ है। रतलाम से शुरू हुई यह जांच अब कई जिलों तक पहुंच गई है।
12 अभ्यर्थियों ने एक घंटे माउस तक नहीं छुआ
जांच में एक हैरान करने वाली बात सामने आई है। 12 अभ्यर्थी दो घंटे की परीक्षा में पहले एक घंटे तक चुपचाप बैठे रहे और माउस को हाथ तक नहीं लगाया। फिर अचानक सिर्फ 15 से 30 मिनट में 100 सवाल हल कर दिए। यह रफ्तार किसी भी सामान्य छात्र के लिए संभव नहीं है।
पहले 50 से कम नंबर, इस बार 90 से ज्यादा कैसे?
इन 12 अभ्यर्थियों का पुराना रिकॉर्ड भी संदिग्ध है। ये पहले दूसरी पुलिस भर्ती परीक्षाओं में 50 से कम नंबर लाते रहे हैं, लेकिन इस बार इन सभी ने 90 से ज्यादा अंक प्राप्त किए और 100 पर्सेंटाइल हासिल की। अचानक आया इतना बड़ा बदलाव संदेह की सबसे बड़ी वजह बना।
एक ही शख्स ने सबकी मदद की
जांच में यह भी सामने आया कि सभी 12 अभ्यर्थियों की मदद एक ही व्यक्ति ने की थी। ये सभी अलग-अलग तारीखों और शिफ्टों में परीक्षा देने आए थे, लेकिन परीक्षा केंद्र एक ही था और मदद करने वाला भी एक ही व्यक्ति था। यह साफ करता है कि यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी।
SIT गठित, दो टीमें जांच में जुटीं
SP अमित कुमार ने इस मामले की जांच के लिए SIT बनाई है। एक टीम भोपाल गई है जो CCTV डेटा और तकनीकी सबूत जुटा रही है। दूसरी टीम भिंड और मुरैना में उन 12 अभ्यर्थियों की तलाश कर रही है।
रतलाम पब्लिक स्कूल पर बड़ी कार्रवाई
रतलाम पब्लिक स्कूल इस परीक्षा का सबसे बड़ा केंद्र था, जहां करीब 4500 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। यहां 357 कंप्यूटर पांच कमरों में लगाए गए थे और परीक्षा दो शिफ्टों में हुई थी। घोटाले के बाद ESB ने इस स्कूल को आगामी सभी परीक्षाओं के लिए प्रतिबंधित (बैन) कर दिया है। पुलिस ने स्कूल संचालिका संयोगिता सिंह से पूछताछ की और पूरे स्कूल का नक्शा भी तैयार किया है।
परीक्षा कराने वाली कंपनी पहले से संदिग्ध
यह परीक्षा मुंबई की कंपनी एप्टेक लिमिटेड ने कराई थी। यह कंपनी उत्तर प्रदेश और असम में पहले ही ब्लैकलिस्ट हो चुकी है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में इस पर पेपर लीक और स्क्रीन शेयरिंग के मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद इसे MP में परीक्षा का जिम्मा दिया गया, जो अब जांच का हिस्सा है।
कब और कैसे शुरू हुआ यह मामला?
यह परीक्षा 9 से 21 सितंबर 2025 के बीच भोपाल, इंदौर, रतलाम समेत 11 शहरों में हुई थी। सिस्टम एनालिस्ट प्रणीत सिजरिया की शिकायत पर 2 मार्च को भोपाल थाने में केस दर्ज हुआ, जिसे बाद में रतलाम ट्रांसफर कर दिया गया। CSP सत्येंद्र घनघोरिया ने बताया कि जांच पूरी तेजी से चल रही है।
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