गाय और कुत्ते पर तीखी बहस: एमपी विधानसभा में BJP–Congress आमने-सामने, धर्म और सुरक्षा पर सियासत

Ramanand Tiwari | Feb 17, 2026, 21:27 IST
Photograph: (the sootr)
मध्य प्रदेश विधानसभा में दो अहम मुद्दों पर जमकर बहस हुई। गाय को ‘राष्ट्र पशु’ बनाने की मांग, भोपाल में बढ़ते डॉग बाइट केस मुद्दा बने। कांग्रेस और भाजपा ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए।

News in Short

  • कांग्रेस विधायक ने गाय को 'राष्ट्र पशु' बनाने की मांग की, धर्म और सियासत में बहस।
  • भाजपा ने इस प्रस्ताव को "पब्लिसिटी स्टंट" करार दिया, और मस्जिद जाने की सलाह दी।
  • भोपाल में 2025 में 19,000 से ज्यादा डॉग बाइट मामले दर्ज, नसबंदी नीति पर सवाल उठे।
  • मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नसबंदी नीति को पुराना और कुपोषण को जिम्मेदार ठहराया।
  • कांग्रेस ने वैक्सीनेशन और मुआवजे की गुणवत्ता की जांच की मांग की, सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।

News in Detail

BHOPAL. मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन राजनीति दो मुद्दों पर भड़क उठी-गाय को ‘राष्ट्र पशु’ बनाने की मांग और भोपाल में बढ़ते डॉग बाइट केस। कांग्रेस ने सरकार को घेरा, तो भाजपा ने इसे “पब्लिसिटी स्टंट” करार देकर पलटवार किया। धर्म, कानून, सुरक्षा और प्रशासन-चारों पर बहस हुई और सदन का माहौल गरमा गया।



गाय को ‘राष्ट्र पशु’ बनाने की मांग

आतिफ अकील ने सदन में अशासकीय संकल्प पेश कर गाय को राष्ट्र पशु घोषित करने की मांग उठाई उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा है, इसलिए उसे राष्ट्रीय पशु का सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि गाय की मृत्यु पर अंतिम संस्कार सम्मानपूर्वक हो और चमड़े के व्यापार पर रोक लगे।



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आतिफ अकील की प्रमुख दलीलें...

  • गाय को राष्ट्र पशु घोषित किया जाए।
  • गाय की मृत्यु पर सम्मानजनक अंतिम संस्कार हो।
  • चमड़े के व्यापार पर रोक लगे।
  • भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है।
  • उन्होंने याद दिलाया कि 2017 में उनके पिता भी ऐसा प्रस्ताव लाए थे।
  • बहुमत के अभाव में पारित नहीं हो सका।

भाजपा का पलटवार: “मस्जिद जाकर अपील करें”

बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस प्रस्ताव को “पब्लिसिटी स्टंट” बताया। उन्होंने कहा कि आतिफ अकील को मस्जिद जाकर अपील करनी चाहिए कि मुसलमान गाय न काटें और न खाएं। उन्होंने दो टूक कहा कि मध्य प्रदेश में गायों को कटने नहीं दिया जाएगा। इस बयान के बाद सदन में शोर-शराबा बढ़ गया और दोनों दल आमने-सामने आ गए।



भोपाल में 19 हजार डॉग बाइट केस, सरकार को घेरा

“नसबंदी पर करोड़ों खर्च, फिर भी हालात बेकाबू” कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए भोपाल में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों का मुद्दा उठाया।



उनका दावा है कि 2025 में 19,000 से ज्यादा डॉग बाइट के मामले दर्ज हुए। उन्होंने कहा कि नसबंदी के नाम पर हर साल करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं, लेकिन सड़कों पर कुत्तों के झुंड कम नहीं हो रहे।



विपक्ष के मुख्य आरोप

  • 2025 में 19,000+ डॉग बाइट केस।
  • नसबंदी पर करोड़ों खर्च, असर सीमित।
  • कई इलाकों में कुत्तों के झुंड सक्रिय।
  • स्थिति“विस्फोटक” होती जा रही है।

सीएम मोहन यादव का जवाब

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि नसबंदी की नीति पुरानी है और इसकी जड़ें पिछली सरकारों तक जाती हैं। उन्होंने कहा कि आवारा श्वान लंबे समय से समुदाय का हिस्सा हैं, लेकिन मौसम और कुपोषण से आक्रामकता बढ़ती है। सरकार के मुताबिक भोपाल में एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) नियम लागू हैं और कार्रवाई जारी है।



सरकार के दावे: क्या कदम उठाए गए?

नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सदन में ये जानकारी दी:



  • नसबंदी केंद्र 1 से बढ़ाकर 3 किए गए (2023 से)।
  • भारत सरकार से मान्यता प्राप्त एनजीओ द्वारा नसबंदी।
  • 5,023 एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध।
  • ऑपरेशन के बाद कुत्तों को उसी क्षेत्र में छोड़ा जाता है।
  • डॉग स्क्वॉड आक्रामक कुत्तों को पकड़कर आश्रय स्थल भेजता है।

मंत्री ने कहा कि वैक्सीन की कोई कमी नहीं है।



मुआवजा और वैक्सीन पर सवाल

कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई ने कहा कि वैक्सीन लगने के बाद भी मौतों की खबरें आ रही हैं। उन्होंने मांग की: रैबीज टीकों की गुणवत्ता की जांच हो। डॉग बाइट से मौत पर मुआवजे का आंकड़ा सार्वजनिक हो।



बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चले। उन्होंने एक घटना का जिक्र किया, जिसमें कुत्तों के झुंड ने एक बच्चे को गंभीर रूप से घायल कर दिया।



सियासत का बड़ा एंगल: धर्म बनाम प्रशासन?

एक ही दिन में सदन में दो अलग-अलग लेकिनसंवेदनशील मुद्दे उठे। एक तरफ गाय को राष्ट्र पशु बनाने की मांग ने धार्मिक और राजनीतिक बहस छेड़ दी।



दूसरी तरफ डॉग बाइट के मुद्दे ने शहरी सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए। भाजपा ने इसे विपक्ष की राजनीति बताया, तो कांग्रेस ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। गाय को राष्ट्र पशु बनाने की मांग से सदन गरमाया। भाजपा ने प्रस्ताव को “पब्लिसिटी स्टंट” बताया। भोपाल में 19,000+ डॉग बाइट केस का दावा। नसबंदी और वैक्सीन पर सरकार-विपक्ष में तीखी बहस। बच्चों की सुरक्षा और मुआवजे पर जवाब मांगा गया।



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सियासत जारी, समाधान का इंतजार

मध्य प्रदेश विधानसभा में यह साफ दिखा कि धर्म और जनसुरक्षा जैसे मुद्दे राजनीति के केंद्र में हैं। अब नजर इस बात पर है कि क्या यह बहस ठोस नीति और जमीनी कार्रवाई में बदलेगी, या सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहेगी।





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