गलत जवाब पर सरकार की किरकिरी, यूजी कॉलेज को बताया पीजी
BHOPAL मध्य प्रदेश विधानसभा में शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन सरकार की किरकिरी हो गई। उच्च शिक्षा विभाग की लापरवाही पर मंत्री को सदन में इसे त्रुटि बताते हुए जवाब देना पड़ा। कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह के प्रश्न के जवाब में विभागीय अधिकारियों ने गलत जानकारी दी थी। राघौगढ़ कॉलेज में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने की मांग पर उच्च शिक्षा मंत्री ने प्रस्ताव विचाराधीन होने की जानकारी दी। उन्होंने छात्र संख्या कम होने की स्थिति में पाठ्यक्रम शुरू करने और परीक्षण में मापदंडों के अनुरूप न होने के कारण कॉलेज को स्नातकोत्तर में उन्नयन कर पाने में असमर्थतता जता दी।
शीतकालीन सत्र के पहले दिन विधानसभा में देश की विभूतियों, संसद और विधानसभा के पूर्व सदस्यों, राष्ट्रीय अलंकरणों से सम्मानित कलाधर्मी और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। इससे पहले उपचुनाव जीतकर आए बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव और अमरवाड़ा विधायक कमलेश प्रताप शाह को शपथ दिलाई गई।
अमृत सरोवर, चेकडैम पर खर्च राशि का सवाल
शपथ और श्रद्धांजलि के बाद प्रश्नकाल के दौरान डबरा से कांग्रेस विधायक सुरेश राजे (Congress MLA Suresh Raje) ने रोजगार गारंटी योजना की मद से साल 2001 से 2024 के बीच बनाए गए अमृत सरोवर, चेकडैम पर खर्च राशि पर सवाल किया। उन्होंने अनियमितताओं की शिकायत पर जांच और कार्रवाई के बारे में भी जानना चाहा। जवाब में पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल (Minister Prahlad Singh Patel) ने ग्वालियर, डबरा, मुरार, भितरवार अंचल में अमृत सरोवर-चेकडैम के संबंध में जानकारी दी। इसके साथ ही मंत्री पटेल ने बताया कि इनके निर्माण में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की शिकायत विभाग को प्राप्त नहीं हुई है।
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जयवर्धन सिंह ने किया यह सवाल
प्रश्नकाल के दौरान दूसरा प्रश्न राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह का था। उनका सवाल राघौगढ़ शासकीय कॉलेज से संबंधित था। जिसमें पूछा था कि शासकीय कॉलेज राघौगढ़ का पीजी में कब उन्नयन हुआ है। उसे जीवाजी विश्वविद्यालय से कब संबद्धता प्राप्त हुई। कांग्रेस विधायक ने स्नातकोत्तर में उन्नयन होने के बाद कॉलेज में शिक्षकों की नियुक्ति और एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों के बारे में भी जानकारी चाही थी।
यहां भी मिल रहा गलत जवाब....
गलती को ठीक कर भेजा सही जवाब
इस पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार (Minister Inder Singh Parmar) ने कहा कि "विभागीय अधिकारियों ने त्रुटिवश दूसरे कॉलेज का जवाब दे दिया था। गलती को ठीक कर सही जवाब भेजा गया है। मंत्री ने कहा कि दो अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कक्षाओं में निर्धारित मापदंड पूरे न करने की वजह से स्नातकोत्तर में उन्नयन नहीं कराया जा सकता। जिन कक्षाओं में 100 से ज्यादा संख्या में विद्यार्थी प्रवेश लेते हैं उनमें स्नातकोत्तर कक्षा शुरू की जा सकती है। उन्होंने कला संकाय में पीजी कक्षा शुरू करने पर विचार करने का आश्वासन दिया।
FAQ
- राघौगढ़ शासकीय कॉलेज में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम कब शुरू होगा?
मंत्री ने बताया कि स्नातकोत्तर कक्षाएं कॉलेज की सुविधाओं के अनुसार शुरू की जा सकती हैं, हालांकि कला संकाय में विचार हो रहा है। - स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए कॉलेज को क्या मापदंड पूरे करने होंगे?
कॉलेज में स्नातकोत्तर कक्षाएं शुरू करने के लिए कॉलेज में 100 से अधिक छात्रों की संख्या और अन्य मापदंडों को पूरा करना जरूरी है। - कॉलेज में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की शुरुआत के लिए कोई कदम उठाए गए हैं?
मंत्री ने कला संकाय में स्नातकोत्तर कक्षा शुरू करने पर विचार करने का आश्वासन दिया है। - जयवर्धन सिंह ने मंत्री से क्या सवाल पूछा था?
उन्होंने राघौगढ़ कॉलेज में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की स्थिति और कॉलेज के उन्नयन के बारे में पूछा था। - मंत्री ने गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों के खिलाफ क्या कदम उठाए?
मंत्री ने कहा कि दो अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है और गलती को सुधार कर सही जवाब भेजा गया है।
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